मिर्जापुर में दिल दहला देने वाला डबल मर्डर : सौतेली मां और भाई की हत्या कर शव ठिकाने लगाने निकला आरोपी गिरफ्तार

मिर्जापुर में पारिवारिक विवाद में हत्या का शिकार हुई सौतेली मां और बेटा की संयुक्त तस्वीर।

कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सामने आई यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों के भीतर पनप रहे तनाव, अविश्वास और हिंसा की भयावह तस्वीर भी पेश करती है। मड़िहान इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी सौतेली मां और सौतेले भाई की नृशंस हत्या कर दी और शवों को ठिकाने लगाने की तैयारी तक कर ली, लेकिन राहगीरों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता से पूरा मामला खुल गया।

सुबह की कहासुनी ने लिया खौफनाक मोड़

मंगलवार तड़के मड़िहान बाजार क्षेत्र उस वक्त सन्न रह गया, जब एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या की खबर सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी राहुल गुप्ता और उसके सौतेले भाई आयुष गुप्ता के बीच सुबह करीब पांच बजे किसी घरेलू विवाद को लेकर कहासुनी हुई। शुरू में यह विवाद सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए। गुस्से में आए राहुल ने पास रखे धारदार चाकू से आयुष पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

बीच-बचाव करने आई मां भी बनी शिकार

जब आयुष पर हमला हुआ तो उसकी मां ऊषा, जो राहुल की सौतेली मां थीं, बीच-बचाव के लिए आगे आईं। लेकिन आरोपी का गुस्सा इस कदर हावी था कि उसने रिश्तों की सारी सीमाएं तोड़ दीं। ऊषा पर भी जानलेवा हमला किया गया। चाकू के लगातार वारों से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घर के भीतर हुई यह वारदात इतनी तेजी से घटी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

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हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने की साजिश

हत्या के बाद आरोपी ने जो कदम उठाए, उन्होंने इस वारदात को और भी भयावह बना दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि राहुल गुप्ता ने दोनों शवों को घर में छोड़ने के बजाय उन्हें ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था की और मां-बेटे के शव उसमें लादकर निकल पड़ा। यह साफ संकेत देता है कि वारदात के बाद भी आरोपी पूरी तरह होश में था और सबूत मिटाने की कोशिश कर रहा था।

रास्ते में गिरा शव, लेकिन आरोपी को नहीं लगी भनक

जब आरोपी शवों को लेकर मड़िहान तिराहे की ओर जा रहा था, तभी ट्रॉली से आयुष का शव रास्ते में गिर गया। आश्चर्यजनक रूप से राहुल को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह आगे बढ़ता रहा। इसके बाद उसने ऊषा का शव पटेवार मड़िहान नहर में फेंक दिया। यह कदम न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि आरोपी की मानसिक स्थिति पर भी सवाल खड़े करता है।

राहगीरों की सतर्कता से खुला पूरा राज

घटना का पर्दाफाश तब हुआ, जब लौटते समय राहुल सड़क पर गिरे आयुष के शव को चादर से ढकने लगा। यह दृश्य देख वहां मौजूद दो राहगीरों को शक हुआ। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और स्थानीय लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस को भी जानकारी दी गई। राहगीरों की इस सतर्कता ने एक बड़े अपराध को पूरी तरह उजागर कर दिया।

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पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भागने की कोशिश कर रहे आरोपी राहुल गुप्ता को हिरासत में ले लिया। उसके कब्जे से ट्रैक्टर-ट्रॉली और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की असल वजह सामने आ सके।

नहर में शव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन

पुलिस पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि उसने ऊषा का शव नहर में फेंका है। इसके बाद से ही पुलिस और गोताखोरों की टीम द्वारा नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं आयुष के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या के समय और तरीके की पुष्टि होने की उम्मीद है।

पारिवारिक विवाद या गहरी साजिश?

इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल तात्कालिक गुस्से में की गई हत्या थी या इसके पीछे कोई पुराना पारिवारिक विवाद छिपा है? पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है—जमीन विवाद, आपसी रंजिश, आर्थिक तनाव और पारिवारिक संबंधों की पृष्ठभूमि को भी खंगाला जा रहा है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि घर के भीतर चल रहे तनाव की असल वजह क्या थी।

इलाके में दहशत, लोग स्तब्ध

इस घटना के बाद मड़िहान इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग स्तब्ध हैं कि एक ही परिवार के भीतर इतनी क्रूर वारदात कैसे हो सकती है। पड़ोसियों के अनुसार, घर में पहले भी विवाद होते थे, लेकिन किसी ने कभी नहीं सोचा था कि बात इस हद तक पहुंच जाएगी। यह घटना समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव की ओर भी इशारा करती है।

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पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

अपर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात के समय कोई और व्यक्ति तो मौजूद नहीं था या किसी ने आरोपी की मदद तो नहीं की। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

❓ इस घटना से जुड़े अहम सवाल-जवाब

आरोपी ने हत्या क्यों की?

फिलहाल पुलिस जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी में घरेलू विवाद सामने आया है, लेकिन जमीन, पैसों या पुरानी रंजिश की भी जांच की जा रही है।

क्या आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर है?

इस बिंदु पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जरूरत पड़ने पर आरोपी का मानसिक परीक्षण भी कराया जा सकता है।

ऊषा का शव कब तक मिलने की उम्मीद है?

पुलिस और गोताखोरों द्वारा नहर में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी?

जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी और मामला अदालत में पेश होगा।

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