हिंदू नववर्ष पर करणी सेना का शक्ति प्रदर्शन, अलीगढ़ में गूंजा एकता, चेतावनी और संगठन का संदेश


🎤ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

हिंदू नववर्ष के मौके पर अलीगढ़ में करणी सेना का भव्य आयोजन—नेताओं के तेवर, संगठन की ताकत और यूजीसी बिल पर सख्त चेतावनी ने कार्यक्रम को बना दिया खास।

कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में सजा भव्य आयोजन

अलीगढ़ में हिंदू नववर्ष 2026 के अवसर पर करणी सेना हरिगढ़ टीम द्वारा कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में एक भव्य और भक्ति भाव से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू के निर्देश पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गौरव चौहान के नेतृत्व में तथा जिलाध्यक्ष सुमित तोमर के आवाहन पर संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में सुबह से ही कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल को सजाया गया था और वातावरण में धार्मिक ऊर्जा के साथ संगठनात्मक जोश भी स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

भव्य स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू के हरिगढ़ आगमन के साथ हुई। कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं और तिलक के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। मंच पर नन्हीं बच्चियों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग प्रदान किया, जिससे उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

“36 बिरादरियों का संगठन है करणी सेना”

अपने संबोधन में सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा कि करणी सेना केवल किसी एक वर्ग का संगठन नहीं, बल्कि समाज की सभी 36 बिरादरियों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देना है।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि करणी सेना एक अनुशासित और शिक्षित लोगों का संगठन है, जो चंदा लेने या देने की बजाय आपसी सहयोग से कार्य करता है। यह विचार संगठन को अलग पहचान देता है।

यूजीसी बिल पर सरकार को चेतावनी

सूरजपाल सिंह अम्मू ने अपने भाषण में यूजीसी बिल को लेकर सरकार को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल वापस नहीं लिया गया तो करणी सेना सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

उनके इस बयान ने कार्यक्रम में एक राजनीतिक और संघर्षपूर्ण आयाम जोड़ दिया, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश का माहौल बन गया।

अभिनव सिंह की हुंकार, एकता का संदेश

प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष अभिनव सिंह ने मंच से जोरदार संबोधन करते हुए समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती तभी संभव है जब लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक हों।

उन्होंने चंद्रशेखर आजाद को भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि समाज के वास्तविक मुद्दों पर खुलकर सामने आना चाहिए। उनके इस बयान से कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार हुआ।

सम्मान समारोह बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवियों, डॉक्टरों और मीडिया प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को मंच पर सम्मान दिया गया।

इस मौके पर राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें नील देव सिंह, संदीप सिंघल, विवेक सिंह, राखी गर्ग, मोहित अग्रवाल, दीपक बामल, विदुषी सिंह और सौम्या मिश्रा प्रमुख रहे।

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प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया। बिहार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसमें भाग लिया और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।

इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मनोज छोंकर, गौरव शर्मा, राघवेंद्र सिंह, आशीष चौहान, वीरू भदौरिया, दलबीर सिंह, अंकित सैनी और सचिन चौहान प्रमुख रूप से शामिल रहे।

संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संगठन की शक्ति और विचारधारा का प्रदर्शन बनकर सामने आया।

❓ महत्वपूर्ण सवाल

➤ कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
अलीगढ़ के कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में।

➤ मुख्य वक्ता कौन थे?
अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू और प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष अभिनव सिंह।

➤ कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
हिंदू नववर्ष के अवसर पर संगठन की मजबूती और समाज में जागरूकता फैलाना।

➤ यूजीसी बिल को लेकर क्या कहा गया?
बिल वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

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