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देवरिया

सूर्यमहा यज्ञ में श्री कृष्ण और रूक्मणी विवाह का भावपूर्ण मंचन

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राकेश तिवारी की रिपोर्ट 

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देवरिया।  जिला के बरहज विकासखंड अंतर्गत बलिदानियों की भूमि पैना में हो रहे श्री श्री 1008 सूर्यमहा यज्ञ में श्री कृष्ण और रूक्मणी विवाह का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस प्रसंग में भीष्मक नारद से अपने पुत्री के विवाह के लिए योग्य वर के बारे में पूछते है तो नारद मुनि महाराज को बताते हैं कि आपकी पुत्री के लिए सबसे योग्य वर द्वारिकाधीश श्री कृष्ण हैं। यह यह सुनकर महाराज प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन युवराज रुक्मी इस रिश्ते से मना करते है। अपनी बहन के लिए अपने मित्र शिशुपाल को रिश्ते की लग्न पत्रिका भेजते है।

राजकुमारी रूक्मणी अपने दूत भेजकर कहलाती है कि यदि आप मेरा वरन नही करते हैं तो मैं अपनी जीवनलीला समाप्त कर लूंगी। जवाब में श्रीकृष्ण कहते है की मैं देवी मंदिर में आते विवाह करूंगा। निश्चित समय पर बलराम और कृष्ण अपनी सेना लेकर कुंदनपुर नगर पहुंच जाते हैं। सूचना मिलने पर शिशुपाल अपनी सेना लेकर कुंदन नगर पहुंचे हैं दोनों में युद्ध होता है और श्री कृष्ण शिशुपाल को पराजित कर रुक्मणी का वरन करते हैं।


इस अवसर पर प्रधान रवि सिंह, आयोजक जयप्रकाश सिंह, प्रदेश केसरी जितेन्द्र सिंह, अंकित सिंह मोनु, चन्द्र प्रकाश सिंह, संतोष सिंह, पूर्व अध्यक्ष अटल सिंह, सदानंद कुशवाहा, श्री राकेश सिंह, संदीप मद्देशिया , अनुराधा मद्देशिया, अंजना सिंह, सृष्टि सिंह, पहलवान शनिराज सिंह, आदि लोग उपस्थित रहे।

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"ज़िद है दुनिया जीतने की" "हटो व्योम के मेघ पंथ से स्वर्ग लूटने हम आते हैं"
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