मेरठ से उभरे सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शादाब जकाती एक बार फिर सुर्खियों के केंद्र में हैं।
कभी हल्के-फुल्के अंदाज़ और आम बोलचाल के डायलॉग—“दस रुपये वाला बिस्कुट कितने का है जी”—से
इंटरनेट पर पहचान बनाने वाले शादाब जकाती का नाम इस बार एक गंभीर पारिवारिक विवाद से जुड़ गया है।
मामला उस महिला और उसके पति के बीच टकराव से शुरू हुआ, जो शादाब के साथ वीडियो बनाने का काम करती है।
यह विवाद अब पुलिस चौकी, सोशल मीडिया और जन-चर्चा—तीनों स्तरों पर फैल चुका है।
थाने में रो-रोकर लगाई सुरक्षा की गुहार
बुधवार को इंचौली थाने पहुंचकर खुर्शीद उर्फ सोनू ने पुलिस के सामने भावुक होकर अपनी पीड़ा रखी।
उसका आरोप है कि उसकी पत्नी बिना बताए घर से चली जाती है और शादाब जकाती के साथ वीडियो बनाती है।
खुर्शीद ने यहां तक दावा किया कि उसकी पत्नी उसकी हत्या की साजिश रच रही है।
उसने थाने में रोते हुए खुद की और अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग की, साथ ही शादाब जकाती पर
पत्नी को बहकाने और पारिवारिक तनाव बढ़ाने के गंभीर आरोप लगाए।
वायरल वीडियो और बढ़ती बहस
गुरुवार को इस पूरे प्रकरण से जुड़े पति और पत्नी के अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
इन वीडियो ने मामले को और हवा दे दी। हालांकि, इन वायरल क्लिप्स की आधिकारिक पुष्टि किसी भी
जिम्मेदार संस्था या मीडिया मंच द्वारा नहीं की गई है। कई समाचार प्लेटफॉर्म्स ने भी
स्पष्ट किया कि वे इन वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते।
इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर रायों की बाढ़ आ गई—कुछ लोग पति के दावों को गंभीर मान रहे हैं,
तो कुछ महिला के पक्ष में खड़े दिखे।
पत्नी का पलटवार: ‘काम करती हूं, मेहनताना मिलता है’
मामले में नया मोड़ तब आया जब खुर्शीद की पत्नी ने एक वीडियो जारी कर पति के सभी आरोपों को
सिरे से खारिज कर दिया। महिला का कहना है कि वह शादाब जकाती के साथ पेशेवर तौर पर काम करती है
और इसके बदले उसे मेहनताना मिलता है। इसी आय से वह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही है।
महिला ने साफ शब्दों में कहा कि शादाब जकाती के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और
उन्हें बदनाम करने की कोशिश भर हैं।
घरेलू हिंसा के आरोप और निजी संघर्ष
महिला का यह भी आरोप है कि उसका पति खुर्शीद लंबे समय से उसके साथ मारपीट करता रहा है।
वह खुद को घरेलू हिंसा का शिकार बताती है और कहती है कि आर्थिक मजबूरी में उसे
सोशल मीडिया कंटेंट के काम से जुड़ना पड़ा।
उसके अनुसार, यह कोई शौक नहीं बल्कि बच्चों की ज़िम्मेदारी निभाने का माध्यम है।
महिला का दावा है कि पति की प्रताड़ना ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
तलाक, अलगाव और कानूनी पेच
महिला ने यह भी कहा कि खुर्शीद पहले दो बार उसे तलाक दे चुका है।
अब वह खुद इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती है।
उसके मुताबिक, तलाक की इच्छा और स्वतंत्र जीवन की कोशिशों के कारण ही
पति उस पर झूठे आरोप लगाकर थाने में हंगामा कर रहा है।
इंचौली थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से
लिखित तहरीर नहीं दी गई है।
शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया स्टारडम और जिम्मेदारी
यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है।
यह सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर संस्कृति, डिजिटल रोज़गार और निजी जीवन की सीमाओं पर
गंभीर सवाल खड़े करता है।
शादाब जकाती जैसे चेहरे, जिनकी पहचान कुछ सेकेंड के वायरल कंटेंट से बनती है,
अनजाने में कई ज़िंदगियों के रोज़मर्रा से जुड़ जाते हैं।
ऐसे में जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता की अपेक्षा भी बढ़ जाती है।
जांच का इंतज़ार और खुलते सवाल
फिलहाल पुलिस जांच और लिखित शिकायत का इंतज़ार है।
तब तक यह विवाद सोशल मीडिया बहसों, आरोप-प्रत्यारोप और भावनात्मक बयानों के बीच
उलझा हुआ है।
सच क्या है—यह जांच के बाद ही सामने आएगा।
लेकिन इतना तय है कि यह प्रकरण डिजिटल दौर में रिश्तों,
रोज़गार और विवादों की जटिल तस्वीर पेश करता है।
पाठकों के सवाल | क्लिक करें और जवाब देखें
शादाब जकाती क्यों विवादों में आए हैं?
उनके साथ काम करने वाली महिला और उसके पति के बीच विवाद के कारण उनका नाम चर्चा में आया है।
पति ने क्या आरोप लगाए हैं?
पति ने पत्नी पर हत्या की साजिश और शादाब जकाती पर बहकाने के आरोप लगाए हैं।
महिला का पक्ष क्या है?
महिला ने आरोपों को झूठा बताते हुए घरेलू हिंसा का दावा किया है और काम को मजबूरी बताया है।
पुलिस ने क्या कहा है?
पुलिस के अनुसार अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, शिकायत पर जांच होगी।










