महिला सिपाही से धोखा
— तीन साल तक संबंध, फिर दूसरी शादी
उत्तर प्रदेश पुलिस से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा, विभागीय नैतिकता और कानून की विश्वसनीयता—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संतकबीरनगर में तैनात एक सिपाही पर आरोप है कि उसने एक महिला कॉन्स्टेबल को शादी का झांसा देकर करीब तीन वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में चुपचाप किसी दूसरी युवती से विवाह कर लिया। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी सिपाही के खिलाफ रेप और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
▶ पूरा मामला क्या है? |
▶ तीन साल की टाइमलाइन |
▶ दूसरी शादी का खुलासा |
▶ पुलिस कार्रवाई |
▶ सवाल–जवाब
पुलिस महकमे के भीतर भरोसे का टूटा रिश्ता
यह मामला सामान्य आपराधिक घटना नहीं माना जा रहा, क्योंकि इसमें दोनों पक्ष पुलिस विभाग के कर्मचारी हैं। जिस वर्दी को जनता सुरक्षा और न्याय का प्रतीक मानती है, उसी वर्दी के भीतर कथित धोखे की यह कहानी सामने आना व्यवस्था के लिए बेहद असहज करने वाला है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी सिपाही ने भावनात्मक नजदीकी बनाकर उसका भरोसा जीता और शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाता रहा।
2022 से 2025 तक : तीन साल की पूरी टाइमलाइन
महिला सिपाही के अनुसार, वर्ष 2022 में उसकी तैनाती संतकबीरनगर जनपद के बखिरा थाने में हुई थी। उसी समय गाजीपुर जिले का रहने वाला 2018 बैच का कांस्टेबल आशु यादव भी उसी थाने में तैनात था। ड्यूटी के दौरान संपर्क बढ़ा और आरोपी ने विवाह का प्रस्ताव रखा। पीड़िता का कहना है कि उसने भविष्य को देखते हुए इस रिश्ते पर भरोसा किया।
आरोप है कि इसी भरोसे के दौरान दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में भी रहे। आरोपी सिपाही हर बार शादी का आश्वासन देता रहा और इसी आधार पर लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा।
शादी की बात पर विवाद और परिवार तक पहुंचा मामला
पीड़िता का कहना है कि जब उसने विवाह को लेकर दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। कई बार इस मुद्दे को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। महिला सिपाही ने करीब चार महीने पहले आरोपी के पिता को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला।
छिपकर हो रही शादी और बारात में पहुंची पीड़िता
24 नवंबर 2025 को पीड़िता को जानकारी मिली कि आरोपी सिपाही उससे छिपाकर दूसरी शादी कर रहा है। सूचना मिलते ही वह गाजीपुर पहुंची, जहां नंदगंज–रसूलपुर क्षेत्र में शादी हो रही थी। पीड़िता ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता ली और रात करीब 10 बजे बारात स्थल पर पहुंची।
आरोप है कि उसने अपने मोबाइल में मौजूद फोटो और सबूत दिखाकर शादी रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी के परिजनों ने जल्दबाजी में विवाह संपन्न कर दिया और वहां से निकल गए।
रेप और SC/ST एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के बाद महिला सिपाही ने कोतवाली खलीलाबाद में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मेंहदावल थाने में तैनात आरोपी सिपाही के खिलाफ धारा 376 (रेप) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार पांडेय के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों तथा बयान के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर खड़े होते सवाल
यह मामला केवल व्यक्तिगत धोखे तक सीमित नहीं है। यह महिला पुलिसकर्मियों की कार्यस्थल सुरक्षा, मानसिक दबाव और विभागीय जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। यदि कानून लागू करने वाले विभाग के भीतर ही ऐसे आरोप सामने आते हैं, तो यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
❓ पाठकों के सवाल – जवाब
यह मामला किस जिले से जुड़ा है?
यह मामला संतकबीरनगर और गाजीपुर जिलों से संबंधित है।
आरोपी पर कौन-कौन से आरोप लगे हैं?
आरोपी पर शादी का झांसा देकर रेप करने और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़िता कब से आरोपी के संपर्क में थी?
पीड़िता वर्ष 2022 से आरोपी के संपर्क में थी और तीन साल तक संबंध बने रहे।
क्या आरोपी की गिरफ्तारी हुई है?
पुलिस के अनुसार जांच प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।








