सनसनी : पति ने पत्नी और बच्चों पर कराया कातिलाना हमला, पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप


✍️ कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
राजधानी लखनऊ के बंथरा क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना—पत्नी और तीन बच्चों को लहूलुहान छोड़ फरार हुआ पति, पीड़िता दर-दर भटकती रही न्याय के लिए।

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के थाना बंथरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खटोला मजरा रतौली से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक पति द्वारा अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों पर कथित रूप से कातिलाना हमला किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने न केवल पारिवारिक हिंसा की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की पृष्ठभूमि और पारिवारिक हालात

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला स्वाति वर्मा अपने पति राकेश वर्मा और तीन बच्चों के साथ ग्राम खटोला मजरा रतौली में निवास करती हैं। बताया जा रहा है कि राकेश वर्मा पेशे से टैम्पो चालक है और शराब के नशे का आदी है। रोजाना की कमाई का अधिकांश हिस्सा शराब में खर्च कर देता है, जिसके कारण घर में आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती थी।

सूत्रों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच विवाद धीरे-धीरे हिंसा में बदलता गया। पीड़िता के अनुसार, पति राकेश वर्मा अपनी माता रीता देवी के उकसावे पर अक्सर पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था।

कातिलाना हमला: जब घर बना हिंसा का मैदान

दिनांक 19 मार्च 2026 को स्थिति भयावह रूप ले गई, जब आरोपी पति ने अपनी पत्नी और तीनों बच्चों को बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया और मौके से फरार हो गया। यह हमला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि पीड़िता और बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

See also  रिश्तों का कत्ल :पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रचा खौफनाक साजिश, सोते पति का गला रेतकर हत्या

यह केवल घरेलू विवाद नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हिंसक हमला प्रतीत होता है, जिसमें पीड़िता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

जमीन बिकने से शुरू हुआ विवाद

सूत्रों के अनुसार, आरोपी राकेश वर्मा ने पूर्व में अपनी जमीन बेचकर लाखों रुपये प्राप्त किए थे। आरोप है कि उसने यह रकम अपने कुछ रसूखदार साथियों के साथ मिलकर शराब में उड़ा दी। जब पत्नी और बच्चों ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और पत्नी पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उसे घर से निकालने का प्रयास किया।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

घटना के बाद पीड़िता ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि गांव के प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

पीड़िता अपने घायल बच्चों के साथ इधर-उधर मदद के लिए भटकती रही, लेकिन उसे तत्काल कोई राहत नहीं मिली।

इसके बाद किसी तरह वह थाना बंथरा पहुंची, लेकिन वहां भी हल्का इंचार्ज द्वारा कथित रूप से उसकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया और उसे थाने से वापस भेज दिया गया।

अधिकारियों से गुहार, फिर भी सुनवाई नहीं

दिनांक 25 मार्च 2026 को पीड़िता ने क्षेत्राधिकारी रजनीश वर्मा को लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

यह स्थिति इस बात की ओर संकेत करती है कि पीड़ित को न्याय पाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ रहा है।

क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बंथरा थाना क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से हल्का इंचार्ज की तैनाती के दौरान अवैध गतिविधियां बढ़ी हैं। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

See also  “कर्ज नहीं चुका पाए…तो जिंदगी ही चुकानी पड़ी”

ग्राम पंचायत नीवा, खटोला, बीबीपुर, धावापुर, पहाड़पुर और खसरवारा सहित कई क्षेत्रों में अवैध कार्यों के संचालन की चर्चाएं आम हैं, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

पीड़ितों की अनदेखी, रसूखदारों को प्राथमिकता?

आरोप यह भी हैं कि थाना स्तर पर पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। कई मामलों में पीड़ितों को समझौता करने के लिए दबाव बनाया जाता है या शिकायत दर्ज करने से रोका जाता है।

यदि यह आरोप सही हैं, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।

सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था

इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। खासकर तब, जब यह मामला राजधानी लखनऊ का है।

यह सवाल उठता है कि यदि राजधानी में ही पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है, तो दूरदराज के क्षेत्रों की स्थिति कैसी होगी?

निष्कर्ष: न्याय कब मिलेगा?

यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की परीक्षा है। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न केवल पीड़ित परिवार के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक खतरनाक संदेश होगा।

क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा?
क्या आरोपी पर सख्त कार्रवाई होगी?
और क्या पुलिस प्रशासन अपनी भूमिका निभाएगा?

इन सवालों के जवाब आने वाले समय में ही मिलेंगे, लेकिन फिलहाल यह घटना हर संवेदनशील व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर रही है।

❓ घटना कब हुई?

यह घटना 19 मार्च 2026 की बताई जा रही है।

See also  मेरे जनाजे पर नहीं कोई बहाना, सबको जरूर है आना,इंस्टा पर दर्दभरी बातें लिखकर युवती ने क्यों की खुदकुशी ❓
❓ पीड़िता ने किससे शिकायत की?

पीड़िता ने 112 पर कॉल करने के साथ ही थाना बंथरा और क्षेत्राधिकारी को भी शिकायत दी।

❓ पुलिस पर क्या आरोप हैं?

पुलिस पर शिकायत अनसुनी करने और प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई न करने के आरोप लगे हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

मनरेगा से मालामाल कौन? खुलासा करेगा आपको हैरान ; फाइलों में शानदार काम, ज़मीन पर वीरानी

✍️ संजय सिंह राणा की रिपोर्टचित्रकूट में विकास कार्यों पर गंभीर सवाल—गौशाला से लेकर मनरेगा तक, कागजों और ज़मीन की हकीकत में बड़ा अंतर।चित्रकूट...

शाहाबाद हरदोई में गैस एजेंसी पर सवाल : उपभोक्ता परेशान, मनमानी और अव्यवस्था से बढ़ी त्राहि-त्राहि

✍️ अनुराग गुप्ता की रिपोर्टशाहाबाद में इंडियन गैस एजेंसी के संचालन पर गंभीर आरोप—उपभोक्ताओं को हफ्तों तक नहीं मिल रही गैस, दलालों की सक्रियता...

रिश्तों का कत्ल : पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रचा खौफनाक साजिश, सोते पति का गला रेतकर हत्या

✍️ ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्टअमरोहा के पिपलोती कला गांव में दिल दहला देने वाली वारदात—अवैध संबंध के चलते पत्नी ने प्रेमी के साथ...

बलिया का सियासी अखाड़ा गरम : चंद्रशेखर परिवार से सुषमा शेखर की एंट्री, 2027 चुनाव को लेकर दिए बड़े संकेत

✍️ जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्टबलिया में सियासी हलचल तेज—पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की बहू सुषमा शेखर ने मैदान में उतरने के दिए संकेत, जन सम्मान...