रुतबा धरा का धरा रह गया : जेल की ठंडी फर्श पर कट गई पूर्व IPS की पहली रातलगातार लिखते रहने से जेल अधिकारी चिंता में

📝 संजय कुमार वर्मा की रिपोर्ट

IMG_COM_202603020511552780
previous arrow
next arrow
26 साल पुराने प्लॉट धोखाधड़ी केस में गिरफ्तार, प्रशासन ने कोई खास रियायत नहीं दी—और उनका लिखना प्रशासन की बेचैनी बढ़ा रहा है।

ठिठुरती रात — सिर्फ तीन कंबल, कोई बिस्तर नहीं

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पहली रात किसी नरम बिस्तर वाले किस्से की तरह नहीं गुज़री। जेल सूत्रों के अनुसार उन्हें सिर्फ तीन कंबल दिए गए — न कोई गद्दा, न तकिया, न अतिरिक्त बिस्तर। दो कंबल ज़मीन पर बिछाकर और एक ओढ़कर उन्होंने ठंडी रात काटी। पहली रात उन्हें जेल अस्पताल में रखा गया, इसके बाद हाई-सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया गया।

भोजन और सीमित सहूलियतें

भोजन में दो रोटियाँ, दाल और सब्ज़ी दी गई — लेकिन ठाकुर ने केवल एक रोटी ही खाई। सुबह चाय और चना मिला। जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार ही सुविधाएँ दी जा रही हैं।
इसे भी पढें  चित्रकूट में पंचायत चुनाव 2026 की गूंज — युवा समाजसेवी पत्रकार संजय सिंह राणा की सपत्नीक दावेदारी से राजनीतिक हलचल तेज

लिखने की आदत ने बढ़ाई प्रशासन की बेचैनी

बैरक में पहुँचते ही ठाकुर ने पेन और 50–60 A4 कागज़ मांगे। नियमों के तहत जेल प्रशासन ने सामग्री दी। इसके बाद वे लगातार लिखते देखे गए—जिससे अधिकारियों में आशंका है कि वे जेल व्यवस्था और प्रशासनिक कमियों पर विस्तृत नोट्स तैयार कर सकते हैं।

पहला दिन — गिरफ्तारी से जेल तक

लखनऊ पुलिस ने उन्हें शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। मामला वर्ष 1999 का है, जिसमें आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र में पत्नी के नाम पर प्लॉट फर्जी दस्तावेज़ों से आवंटित कराया गया।

परिचय — कौन हैं अमिताभ ठाकुर?

  • 1993 बैच के पूर्व IPS अधिकारी
  • आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • खुद को “जबरिया रिटायर्ड” बताते हैं
  • जन्म: 16 जून 1968

सवाल-जवाब

क्या अमिताभ ठाकुर को VIP सुविधा मिली? नहीं, उन्हें सामान्य कैदियों की तरह ही जेल मैनुअल के अनुसार रखा गया।
जेल प्रशासन क्यों सतर्क है? उनके लगातार लिखने से आशंका है कि वे जेल व्यवस्था से जुड़े तथ्य सार्वजनिक कर सकते हैं।
इसे भी पढें  देवरिया में सहोदर पट्टी चौपाल: जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सुनीं जनसमस्याएँ, पात्रों को प्रमाणपत्र वितरित

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top