📝 संजय कुमार वर्मा की रिपोर्ट
ठिठुरती रात — सिर्फ तीन कंबल, कोई बिस्तर नहीं
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पहली रात किसी नरम बिस्तर वाले किस्से की तरह नहीं गुज़री। जेल सूत्रों के अनुसार उन्हें सिर्फ तीन कंबल दिए गए — न कोई गद्दा, न तकिया, न अतिरिक्त बिस्तर। दो कंबल ज़मीन पर बिछाकर और एक ओढ़कर उन्होंने ठंडी रात काटी। पहली रात उन्हें जेल अस्पताल में रखा गया, इसके बाद हाई-सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया गया।भोजन और सीमित सहूलियतें
भोजन में दो रोटियाँ, दाल और सब्ज़ी दी गई — लेकिन ठाकुर ने केवल एक रोटी ही खाई। सुबह चाय और चना मिला। जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार ही सुविधाएँ दी जा रही हैं।इसे भी पढें डीग में शांति समिति बैठक : आगामी त्योहारों पर शांति-सद्भाव की अपील
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लिखने की आदत ने बढ़ाई प्रशासन की बेचैनी
बैरक में पहुँचते ही ठाकुर ने पेन और 50–60 A4 कागज़ मांगे। नियमों के तहत जेल प्रशासन ने सामग्री दी। इसके बाद वे लगातार लिखते देखे गए—जिससे अधिकारियों में आशंका है कि वे जेल व्यवस्था और प्रशासनिक कमियों पर विस्तृत नोट्स तैयार कर सकते हैं।पहला दिन — गिरफ्तारी से जेल तक
लखनऊ पुलिस ने उन्हें शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। मामला वर्ष 1999 का है, जिसमें आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र में पत्नी के नाम पर प्लॉट फर्जी दस्तावेज़ों से आवंटित कराया गया।परिचय — कौन हैं अमिताभ ठाकुर?
- 1993 बैच के पूर्व IPS अधिकारी
- आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष
- खुद को “जबरिया रिटायर्ड” बताते हैं
- जन्म: 16 जून 1968









