
किरण कश्मीरी की रिपोर्ट
दिल्ली ब्लास्ट ने सोमवार की शाम पूरे शहर को हिला दिया। शाम लगभग सात बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में आसपास के इलाकों को दहशत में डाल दिया। घटना के तुरंत बाद घायलों और मृतकों को पास स्थित लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) में भर्ती कराया गया, जहां रातभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अस्पताल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल
अस्पताल के बाहर पुलिस और सुरक्षाबलों की भारी तैनाती थी। दिल्ली ब्लास्ट के बाद पहुंचे परिजनों के चेहरे चिंता और बेबसी से भरे थे। कोई अपने घायल परिजन की खबर जानने की कोशिश कर रहा था, तो कोई मृतकों की पहचान में जुटा था। अस्पताल के इमरजेंसी ब्लॉक के बाहर दर्द, सिसकियों और प्रतीक्षा की लंबी रात दिखाई दे रही थी।
एम्बुलेंस चालक का बयान — “ये सीएनजी ब्लास्ट नहीं था”
एक एम्बुलेंस चालक मोहम्मद असद ने बताया कि उन्हें कॉल मिलने के बाद तुरंत लाल किला धमाका स्थल पर भेजा गया। उन्होंने बताया, “वहां चार-पांच शव टुकड़ों में पड़े थे, किसी का हाथ कहीं था तो किसी का सिर कहीं और। ये नजारा किसी साधारण विस्फोट का नहीं था। अगर सीएनजी ब्लास्ट होता, तो सिर्फ एक गाड़ी में आग लगती, लेकिन यहां कई गाड़ियां जल चुकी थीं।”
असद के मुताबिक उन्होंने अपने साथियों के साथ शवों के टुकड़ों को किसी तरह समेटा और अस्पताल लाए। “घायल पहले ही यहां लाए जा चुके थे,” उन्होंने कहा।
गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिया जायजा
गृह मंत्री अमित शाह ने रात करीब साढ़े आठ बजे एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से स्थिति की जानकारी ली। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अस्पताल पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने घायलों से बातचीत कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
घायल और उनके परिजनों की बेचैनी
अस्पताल के बाहर दिल्ली ब्लास्ट में घायल टैक्सी ड्राइवर भवानी शंकर के परिजन परेशान थे। उनके रिश्तेदार पवन शर्मा ने बताया कि उनके जीजा को अंदर भर्ती किया गया है लेकिन मिलने की इजाज़त नहीं है। उन्होंने बताया, “घटना के बाद उन्होंने वीडियो कॉल की थी, चेहरा लहूलुहान था, आवाज़ टूट रही थी। अब हम बस उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।”
इसी तरह जोगिंदर नाम के कैब ड्राइवर के परिजन भी लगातार कोशिश में थे कि उन्हें कोई सूचना मिल सके। “उसने बहन को फोन कर कहा था कि तबीयत बिगड़ रही है, शायद कोई घटना हुई है,” उनके रिश्तेदार राहुल ने बताया। तब से उनका फोन स्विच ऑफ है।
17 वर्षीय सफान की हालत नाजुक
घायलों में एक 17 वर्षीय युवक सफान भी शामिल है। उनके चाचा ताजुद्दीन ने बताया कि जब लाल किला धमाका हुआ, तब वह बैट्री रिक्शा से वहां से गुजर रहे थे। धमाके की लहर से वह घायल हो गए। उनके एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि “अस्पताल प्रशासन किसी भी परिजन को अंदर जाने नहीं दे रहा।”
“न्यूज़ में भाई की हालत देखी” — पूर्णिमा जायसवाल
रात लगभग साढ़े 11 बजे पूर्णिमा जायसवाल नाम की महिला रोती-बिलखती अस्पताल के बाहर दिखाई दीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने भाई को टीवी न्यूज़ में घायल अवस्था में देखा था जब अमित शाह उनसे मिल रहे थे। “हम तुरंत अस्पताल आए, लेकिन अब उनका चेहरा पट्टियों में ढका है, हालत गंभीर है,” उन्होंने कहा।
धमाके में जान गंवाने वालों में मोहसिन मलिक भी शामिल
अस्पताल के वार्ड के बाहर एक और महिला अपने भाई मोहसिन मलिक की मौत पर विलाप कर रही थी। मोहसिन ई-रिक्शा चलाते थे और 28 वर्ष के थे। उनके दो छोटे बच्चे हैं। एलएनजेपी अस्पताल प्रशासन ने उनके परिवार को पुष्टि की कि मोहसिन अब इस दुनिया में नहीं हैं।
गायब लोगों की तलाश जारी
कई परिवार ऐसे हैं जो अभी भी अपने परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं। संदीप नामक व्यक्ति अपने समधी लोकेश की तलाश में थे। वह बताते हैं, “लोकेश कार में ड्राइवर के साथ बैठे थे। बाद में ड्राइवर मृतकों की सूची में मिला, पर लोकेश का कोई पता नहीं।” रात दो बजे तक संदीप अस्पताल की मॉर्चरी के बाहर शवों की पहचान करते नज़र आए।
आखिरी आंकड़े — आठ मौतें, तीस से अधिक घायल
रात ढाई बजे तक दिल्ली पुलिस और एलएनजेपी अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की कि अब तक दिल्ली ब्लास्ट में आठ लोगों की मौत हो चुकी है और तीस से अधिक लोग घायल हैं। घटना की जांच स्पेशल सेल और एनआईए के संयुक्त दल के हवाले की गई है।
इस दर्दनाक लाल किला धमाके ने दिल्ली को एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने को मजबूर कर दिया है। हर तरफ़ मातम और खामोशी पसरी है, लेकिन हर आंख में अपने खोए अपनों की यादें तैर रही हैं।
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यह धमाका सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ।
दिल्ली पुलिस के अनुसार इस धमाके में आठ लोगों की मौत हुई और 30 से अधिक घायल हुए हैं।
सभी घायलों को तुरंत लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) में भर्ती कराया गया।
चश्मदीदों के मुताबिक यह सीएनजी ब्लास्ट नहीं था, क्योंकि कई गाड़ियां दूर-दूर तक आग में घिरी थीं।
गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अस्पताल का दौरा कर जांच के आदेश दिए।









