
हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
कामां (डीग जिला, राजस्थान): राजस्थान के डीग जिले के कामां क्षेत्र में गौतस्करी की बढ़ती घटनाओं को रोकने की मांग को लेकर गौरक्षकों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कामां को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन संजय भारती — समस्त गौरक्षक दल, भारतीय युवा सेवा संघ प्रदेश महामंत्री एवं राष्ट्रीय गौ रक्षक सेना प्रदेश संयोजक — के नेतृत्व में दिया गया। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में गौतस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए और रात्रि गश्त को बढ़ाया जाए ताकि गौमाता संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।
सड़कों और गांवों में बढ़ रही गौतस्करी से आहत हैं गौरक्षक
संजय भारती ने अपने ज्ञापन में कहा कि कामां कस्बे और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में हर दिन गौतस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं। असामाजिक तत्व गौमाता को सड़कों, सुनसान इलाकों और गांवों से जबरन पकड़कर ले जाते हैं। कई बार यह लोग शादी समारोहों या निजी आयोजनों में गौमांस का उपयोग करते हैं, जो हिंदू समाज की आस्था और भावनाओं पर गहरा आघात है।
उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में गौमाता को मां का दर्जा प्राप्त है और यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनके जीवन की रक्षा करें। लेकिन कुछ असामाजिक लोग गौरक्षा कानूनों की धज्जियां उड़ाकर खुलेआम गौतस्करी कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति समाज में कानून के प्रति अवमानना बढ़ा रही है।
पुलिस और गौरक्षक दल मिलकर रोक सकते हैं गौतस्करी
संजय भारती ने कहा कि यदि प्रशासन और पुलिस विभाग गौरक्षक दलों को सहयोग दे तो गौतस्करी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि पुलिस को विशेष रूप से निर्देश दिए जाएं कि वे हर दिन छोटे-बड़े वाहनों जैसे डंपर, पिकअप, स्कॉर्पियो आदि की नियमित जांच करें।
ज्ञापन में कहा गया कि गौरक्षक दल अपने स्तर पर पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं लेकिन सीमित संसाधनों के कारण हर वाहन की जांच करना संभव नहीं। इसलिए पुलिस की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रात में रात्रि गश्त को बढ़ाया जाए ताकि अंधेरे का फायदा उठाने वाले गौतस्करों की गतिविधियों पर लगाम लग सके।
गौरक्षकों को मिले सुरक्षा और सम्मान
संजय भारती ने आगे कहा कि गौरक्षकों को कई बार गौतस्करी रोकने के दौरान खतरे का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गौरक्षा में लगे युवाओं को सुरक्षा और सम्मान प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह लोग निस्वार्थ भाव से समाज और धर्म की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें ‘अपराधी’ की तरह नहीं बल्कि ‘सेवक’ की दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
ज्ञापन पर हरिओम गुर्जर, विशाल बघेल, सत्यवीर, राहुल यादव, सचिन गुर्जर, मोनू राजपूत, वीर सिंह, सोम शर्मा, रविंद्र गुर्जर, सुरेंद्र सिंह, कपिल शर्मा, दिनेश गुर्जर सहित कई गौरक्षकों के हस्ताक्षर अंकित किए गए। सभी ने एक सुर में कहा कि यदि गौतस्करी रोकनी है तो पुलिस और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा।
गौतस्करी रोकथाम पर कामां प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी
कामां जैसे संवेदनशील इलाकों में गौतस्करी पर नियंत्रण प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार रात के समय बिना रोक-टोक गौ तस्कर वाहन लेकर निकल जाते हैं। ऐसे में पुलिस गश्त और ग्रामीण निगरानी का बढ़ाया जाना आवश्यक है।
संजय भारती ने कहा कि गौरक्षा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा, “गौमाता हमारे अस्तित्व और कृषि संस्कृति का प्रतीक हैं। उनकी रक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य है।” उन्होंने आग्रह किया कि सभी धर्मप्रेमी नागरिक गौतस्करी की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि कार्रवाई शीघ्र की जा सके।
प्रशासन से मांग: रात्री गश्त बढ़े और गौरक्षक दल को मिले समर्थन
ज्ञापन के अंत में मांग की गई कि रात्री गश्त को नियमित रूप से संचालित किया जाए और प्रत्येक थाने में गौरक्षक दल के प्रतिनिधियों को समन्वय के लिए जोड़ा जाए। साथ ही, गौतस्करी रोकथाम से जुड़े प्रकरणों की जांच तेज़ी से की जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
संजय भारती ने उम्मीद जताई कि एएसपी कामां शीघ्र ही आवश्यक निर्देश जारी करेंगे ताकि क्षेत्र में गौतस्करी और गौहत्या जैसी अमानवीय घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
सवाल-जवाब (FAQ)
❓ कामां में गौरक्षकों ने किसे ज्ञापन सौंपा?
गौरक्षकों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कामां को ज्ञापन सौंपा, जिसमें गौतस्करी रोकने और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की गई।
❓ ज्ञापन का नेतृत्व किसने किया?
ज्ञापन का नेतृत्व संजय भारती — भारतीय युवा सेवा संघ प्रदेश महामंत्री एवं राष्ट्रीय गौ रक्षक सेना प्रदेश संयोजक — ने किया।
❓ गौरक्षकों की मुख्य मांग क्या थी?
मुख्य मांग थी — गौतस्करी पर रोक लगाई जाए, रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और गौरक्षक दलों को पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग मिले।
❓ किन-किन लोगों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए?
हरिओम गुर्जर, विशाल बघेल, सत्यवीर, राहुल यादव, सचिन गुर्जर, मोनू राजपूत, वीर सिंह, सोम शर्मा, रविंद्र गुर्जर, सुरेंद्र सिंह, कपिल शर्मा, दिनेश गुर्जर सहित कई गौरक्षकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।









