बरहज में शिक्षा का महाउत्सव: जी.एम. एकेडमी में मेधावियों का सम्मान, सपनों को मिली नई उड़ान


 मेधावियों का सम्मान, सपनों को मिली नई उड़ान

✍️ रिपोर्ट: समाचार दर्पण ब्यूरो
मेडल पाकर गदगद नजर आए छात्र-छात्राएं और अभिभावक, बरहज में शिक्षा और सम्मान का अनोखा संगम देखने को मिला।

बरहज की गलियों ने उस दिन कुछ अलग ही रंग ओढ़ रखा था। यह कोई साधारण रविवार नहीं था—यह वह दिन था जब एक विद्यालय ने अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे शहर को अपने उत्सव में शामिल कर लिया। देवरिया जनपद के बरहज नगर में स्थित जी.एम. एकेडमी का परिसर उस दोपहर केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि सपनों का मंच बन गया था—जहाँ मेहनत को पहचान मिली, प्रतिभा को सम्मान और उम्मीदों को नई उड़ान।

दोपहर के तीन बजते ही जैसे समय ने अपनी चाल थोड़ी धीमी कर दी। स्कूल का प्रवेश द्वार रंग-बिरंगे गुब्बारों और साज-सज्जा से ऐसा सजा था मानो किसी मेले का स्वागत द्वार हो। बच्चे अपने-अपने परिधानों में सजे हुए थे—किसी की आंखों में उत्सुकता थी, किसी के चेहरे पर गर्व की हल्की झलक, और कहीं-कहीं घबराहट भी… लेकिन वह घबराहट भी आज खुशी का ही एक रूप थी।

यह आयोजन केवल एक वार्षिक परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम नहीं था। यह उस पूरे साल की मेहनत का सार्वजनिक स्वीकार था, जो किताबों के पन्नों से निकलकर आज मंच पर आने वाली थी।

दीप से शुरू हुई एक उजली यात्रा

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि डॉ. चंद्र भूषण त्रिपाठी (IAS) ने दीप जलाकर आयोजन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा नहीं देता, बल्कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने जी.एम. एकेडमी की सराहना करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में ऐसी संस्थाएं समाज के लिए प्रेरणा हैं।

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मेहनत का मूल्य और सफलता का सूत्र

विशिष्ट अतिथि राजेश कुमार सिंह (IAS) ने छात्रों को अनुशासन, निरंतरता और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो लगातार प्रयास करते रहते हैं।

डिजिटल युग और नई संभावनाएं

नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज का डिजिटल युग छात्रों के लिए अपार संभावनाएं लेकर आया है। बच्चों को तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलना होगा और आत्मनिर्भर बनना होगा।

संस्कारों के साथ शिक्षा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आश्रम बरहज पीठाधीश्वर अंजनय दास जी महाराज ने शिक्षा को सबसे बड़ा धन बताते हुए छात्रों को संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।

सम्मान का वह क्षण

कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मंच पर बुलाए जाते ही बच्चों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। अभिभावकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगत

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। बच्चों के नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया और दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे।

संस्थान की सोच

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. श्रीप्रकाश मिश्रा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और संस्कारों का विकास करना भी है। निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने बताया कि विद्यालय छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मदरब्रांच सलेमपुर के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शिक्षा को और प्रभावी बनाया जा रहा है। प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार मिश्रा ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।

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गरिमामयी उपस्थिति

इस मौके पर डॉ. अजय मिश्र, रमन शर्मा प्रबंधक जेनिथ कान्वेंट गोरखपुर, दिनेश मिश्र, नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल सहित सुनील मणि, विनोद मिश्र, प्रबंधक सेंट पाल सलेमपुर, भूपेंद्र मिश्र, संतोष मिश्र, राजीव शुक्ला, आर के मणि, कैप्टन शैलेन्द्र त्रिपाठी, नमोनारायण जी नवजीवन सलेमपुर, पूजा मिश्रा, प्रिया सिंह, प्रीति सिंह, छोटी रावत आदि की गरिमामई उपस्थिति बनी रही।

करीब डेढ़ दशक से समाचार दर्पण परिवार जीएम एकेडमी से सदभाव पाता आ रहा है। हम बरहज शाखा में अध्ययन रत सभी उत्साही बच्चों, विद्वान शिक्षक प्रभु सहित पूरी ब्यवस्था को अपनी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं समर्पित करते हुए कहना चाहते हैं – चरैवेति चरैवेति चरैवेति… रुकना मत 🙏🌺- संपादक

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