गणतंत्र दिवस का संदेश : गांव में तिरंगे के नीचे एकजुट दिखा लोकतंत्र

गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय परिसर में ग्राम प्रधान अक्षय सिंह कुशवाहा द्वारा झंडारोहण करते हुए ग्रामीण और नारी शक्ति संगठन की महिलाएं।

गांव के एक साधारण आयोजन ने इस बार गणतंत्र दिवस को खास बना दिया।

तिरंगे के नीचे एकजुट लोग, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और लोकतंत्र का जमीनी संदेश — पूरी तस्वीर अंदर।

इरफान अली लारी की रिपोर्ट
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गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद अंतर्गत भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के विकासखंड बनकटा स्थित ग्राम सभा चफवा कला में यह दिन केवल एक औपचारिक राष्ट्रीय पर्व नहीं रहा, बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक सहभागिता का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया। गांव के सार्वजनिक स्थलों पर हुए झंडारोहण कार्यक्रमों ने यह साबित किया कि लोकतंत्र की असली ताकत उसकी जमीनी एकता में निहित होती है।

प्राथमिक विद्यालय में झंडारोहण: शिक्षा और संविधान का संगम

ग्राम सभा चफवा कला के प्राथमिक विद्यालय परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडारोहण कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।
युवा और कर्मठ ग्राम प्रधान अक्षय सिंह कुशवाहा ने विद्यालय स्टाफ, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तिरंगा फहराया।

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ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की सहभागिता ने माहौल को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया।
यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्कारों की पहली पाठशाला भी होते हैं।

नारी शक्ति संगठन का झंडारोहण: सामाजिक चेतना की सशक्त तस्वीर

इसी ग्राम सभा में नारी शक्ति संगठन द्वारा ब्रह्म बाबा स्थान के समीप अलग से झंडारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ग्राम प्रधान की उपस्थिति में महिलाओं ने तिरंगा फहराकर यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में नारी शक्ति की भूमिका केवल सहायक नहीं, बल्कि निर्णायक है।

गांव की महिलाओं का सार्वजनिक स्थल पर एकजुट होकर झंडारोहण करना सामाजिक परिवर्तन और आत्मविश्वास की स्पष्ट अभिव्यक्ति के रूप में देखा गया।
यह आयोजन ग्रामीण समाज में बढ़ती जागरूकता और समान सहभागिता की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

ग्राम प्रधान अक्षय सिंह कुशवाहा का संबोधन

कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान अक्षय सिंह कुशवाहा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि भारत की असली ताकत उसकी संवैधानिक व्यवस्था और नागरिकों की एकता में निहित है।
उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता को मजबूत किए बिना लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर सशक्त नहीं बनाया जा सकता।

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उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल अधिकारों की अपेक्षा न करें, बल्कि कर्तव्यों के प्रति भी उतने ही सजग रहें।
उनके अनुसार, मजबूत ग्राम सभा ही मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधि और ग्रामीण

प्राथमिक विद्यालय में आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक अरुण रंजन यादव, सहध्यापक सुमन देवी, सुनीता तिवारी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी श्यामू कुशवाहा, जितेंद्र यादव, विकास यादव, अशोक यादव, डॉ. प्रदीप कुशवाहा, अभिषेक तत्व सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

इसके अलावा रामध्यान शर्मा (सफाई कर्मी), शोभा देवी (आंगनवाड़ी सेविका), आशा देवी (आंगनवाड़ी सहायिका), अनीता देवी (रसोइया) सहित ग्राम स्तरीय कर्मचारियों ने भी सहभागिता निभाई।

नारी शक्ति संगठन की ओर से सरिता देवी (अध्यक्ष), गुड्डी देवी (सचिव), प्रतिमा देवी (कोषाध्यक्ष), रंभा देवी, मनसा देवी, रीता देवी, कलावती देवी, मीना देवी सहित अनेक महिलाएं मौजूद रहीं।

मिठाइयों के साथ साझा हुई खुशियां

झंडारोहण कार्यक्रम के समापन पर ग्राम प्रधान अक्षय सिंह कुशवाहा द्वारा सभी उपस्थित लोगों को मिठाइयां वितरित की गईं।
इस पहल ने कार्यक्रम को औपचारिकता से आगे बढ़ाकर आपसी भाईचारे और सामूहिक खुशी के रूप में स्थापित किया।

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गांव से मजबूत होता लोकतंत्र

ग्राम स्तर पर मनाया गया यह गणतंत्र दिवस इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र केवल संसद भवन तक सीमित नहीं, बल्कि उसकी असली शक्ति गांवों की एकजुटता और सहभागिता में निहित होती है।

ग्राम सभा चफवा कला में आयोजित यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश छोड़ गया कि जब गांव जागरूक होते हैं, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: ग्राम स्तर पर गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है?

उत्तर: इससे नागरिकों में संवैधानिक जागरूकता और सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है।

प्रश्न: नारी शक्ति संगठन की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह महिलाओं की सामाजिक भूमिका और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाती है।

प्रश्न: ऐसे आयोजन समाज को क्या संदेश देते हैं?

उत्तर: ये आयोजन लोकतंत्र, भाईचारे और नागरिक जिम्मेदारियों को मजबूत करते हैं।

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