दबंग शिक्षक ने सीतापुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी को बेल्ट से पीटा, CCTV में कैद हुई घटना

दबंग शिक्षक ने सीतापुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी पर बेल्ट से हमला किया, कर्मचारी मौके पर मौजूद

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

 

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दबंग शिक्षक का हंगामा : फाइल फेंकी और बेल्ट से पिटाई शुरू

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक दबंग शिक्षक की करतूत ने पूरे शिक्षा महकमे को हिला कर रख दिया। मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के कार्यालय का है, जहां प्राथमिक विद्यालय महमूदाबाद के नदवा में तैनात शिक्षक बृजेंद्र कुमार वर्मा को स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया था। लेकिन हद तब हो गई जब इस दबंग शिक्षक ने न केवल फाइल मेज पर फेंकी बल्कि कमर में बंधी बेल्ट निकालकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह की पिटाई शुरू कर दी।

यह पूरा घटनाक्रम कार्यालय के भीतर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया। फुटेज में साफ दिख रहा है कि आरोपी शिक्षक पहले फाइल फेंकता है और फिर बेल्ट से हमला करता है। यह घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद कर्मचारी घबरा गए और कुछ पल के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दबंग शिक्षक पर कर्मचारियों ने पाया काबू

हालांकि शुरुआत में एक कर्मचारी बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन हमले की तीव्रता देखकर वह पीछे हट गया। कुछ देर बाद एक अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचा और दोनों ने मिलकर इस दबंग शिक्षक पर काबू पाया। इसके बाद किसी तरह स्थिति संभाली गई।

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सीतापुर में दबंग शिक्षक बेसिक शिक्षा अधिकारी को बेल्ट से पीटते हुए, कर्मचारी मौके पर मौजूद
सीतापुर में दबंग शिक्षक का हंगामा — बीएसए कार्यालय में अधिकारी पर बेल्ट से हमला

इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ की जा रही है।

दबंग शिक्षक पहले से था जांच के घेरे में

सूत्रों के अनुसार यह दबंग शिक्षक पहले से ही जांच के घेरे में था। महमूदाबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नदवा में उसकी तैनाती थी, जहां उस पर कई अनियमितताओं और लापरवाहियों के आरोप लग चुके थे। चल रही विभागीय जांच में भी वह दोषी पाया गया था। शायद इसी वजह से जब उसे स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया तो उसने अपना आपा खो दिया और बीएसए के साथ मारपीट करने पर उतर आया।

दबंग शिक्षक की करतूत से शिक्षा विभाग में हड़कंप

इस पूरी घटना के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी रोष है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कोई दबंग शिक्षक इतनी हिम्मत कैसे कर सकता है कि वह एक वरिष्ठ अधिकारी को सार्वजनिक रूप से पीट दे। घटना के सामने आने के बाद विभागीय अनुशासन और शिक्षक आचार संहिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

सीतापुर जैसे बड़े जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोग कह रहे हैं कि जिस व्यक्ति के कंधों पर बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है, वह खुद बेल्ट उठाकर हिंसा पर उतर आया। यह न केवल शर्मनाक है बल्कि शिक्षा प्रणाली पर भी बड़ा धब्बा है।

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CCTV फुटेज ने खोली दबंग शिक्षक की पोल

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू CCTV फुटेज है। फुटेज ने साफ दिखा दिया कि बीएसए पर हमला करने वाला शिक्षक ही था। वीडियो में नजर आता है कि बृजेंद्र कुमार वर्मा बातचीत के दौरान अचानक उत्तेजित हो जाता है। पहले वह हाथ में पकड़ी फाइल को जोर से मेज पर पटकता है और फिर बेल्ट निकालकर हमला कर देता है।

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अगर CCTV न होता तो शायद मामला अलग रूप ले लेता। लेकिन फुटेज सामने आने के बाद आरोपी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।

दबंग शिक्षक के खिलाफ पुलिस जांच

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और इस दबंग शिक्षक को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला न केवल मारपीट का है बल्कि सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी है। जांच पूरी होने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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दबंग शिक्षक की घटना से उठे बड़े सवाल

इस घटना के बाद समाज और शिक्षा जगत में कई सवाल उठ रहे हैं:

क्या ऐसे दबंग शिक्षक बच्चों को सही शिक्षा दे सकते हैं?

अगर शिक्षक खुद संयम नहीं रख सकते तो छात्रों से अनुशासन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी ऐसे शिक्षकों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?

ये प्रश्न आज न केवल सीतापुर बल्कि पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी हैं।

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सीतापुर की यह घटना इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा व्यवस्था में कड़े अनुशासन की जरूरत है। किसी भी शिक्षक को, चाहे वह कितना भी नाराज क्यों न हो, हिंसा का सहारा लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस दबंग शिक्षक ने जो किया वह न केवल अवैध है बल्कि शिक्षक समाज की गरिमा को भी चोट पहुंचाने वाला है।

अब जबकि मामला पुलिस और विभाग दोनों की जांच के अधीन है, देखना यह होगा कि इस दबंग प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

यह घटना शिक्षा विभाग को भी मजबूर करेगी कि वह अनुशासनहीन और विवादित शिक्षकों के खिलाफ सख्त नीति बनाए।

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