रमजान में यूपी-दिल्ली बाजारों में खपाने की थी तैयारी, 2022 के स्टॉक पर 2026 का स्टिकर; खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
रमजान में रोज़ा खोलने के लिए इस्तेमाल होने वाले खजूर की 10 हजार किलो एक्सपायर्ड खेप कानपुर में पकड़ी गई। 2022 की एक्सपायरी पर 2026 का स्टिकर लगाकर बाजार में उतारने की तैयारी थी।
रमजान में खजूर की बढ़ी मांग का फायदा उठाने की कोशिश
रमजान के पवित्र महीने में रोज़ा खोलने के लिए खजूर की खास अहमियत होती है। ऐसे समय में यदि बाजार में एक्सपायर्ड खजूर खपाने की तैयारी सामने आए, तो यह केवल मिलावट का मामला नहीं, बल्कि आस्था और जनस्वास्थ्य दोनों से जुड़ा प्रश्न बन जाता है। कानपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने करीब 10 हजार किलो एक्सपायर्ड खजूर जब्त कर एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। जब्त माल की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
मछरिया क्षेत्र में छापा, 50 लाख का स्टॉक सीज
खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार को मछरिया क्षेत्र स्थित रजनीश ट्रेडर्स पर छापा मारा। जांच के दौरान डिब्बों में पैक बड़ी मात्रा में खजूर बरामद किया गया, जिस पर 2025-26 की एक्सपायरी तिथि का स्टिकर चिपका था। अधिकारियों ने जब स्टिकर हटवाया, तो सामने आया कि खजूर वर्ष 2022 में ही एक्सपायर हो चुका था। यानी पुराने स्टॉक पर नई तिथि चिपकाकर उसे बाजार में उतारने की तैयारी की जा रही थी।
यूपी और दिल्ली बाजारों में सप्लाई की तैयारी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, यह स्टॉक उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न बाजारों में रमजान के दौरान सप्लाई किए जाने की योजना थी। विभाग ने मौके पर ही पूरा माल सीज कर दिया और नौ नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बाजार में सघन जांच के निर्देश
कानपुर के बेकनगंज, चमनगंज और नई सड़क जैसे इलाकों में इन दिनों खजूर की बिक्री तेज है। विभागीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि बाजार में बिक रहे पैकेटों की भी सघन जांच की जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे खरीदारी से पहले पैकेजिंग, बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि ध्यान से जांच लें।
मुस्लिम समाज ने जताई खुशी
इस कार्रवाई के बाद मुस्लिम समाज के विभिन्न संगठनों ने खाद्य विभाग की पहल की सराहना की है। ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी हाजी सलीस ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में एक्सपायर्ड खजूर बेचना न केवल अनैतिक है बल्कि रोज़ेदारों की सेहत से खिलवाड़ भी है। उन्होंने विभाग से कठोर कार्रवाई की मांग की।
क्या बोले सहायक खाद्य आयुक्त
सहायक खाद्य आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान के तहत 50 लाख रुपये का एक्सपायर्ड खजूर पकड़ा गया है। नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अन्य बाजारों में भी छापेमार अभियान चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का सेवन फूड प्वाइजनिंग, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। रमजान में रोज़ेदार पूरे दिन उपवास के बाद खजूर खाते हैं, ऐसे में खराब गुणवत्ता का उत्पाद सीधा स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
उपभोक्ता जागरूकता भी जरूरी
त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ती है। प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण है, लेकिन उपभोक्ताओं की सतर्कता भी उतनी ही आवश्यक है। एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की जांच कर ही खरीदारी करना सुरक्षित कदम है।
कानपुर में हुई इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि खाद्य सुरक्षा के मामले में लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल यह तय है कि रमजान के दौरान एक्सपायर्ड खजूर बाजार में पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया।








