एआईएमआईएम ने 2027 की चुनावी तैयारी को लेकर अब पूरी तरह आक्रामक रुख अपना लिया है। संगठन विस्तार, कार्यालय उद्घाटन और विपक्षी दलों पर खुलकर हमले के जरिए पार्टी यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के साथ-साथ जिला पंचायत जैसे स्थानीय चुनावों में भी अपनी निर्णायक भूमिका दर्ज कराने को तैयार है। इसी क्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने न केवल संगठन को मजबूती देने का आह्वान किया, बल्कि समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर भी तीखा तंज कसते हुए सियासी बहस को और तेज कर दिया।
जिला कार्यालय उद्घाटन से संगठन को मिला नया संदेश
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली के जनपद आगमन को संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिलाध्यक्ष नदीम आरिफ के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने हर्रा की चुंगी स्थित पार्टी के जिला कार्यालय का उद्घाटन फीता काटकर किया। यह कार्यालय उद्घाटन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसे संगठनात्मक विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। जिला कार्यालय अब संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, जहां से बूथ स्तर तक पार्टी की रणनीति को लागू किया जाएगा।
जिला पंचायत चुनाव पर एआईएमआईएम का बड़ा दावा
अपने संबोधन में हाजी शौकत अली ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी आगामी जिला पंचायत चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। उनका कहना था कि अब एआईएमआईएम केवल विधानसभा या लोकसभा तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि स्थानीय निकायों में भी अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे क्षेत्र में जाकर अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ें।
उनका यह बयान इस ओर इशारा करता है कि एआईएमआईएम अब स्थानीय सत्ता संरचना में भी हिस्सेदारी चाहती है। जिला पंचायत चुनाव को पार्टी 2027 के बड़े चुनाव की तैयारी के रूप में देख रही है।
2027 को लेकर पूरे प्रदेश में तेज हुई तैयारी
एआईएमआईएम ने 2027 की चुनावी तैयारी पूरे प्रदेश में तेज कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी संगठन विस्तार, कार्यकर्ता प्रशिक्षण और सामाजिक संवाद के जरिए खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य है कि वह उन वर्गों की आवाज बने, जिन्हें लंबे समय से मुख्यधारा की राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। यही कारण है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है।
महाराष्ट्र चुनाव का जिक्र कर सपा पर सीधा हमला
अपने भाषण के दौरान हाजी शौकत अली ने महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के दौरान सपा नेताओं द्वारा बयानबाजी की गई, लेकिन जनता ने सच्चाई दिखा दी। उनका यह बयान सीधे तौर पर सपा के वरिष्ठ नेता अबू आसिम आज़मी की ओर इशारा करता था।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब जनता ने जवाब दिया तो न केवल राजनीतिक बयान कमजोर पड़ गए, बल्कि उनकी सियासी भाषा भी बदल गई। इस टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
“भाजपा की बी टीम” वाले आरोप पर पलटवार
समाजवादी पार्टी द्वारा एआईएमआईएम को भाजपा की बी टीम बताए जाने के आरोप पर भी प्रदेश अध्यक्ष ने खुलकर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग यह आरोप लगाते हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उनका दावा था कि जिन पर उंगली उठाई जाती है, उन्हीं के परिवार के लोग भाजपा में हैं।
यह बयान साफ तौर पर सपा नेतृत्व पर सीधा हमला माना जा रहा है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि आने वाले दिनों में एआईएमआईएम और सपा के बीच सियासी तल्खी और बढ़ सकती है।
कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का संदेश
प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे क्षेत्र में जाकर लोगों से संवाद करें और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है। इसके लिए बूथ स्तर पर सक्रियता बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के पास स्पष्ट विचारधारा और लक्ष्य है, जरूरत केवल उसे जमीन पर उतारने की है। यही कारण है कि अब संगठनात्मक अनुशासन और सक्रियता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री सुफियान खान, सदर विधानसभा अध्यक्ष अजमल खान, अब्दुल्लाह शेख, आफताब आलम, मोज़्ज़म्मिल खान, मुदस्सर खान, हमजा खान, जावेद शेख, सत्येंद्र गौतम, आसिफ शेख, मुजस्सम खान, सद्दाम शेख सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
राजनीतिक संकेत और आगे की राह
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम साफ संकेत देता है कि एआईएमआईएम ने 2027 की चुनावी तैयारी को अब निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। जिला पंचायत से लेकर विधानसभा चुनाव तक पार्टी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीति पर काम कर रही है। विपक्षी दलों पर तीखे हमले और संगठन विस्तार के प्रयास यह दिखाते हैं कि आने वाले समय में राजनीति और अधिक धारदार होने वाली है।










