करनैलगंज सड़क हादसा: सरयू पुल के पास दर्दनाक दुर्घटना में महिला की मौत, नवाबगंज में मजदूर की भी गई जान

चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

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करनैलगंज सड़क हादसा जिले में सोमवार को दो परिवारों पर ऐसा कहर बनकर टूटा कि पूरा क्षेत्र गमगीन हो उठा। पहले हादसे में करनैलगंज के सरयू पुल के पास डंपर की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, दूसरे हादसे में नवाबगंज क्षेत्र में साइकिल सवार मजदूर एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से चल बसे। इन दोनों घटनाओं ने न सिर्फ परिजनों बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया।

सरयू पुल के पास करनैलगंज सड़क हादसा बना दिल दहला देने वाला मंजर

सोमवार दोपहर करनैलगंज सड़क हादसा उस समय हुआ जब श्रावस्ती जिले के जमुनहा डंडेकुईयां गांव निवासी शिक्षक महेश कुमार साहू अपनी पत्नी संगीता देवी (34) को इलाज कराने के बाद करनैलगंज से वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक सरयू पुल की ढलान पर पहुंची, पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि महेश बाइक सहित दूर जा गिरे, लेकिन पीछे बैठी पत्नी संगीता डंपर के आगे के हिस्से में फंस गईं। इस करनैलगंज सड़क हादसा में भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डंपर चालक ने वाहन रोकने की कोशिश तक नहीं की और करीब 500 मीटर तक महिला को घसीटता हुआ ले गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला लगातार चीखती रही, राहगीर चिल्लाते रहे, लेकिन चालक रुका नहीं। अंत में जब कटरा शहबाजपुर रेलवे क्रॉसिंग पर गेट बंद मिला, तो चालक डंपर को वहीं छोड़कर फरार हो गया।

हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने देखा कि संगीता का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था। इस दिल दहला देने वाले करनैलगंज सड़क हादसा की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

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घायल शिक्षक को रेफर, सहकर्मियों और छात्रों में रोष

दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल महेश कुमार साहू को सीएचसी करनैलगंज में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। करनैलगंज सड़क हादसा की सूचना मिलते ही उनके सहकर्मी शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए।

भीड़ ने इस दर्दनाक घटना को लेकर रोष व्यक्त किया और डंपर चालक की गिरफ्तारी की मांग की। करनैलगंज कोतवाल तेज प्रताप सिंह ने लोगों को समझाकर शांत कराया और बताया कि फरार चालक की तलाश की जा रही है।

नवाबगंज क्षेत्र में साइकिल सवार मजदूर की मौत

इसी बीच, जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में भी एक और हादसा हो गया। हरिहरपुर पंडित हाता गांव के 45 वर्षीय मजदूर विरेंद्र मिश्रा साइकिल से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे शोभापुर गांव के पास पहुंचे, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

यह करनैलगंज सड़क हादसा भले न हो, लेकिन जिले में एक ही दिन में हुए दोनों हादसों ने लोगों को हिलाकर रख दिया। विरेंद्र को गंभीर हालत में सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

करनैलगंज सड़क हादसा में मारी गईं संगीता देवी अपने पीछे तीन छोटे बच्चों—रामू (17), आनंद (12) और शिवम (9)—को बिलखता छोड़ गईं। पति महेश भी गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं। पूरा परिवार मातम में डूबा है।

दूसरी ओर मृतक विरेंद्र मिश्रा मजदूरी कर परिवार का भरण–पोषण करते थे। उनकी मौत से पत्नी लता मिश्रा, पिता कृष्णचंद्र मिश्रा, माता मीरा देवी और चार बच्चे—अंजनी (13), राधा (11), अजय (9) और शनि (8)—का सहारा टूट गया।

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एक ही दिन में हुए इन दो हादसों ने जिले में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करनैलगंज सड़क हादसा अब जिले की एक बड़ी सुरक्षा चिंता बन गया है।

करनैलगंज सड़क हादसा और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि करनैलगंज के सड़क हादसा मामले में डंपर की पहचान कर ली गई है और चालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। नवाबगंज में भी बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जिले में लगातार बढ़ते सड़क हादसों के मद्देनज़र पुलिस ने भारी वाहनों की जांच तेज करने और सरयू पुल क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त लगाने की बात कही है। यह करनैलगंज सड़क हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि सड़क सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाने होंगे।

स्थानीय लोगों में भय, प्रशासन पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरयू पुल के पास लंबे समय से तेज रफ्तार डंपरों और ट्रकों का आतंक है। करनैलगंज सड़क हादसा जैसी घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई न होने से हालात जस के तस बने हुए हैं।

ग्रामीणों ने demanded किया है कि पुल के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पुलिस चौकी की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन इन समस्याओं का समाधान नहीं करेगा, तब तक करनैलगंज सड़क हादसा जैसी दुःखद घटनाएँ होती रहेंगी।

करनैलगंज सड़क हादसा: विशेषज्ञों की राय

यातायात विशेषज्ञों का भी मानना है कि ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार भारी वाहनों को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्थाओं की आवश्यकता है। करनैलगंज सड़क हादसा इसलिए भी भयावह हुआ क्योंकि डंपर चालक ने हादसे के बाद वाहन रोकने की बजाय भागने की कोशिश की, जो गंभीर लापरवाही है।

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वे कहते हैं कि सड़क सुरक्षा के लिए जितनी ज़रूरी पुलिस की कार्रवाई है, उतनी ही आवश्यक लोगों में जागरुकता भी है। गाड़ियों की फिटनेस, ड्राइवरों की ट्रेनिंग और स्पीड कंट्रोल जैसे मुद्दों पर काम किए बिना करनैलगंज सड़क हादसा जैसे मामले रुकना मुश्किल है।

करनैलगंज सड़क हादसा: निष्कर्ष

जिले में एक ही दिन में हुए दो दर्दनाक हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। करनैलगंज सड़क हादसा आज जिले की सबसे बड़ी चिंता बन गया है। यह समय है कि प्रशासन लापरवाह वाहन चालकों पर नकेल कसते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि किसी और घर का चिराग यूँ न बुझे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

करनैलगंज सड़क हादसा कैसे हुआ?

सरयू पुल की ढलान पर तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे महिला वाहन में फंसकर 500 मीटर तक घिसटती चली गई।

हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

करनैलगंज सड़क हादसा में एक महिला की मौत हुई, जबकि नवाबगंज में साइकिल सवार मजदूर की भी मौत हो गई।

डंपर चालक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

चालक डंपर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मुकदमा दर्ज किया गया है।

मृतकों के परिवार में कौन-कौन हैं?

महिला संगीता देवी के तीन बेटे और पति घायल हैं। मजदूर विरेंद्र मिश्रा के माता-पिता, पत्नी और चार बच्चे हैं।

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