शक्ति मोबाइल टीम : जौनपुर में नारी सुरक्षा के लिए 24 घंटे मुस्तैद विशेष पुलिस पहल

जौनपुर में शक्ति मोबाइल टीम की महिला पुलिस अधिकारी हरी झंडी दिखाते हुए, नारी सुरक्षा वैन और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ

✍️राम कीर्ति यादव की रिपोर्ट
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शक्ति मोबाइल टीम के जरिए जौनपुर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। अब किसी भी विषम परिस्थिति में महिलाएं तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगी। यह पहल केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता और विश्वास निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

जौनपुर में शक्ति मोबाइल टीम की शुरुआत महिलाओं की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। पुलिस लाइन से इस विशेष नारी सुरक्षा वाहन को पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह की मौजूदगी में सहायक पुलिस अधीक्षक सृष्टि जैन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शक्ति मोबाइल टीम 24 घंटे सक्रिय रहकर महिलाओं को हर परिस्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करेगी।

शक्ति मोबाइल टीम: नारी सुरक्षा का समर्पित प्रयास

महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गठित शक्ति मोबाइल टीम में दिन और रात दोनों शिफ्ट में विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। दिन की शिफ्ट में एक महिला उपनिरीक्षक, दो महिला आरक्षी, दो आरक्षी तथा एक चालक की नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार रात्रि शिफ्ट में भी समान व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी समय सहायता उपलब्ध हो सके। यह संरचना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लिया है।

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24 घंटे मुस्तैदी और त्वरित प्रतिक्रिया

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शक्ति मोबाइल टीम हर समय सक्रिय रहेगी और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचेगी। खासकर स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों के खुलने और बंद होने के समय टीम की विशेष निगरानी रहेगी। इसके अतिरिक्त बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थानों तथा उन क्षेत्रों में नियमित भ्रमण किया जाएगा जहां महिलाओं का आवागमन अधिक रहता है। इससे छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा किसी भी असामाजिक गतिविधि पर तत्काल नियंत्रण संभव होगा।

जागरूकता अभियान भी रहेगा प्रमुख उद्देश्य

केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाना भी शक्ति मोबाइल टीम का अहम लक्ष्य है। टीम स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर छात्राओं और महिलाओं को सरकारी हेल्पलाइन नंबरों, महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं और आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी देगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक समाज में जागरूकता नहीं बढ़ेगी, तब तक सुरक्षा व्यवस्था पूर्ण रूप से प्रभावी नहीं हो सकती। इसलिए यह पहल सुरक्षा और जागरूकता दोनों को समान महत्व देती है।

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महिलाओं के लिए भरोसे का नया माध्यम

आज के समय में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज में अनेक चुनौतियाँ मौजूद हैं। ऐसे में शक्ति मोबाइल टीम महिलाओं के लिए एक भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरेगी। किसी भी विषम परिस्थिति—चाहे वह छेड़छाड़ हो, घरेलू हिंसा, पीछा करना या अन्य उत्पीड़न—में महिलाएं सीधे इस टीम की सहायता प्राप्त कर सकेंगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि त्वरित कार्रवाई से न केवल अपराध पर अंकुश लगेगा, बल्कि महिलाओं का मनोबल भी मजबूत होगा।

अधिकारियों की मौजूदगी और दिशा-निर्देश

इस अवसर पर एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, सीओ सदर देवेश सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शक्ति मोबाइल टीम के पुलिसकर्मियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और पीड़िता के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। यह निर्देश इस बात को रेखांकित करता है कि सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

समाज में सकारात्मक संदेश

जौनपुर में शक्ति मोबाइल टीम की शुरुआत से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है कि प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सजग और प्रतिबद्ध है। इससे न केवल अपराधियों में भय उत्पन्न होगा, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। पुलिस का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास माना जा रहा है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

शक्ति मोबाइल टीम क्या है?

शक्ति मोबाइल टीम जौनपुर पुलिस द्वारा गठित विशेष दल है, जो महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सक्रिय रहता है।

शक्ति मोबाइल टीम में कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं?

दिन और रात दोनों शिफ्ट में एक महिला उपनिरीक्षक, दो महिला आरक्षी, दो आरक्षी और एक चालक तैनात रहते हैं।

महिलाएं शक्ति मोबाइल टीम से कैसे सहायता ले सकती हैं?

किसी भी विषम परिस्थिति में महिला सीधे पुलिस हेल्पलाइन या स्थानीय थाने के माध्यम से संपर्क कर सकती है, जिसके बाद शक्ति मोबाइल टीम मौके पर पहुंचेगी।

क्या यह टीम केवल आपातकालीन मामलों के लिए है?

नहीं, यह टीम जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान करती है।


समाचार दर्पण 24 के संपादक कार्य करते हुए, संयमित शब्द और गहरे असर वाली पत्रकारिता का प्रतीकात्मक दृश्य
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