राइफल क्लब मैदान की नीलामी के विरोध में बांदा में जनआंदोलन, प्रशासनिक आश्वासन के बाद धरना स्थगित

राइफल क्लब मैदान की नीलामी के विरोध में बांदा में महिलाओं, खिलाड़ियों और नागरिकों द्वारा पैदल मार्च और प्रदर्शन।


संतोष कुमार सोनी की रिपोर्ट
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राइफल क्लब मैदान की नीलामी के विरोध में शनिवार को बांदा में व्यापक जनआंदोलन देखने को मिला। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, खिलाड़ियों और नागरिकों ने ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने के लिए एकजुट होकर पैदल मार्च और शांतिपूर्ण धरना दिया। प्रशासन द्वारा जनहित और खेल हित को प्राथमिकता देने के आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया।

बांदा (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, अध्यक्ष बांदा विकास प्राधिकरण एवं चित्रकूटधाम मंडल के संबंधित अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन के साथ राइफल क्लब मैदान की नीलामी के खिलाफ जनपद मुख्यालय पर जोरदार जनआंदोलन हुआ। यह आंदोलन उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, खिलाड़ी और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

सट्टन चौराहा से राइफल क्लब मैदान तक पैदल मार्च

शनिवार को सट्टन चौराहा से शुरू हुआ पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ राइफल क्लब मैदान पहुंचा। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह मैदान केवल खेल गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि बांदा की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

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प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनी जनभावनाएं

धरना स्थल पर अपर जिलाधिकारी बांदा, बांदा विकास प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन वर्मा तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) माया शंकर यादव पहुंचे और आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुना। प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि राइफल क्लब मैदान की नीलामी से जुड़ा कोई भी निर्णय जनहित, खेल हित और ऐतिहासिक विरासत को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

डेढ़ सौ वर्ष पुरानी विरासत बचाने की मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना राइफल क्लब मैदान बांदा के इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इसी मैदान से निकले कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। ऐसे में इसकी नीलामी खेल गतिविधियों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।

महिलाओं ने संभाला आंदोलन का मोर्चा

जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड वीरांगनाओं की धरती रही है। वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका ऐतिहासिक रही है और अब राइफल क्लब मैदान की नीलामी रोकने के लिए महिलाएं एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

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पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का बयान

पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि वे स्वयं खिलाड़ी रहे हैं और इसी मैदान पर खेलकर आगे बढ़े हैं। इस मैदान से निकले खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है, इसलिए इस ऐतिहासिक धरोहर की नीलामी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।

विभिन्न दलों और संगठनों की एकजुटता

धरना-प्रदर्शन में जनता दल यूनाइटेड, कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में राइफल क्लब मैदान की नीलामी को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

15 दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित नीलामी को शीघ्र निरस्त नहीं किया गया, तो आगामी 15 दिनों के भीतर आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री, बांदा विकास प्राधिकरण और चित्रकूटधाम मंडल के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।

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खेल और युवाओं के भविष्य का सवाल

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मुद्दा केवल जमीन या नीलामी का नहीं, बल्कि खेल संरचना, युवाओं के अवसर और बांदा की पहचान से जुड़ा है। जनहित में इस ऐतिहासिक मैदान का संरक्षण आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

राइफल क्लब मैदान की नीलामी का विरोध क्यों हो रहा है?

क्योंकि यह मैदान ऐतिहासिक और खेलीय विरासत का प्रतीक है और इसकी नीलामी से खेल गतिविधियों व युवाओं के भविष्य पर असर पड़ सकता है।

प्रशासन ने क्या आश्वासन दिया?

प्रशासन ने कहा है कि किसी भी निर्णय में जनहित, खेल हित और ऐतिहासिक विरासत को प्राथमिकता दी जाएगी।

आगे आंदोलन की क्या योजना है?

यदि नीलामी निरस्त नहीं हुई तो 15 दिनों के भीतर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


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