डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 : सर्वोदय पब्लिक स्कूल, आजमगढ़ में ‘विज्ञान और प्रेरणा’ का संगम

सर्वोदय पब्लिक स्कूल, आजमगढ़ में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 समारोह के दौरान छात्र-छात्राएँ, शिक्षक एवं स्कूल प्रशासन द्वारा श्रद्धांजलि व विज्ञान प्रदर्शन







🌿 आजमगढ़ में विज्ञान और संस्कार का उत्सव

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जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट – आजमगढ़। भारत के महान वैज्ञानिक, मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर सर्वोदय पब्लिक स्कूल, हरबंशपुर, आजमगढ़ में श्रद्धा, विज्ञान और प्रेरणा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रबंधन द्वारा डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से की गई। यह क्षण न केवल श्रद्धांजलि का था, बल्कि एक नए संकल्प का भी प्रतीक बना कि युवा पीढ़ी अब्दुल कलाम के स्वप्न “सशक्त और आत्मनिर्भर भारत” को साकार करेगी।

💐 कलाम के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय प्रबंधक श्री राजेन्द्र प्रसाद यादव और निदेशिका श्रीमती कंचन यादव ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 सिर्फ एक तिथि नहीं बल्कि “प्रेरणा दिवस” है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अब्दुल कलाम की तरह विनम्र, मेहनती और देशभक्त बनें।

“अगर हर छात्र अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े, तो भारत का भविष्य स्वर्णिम होगा।” – राजेन्द्र प्रसाद यादव

🎓 प्रधानाचार्या का प्रेरक संदेश

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती बिना पी. उथुप ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि

“डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम न केवल एक वैज्ञानिक थे, बल्कि वह हर बच्चे के ‘सपनों के मार्गदर्शक’ थे।”

उन्होंने उनके जीवन संघर्ष, सादगी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विस्तार से बताया। प्रधानाचार्या ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 हमें यह याद दिलाती है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, यदि संकल्प दृढ़ हो तो सफलता निश्चित है।

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🌞 सर्वोदय पब्लिक स्कूल में ‘विज्ञान प्रेरणा दिवस’ बना उत्सव का प्रतीक

पूरे विद्यालय परिसर में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 के अवसर पर विशेष सजावट की गई थी। छात्रों ने विज्ञान मॉडल, भाषण, कविता और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से अब्दुल कलाम को नमन किया।

विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि कलाम साहब का जीवन एक “खुली किताब” है जिसमें मेहनत, नैतिकता और समर्पण के अध्याय लिखे हैं। सर्वोदय पब्लिक स्कूल आजमगढ़ ने इस आयोजन को एक शैक्षिक पर्व का रूप दे दिया था।

🚀 डॉ. कलाम — बच्चों के सपनों के संरक्षक

“मिसाइल मैन” डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन हर बच्चे को यह संदेश देता है कि

“सपना वो नहीं जो सोते वक्त आता है, सपना वो है जो सोने नहीं देता।”

इस विचार को विद्यालय के मंच से अनेक छात्र-छात्राओं ने दोहराया। बच्चों ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 पर उनके विचारों को पोस्टर, पेंटिंग और कोट्स के रूप में प्रस्तुत किया। हर बच्चे के चेहरे पर “विज्ञान की जिज्ञासा और राष्ट्रप्रेम की चमक” स्पष्ट झलक रही थी।

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🌼 विद्यालय प्रबंधन की प्रेरणादायी पहल

सर्वोदय पब्लिक स्कूल, हरबंशपुर हमेशा से शिक्षा और संस्कार का संगम रहा है। इस बार डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 के अवसर पर विद्यालय ने “इनोवेशन क्लासरूम” की घोषणा की, जहाँ छात्र प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को समझेंगे।

निदेशिका कंचन यादव ने कहा कि यह कदम अब्दुल कलाम के “विज्ञान सशक्त भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में एक छोटा प्रयास है।

🕊️ कलाम की जयंती पर श्रद्धा सुमन

अंत में, विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने मौन रखकर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी। दीपक की लौ के साथ जब सभी ने “जय विज्ञान, जय भारत” का उद्घोष किया, तो पूरा परिसर प्रेरणा से भर उठा। सम्पूर्ण विद्यालय ने इस दिन को ‘प्रेरणा दिवस’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया।

🌏 नवभारत के निर्माण में डॉ. कलाम की दृष्टि

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती 2025 के इस अवसर पर यह स्पष्ट हुआ कि उनकी सोच केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं थी; वह बच्चों के सपनों और देश के भविष्य में जीवित है। सर्वोदय पब्लिक स्कूल आजमगढ़ ने यह संदेश दिया कि

“यदि हर विद्यालय एक अब्दुल कलाम तैयार करे, तो भारत विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।”



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