भरोसे का कत्ल — देवरिया में सामने आया यह सनसनीखेज मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के भीतर पनपी खामोश साजिश की कहानी है। दुबई से कमाई कर घर लौटे नौशाद को अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर को उसने सुरक्षित समझा, वहीं उसकी जिंदगी का अंत लिख दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सामने आया यह मामला इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। मईल थाना क्षेत्र के भटौली गांव निवासी नौशाद कई वर्षों से सऊदी अरब में नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। करीब एक सप्ताह पहले वह अपने गांव लौटा था। परिवार के साथ समय बिताने की उसकी इच्छा कुछ ही दिनों में एक भयावह घटना में बदल गई। पुलिस के अनुसार, उसका शव ट्रॉली बैग में बंद अवस्था में देवरिया से लगभग 50–55 किलोमीटर दूर एक सुनसान खेत से बरामद हुआ।
घटना का खुलासा कैसे हुआ?
स्थानीय लोगों ने खेत में संदिग्ध हालत में पड़े ट्रॉली बैग को देखा। दुर्गंध आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जब बैग खोला गया तो अंदर एक व्यक्ति का शव मिला। प्रारंभिक जांच और पहचान के बाद स्पष्ट हुआ कि मृतक नौशाद है, जो हाल ही में दुबई से लौटा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया और मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
पत्नी और भांजे पर हत्या का आरोप
जांच के दौरान पुलिस की शक की सुई मृतक की पत्नी और उसके भांजे की ओर घूमी। सूत्रों के अनुसार, पत्नी के अपने भांजे के साथ कथित अवैध संबंध थे। नौशाद को इस संबंध पर पहले से शक था। विदेश में रहने के कारण वह इस पर खुलकर कुछ नहीं कर पाया, लेकिन घर लौटने के बाद इस मुद्दे पर विवाद बढ़ गया। पुलिस का मानना है कि इसी विवाद ने साजिश का रूप ले लिया।
हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, नौशाद की हत्या घर के भीतर की गई। उसके बाद शव को ट्रॉली बैग में रखकर वाहन से दूर ले जाया गया और सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया, ताकि पहचान में देरी हो और पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि तकनीकी जांच ने आरोपियों की योजना को विफल कर दिया।
मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड बने अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन डेटा और मैसेजिंग हिस्ट्री की जांच की। हत्या की रात पत्नी और कथित आरोपी भांजे की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई। पूछताछ में मिले विरोधाभासी बयानों ने भी शक को और मजबूत किया। पुलिस का दावा है कि साक्ष्य हत्या को पूर्व नियोजित साजिश की ओर संकेत करते हैं।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
देवरिया पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाने का प्रयास) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मुख्य आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
समाज के लिए एक गंभीर संकेत
यह भरोसे का कत्ल केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा होता एक बड़ा प्रश्न है। जब रिश्तों में विश्वास की जगह शक और स्वार्थ ले लेते हैं, तब परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं—यह घटना उसी की मिसाल है। देवरिया हत्याकांड ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक संबंधों की नींव कितनी मजबूत रह गई है।
पुलिस का अगला कदम
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच तेज गति से की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि सभी साक्ष्यों को अदालत में पेश कर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
देवरिया में नौशाद का शव कहाँ मिला?
नौशाद का शव ट्रॉली बैग में बंद अवस्था में देवरिया से लगभग 50–55 किलोमीटर दूर एक खेत में मिला।
मामले में किन पर आरोप है?
मृतक की पत्नी और उसके भांजे पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
पुलिस ने धारा 302, 201 और 120B के तहत मामला दर्ज किया है।








