लखनऊ की राजधानी में स्थित बन्थरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम अचानक हिंसा और तनाव का केंद्र बन गया। 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर शिवपुरा वार्ड संख्या 10, अंबेडकर गांव में आयोजित कार्यक्रम में कथित तौर पर गोली चलने की घटना सामने आई, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।
जयंती समारोह में अचानक बिगड़ा माहौल
ग्रामीणों के अनुसार, अंबेडकर जयंती के अवसर पर गांव में भव्य आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में भोजन, सांस्कृतिक आयोजन और डीजे की व्यवस्था की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे। माहौल पूरी तरह उत्सवमय था और लोग बाबा साहब को श्रद्धांजलि देने में जुटे हुए थे।
इसी दौरान स्थानीय सभासद आशीष गौतम कथित रूप से नगर पंचायत बन्थरा के चेयरमैन प्रतिनिधि और अपने कुछ समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि यह आगमन बिना किसी पूर्व सूचना या आमंत्रण के हुआ था।
विवाद से हिंसा तक पहुंची स्थिति
ग्रामवासियों ने बताया कि उन्होंने चेयरमैन प्रतिनिधि से शांति बनाए रखने और कार्यक्रम के अनुसार माल्यार्पण करने का अनुरोध किया। लेकिन आरोप है कि इस दौरान सभासद आशीष गौतम आक्रोशित हो गए और उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गेट को लात मारकर खोला गया और गाली-गलौज करते हुए माहौल को तनावपूर्ण बना दिया गया। जब ग्रामीणों ने इस व्यवहार का विरोध किया, तो स्थिति और बिगड़ गई।
फायरिंग का आरोप, चार लोग घायल
ग्रामवासियों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलने लगे और इसी दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि द्वारा कथित रूप से पिस्टल निकालकर फायरिंग की गई। इस घटना में दो युवक और दो युवतियां घायल हो गईं।
घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां से एक जिंदा कारतूस और कुछ खाली खोखे बरामद किए गए, जिससे फायरिंग की पुष्टि के संकेत मिलते हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, आरोपों की लंबी सूची
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि चेयरमैन प्रतिनिधि को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था और वे अपने समर्थकों के साथ सुनियोजित तरीके से विवाद पैदा करने पहुंचे थे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम क्षेत्र में दबदबा कायम करने और लोगों को डराने-धमकाने की नीयत से किया गया। उनका कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसे विवाद सामने आ चुके हैं।
पुराने विवाद भी आए सामने
ग्रामीणों ने 11 अप्रैल को हुए एक अन्य विवाद का भी जिक्र किया, जिसमें नगर पंचायत बन्थरा में मनोनीत सभासदों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पत्रकारों से अभद्रता और मारपीट की कोशिश का आरोप लगाया गया था।
बताया गया कि जब पत्रकारों ने विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए, तो चेयरमैन प्रतिनिधि और उनके समर्थक नाराज हो गए और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, उस समय स्थानीय लोगों और अन्य प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था।
पुलिस की मौजूदगी, लेकिन कार्रवाई पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राणा राजेश सिंह, एसीपी कृष्णा नगर और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण नहीं हो सका था और पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई भी सामने नहीं आई थी।
इसी बीच चेयरमैन प्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ थाना बन्थरा पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
दबंगई और सत्ता की हनक पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पंचायत बन्थरा में चेयरमैन प्रतिनिधि की दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा, खनन गतिविधियां और भ्रष्टाचार जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
लोगों का कहना है कि इसी कारण उन्होंने चेयरमैन को कार्यक्रमों में बुलाना बंद कर दिया था, जिससे नाराज होकर इस तरह की घटनाएं की जा रही हैं।
निष्कर्ष: बढ़ता तनाव, इंतजार कार्रवाई का
बन्थरा की यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौती बनती नजर आ रही है। अंबेडकर जयंती जैसे संवेदनशील अवसर पर हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी निष्पक्षता और तेजी से कार्रवाई करती है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग प्रशासन से ठोस कदम की उम्मीद कर रहे हैं।
FAQ
बन्थरा में यह घटना कब हुई?
यह घटना 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के दौरान हुई।
घटना में कितने लोग घायल हुए?
इस घटना में दो युवक और दो युवतियां घायल हुई हैं।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
पुलिस ने घटनास्थल से एक जिंदा कारतूस और कुछ खाली खोखे बरामद किए हैं।


