📝 कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
सरोजनी नगर तहसील क्षेत्र में जय मां कटेक्शन कम्पनी पर गंभीर आरोप, प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश के बंथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सरोजनी नगर तहसील में एक बार फिर अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जय मां कटेक्शन कम्पनी के मालिकों ने स्थानीय प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सरकारी बंजर भूमि पर रात के अंधेरे में पोकलैंड मशीन लगाकर मिट्टी का अवैध खनन कराया।
क्षेत्र में खनन माफियाओं की सक्रियता कोई नई बात नहीं है। लगातार समाचार पत्रों और स्थानीय माध्यमों में इस तरह की घटनाएं सुर्खियों में रहने के बावजूद शासन-प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि इसी संरक्षण के चलते खनन माफिया रात के समय बिना किसी डर के डंपरों को सड़कों पर फर्राटा भरते हुए चलाते हैं।
दिनांक 11/12/2025 की रात ग्राम पंचायत नीवा में सरकारी बंजर भूमि गाटा संख्या 373स (रकबा 0.1160) एवं गाटा संख्या 397 (रकबा 0.0105) पर अवैध खुदाई किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान से जुड़े सहयोगियों व शुभचिंतकों ने कंपनी के मालिकों से सांठ-गांठ कर सैकड़ों डंपर मिट्टी निकलवा दी, जिससे सरकारी भूमि तालाब जैसी गहराई में तब्दील हो गई।
सूत्रों के अनुसार जय मां कटेक्शन कम्पनी को उपजिलाधिकारी सरोजनी नगर द्वारा 1708 घन मीटर मिट्टी खनन की अनुमति दी गई थी, लेकिन यह अनुमति सरकारी बंजर भूमि से खनन के लिए नहीं थी। इसके बावजूद आरोप है कि अनुमति कहीं और की दिखाकर वास्तविक खुदाई सरकारी भूमि पर की गई। इससे खनन माफियाओं को भारी मुनाफा होता है और कथित तौर पर स्थानीय स्तर से लेकर प्रशासनिक तंत्र तक बंदरबांट होती है। खनन माफिया अली सिद्दीकी का नाम इन माफियाओं में प्रमुख है।
12/12/2025 की सुबह जब ग्राम सभा के लोगों ने विरोध-हंगामा किया और लेखपाल से संपर्क किया, तो अवैध खनन की जानकारी सामने आई। इसके बाद खनन में लगे सभी डंपर और पोकलैंड मशीन मौके से हटा ली गईं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रात की जल्दबाजी में एक किसान की निजी जमीन भी खोद दी गई, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ।
हालांकि इस पूरे मामले की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। यह एक गंभीर विषय है और यदि किसी ईमानदार व सक्षम अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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❓ क्या सरकारी बंजर भूमि पर अवैध खनन हुआ है?
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि रात में सरकारी बंजर भूमि पर अवैध खनन किया गया, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
❓ कम्पनी को कितनी मिट्टी खनन की अनुमति थी?
सूत्रों के अनुसार 1708 घन मीटर मिट्टी खनन की अनुमति थी, लेकिन सरकारी बंजर भूमि से खुदाई की अनुमति नहीं थी।
❓ प्रशासन की भूमिका पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
लगातार शिकायतों और खबरों के बावजूद समय पर कार्रवाई न होने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
❓ आगे क्या कार्रवाई होनी चाहिए?
मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।









