गांव के बीच शिक्षा का संवाद
महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश पर शनिवार को हरगांव के प्राथमिक विद्यालय हैदरपुर में शिक्षा चौपाल का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शिक्षा और समाज के बीच एक सजीव संवाद का मंच बनकर उभरा। चौपाल का मुख्य उद्देश्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को जन-जन तक पहुंचाना और अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के प्रति अधिक सजग बनाना था।
अधिकारियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के एआरपी सत्यांश, इंद्रसेन, बृजेश, नावेद और आलोक सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। इनके साथ ही पीएम श्री विद्यालय भनवापुर के प्रधानाध्यापक अवधेश जायसवाल, शिक्षक रोहित शुक्ला, नोडल संकुल शिक्षक इंद्रेश शर्मा, विवेक मिश्रा और मनोज कुमार ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मिला मंच
इस चौपाल में संकुल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षिकाएं दीप्ति, मोनी और प्रियंका के साथ-साथ शिक्षक धर्मेंद्र, बृजेन्द्र और ऋतुराज अवस्थी भी शामिल हुए। यह मंच उनके प्रयासों की सराहना और अनुभव साझा करने का अवसर बना, जिससे अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिली।
जनभागीदारी से मजबूत हुआ आयोजन
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामवासी, एसएमसी अध्यक्ष राजबहादुर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और प्रभावी बना दिया। शिक्षा चौपाल का उद्देश्य तभी सफल माना जाता है जब समाज की भागीदारी उसमें सुनिश्चित हो, और इस कार्यक्रम में यह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
स्वागत, संचालन और नेतृत्व
अतिथियों का स्वागत इंचार्ज प्रधानाध्यापक अंशुल भार्गव ने किया, जबकि मंच संचालन राकेश कुमार उपाध्याय ने प्रभावशाली ढंग से संभाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह यादव ने की, जिन्होंने शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखते हुए ग्रामीणों को बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने का संदेश दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल बच्चों की प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक विकास की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका नेहा दुबे, जागृति यादव, कुसुमा देवी और सर्वेश कुमार का विशेष योगदान रहा।
छात्रों का सम्मान और पुस्तकों का वितरण
चौपाल के दौरान संकुल के विभिन्न विद्यालयों से अटल आवासीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय में चयनित छात्रों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल छात्रों के लिए प्रोत्साहन था, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। साथ ही, हैदरपुर विद्यालय के बच्चों को इस सत्र की नई पुस्तकों का वितरण भी किया गया, जिससे उनकी पढ़ाई की शुरुआत उत्साह के साथ हो सके।
औरत अनित सरनिपुण भारत मिशन की ओर बढ़ते कदम
यह शिक्षा चौपाल निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इस प्रकार के आयोजनों से शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है और अभिभावकों, शिक्षकों तथा प्रशासन के बीच समन्वय मजबूत होता है।
निष्कर्ष: शिक्षा और समाज का मिलन
हरगांव के हैदरपुर में आयोजित यह चौपाल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा और समाज के बीच विश्वास का एक सेतु बनकर सामने आया। जब गांव, विद्यालय और प्रशासन एक साथ खड़े होते हैं, तभी शिक्षा के वास्तविक लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
❓ FAQs
शिक्षा चौपाल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना और शिक्षा के महत्व को समझाना।
कार्यक्रम में किन लोगों ने भाग लिया?
शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, ग्रामवासी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
छात्रों को क्या लाभ मिला?
चयनित छात्रों को सम्मानित किया गया और सभी बच्चों को नई पुस्तकें वितरित की गईं।








