बृजभूषण सिंह बोले : नेताओं के घर भीड़ लोकप्रियता नहीं, सिस्टम की नाकामी का नतीजा है

अब्दुल मोबीन सिद्दीकी की रिपोर्ट

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गोंडा: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने अपने आवास पर फरियादियों की बातें सुनने के बाद मीडिया से बातचीत में कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जनता का असली समर्थन उसी नेता को मिलता है जिसके साथ लोग दिल से खड़े होते हैं। बृजभूषण सिंह ने दावा किया कि पिछले चार दशकों से जनता ने उन्हें सिर-आँखों पर बैठाया है और पूरे देश में उनके जैसा प्रभाव किसी अन्य नेता का नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर आज भी वे किसी आम चौराहे पर खड़े हो जाएं तो लोग खुद रुक जाते हैं और उनका स्वागत करते हैं। यह जनता के स्नेह और विश्वास का प्रतीक है, जो वर्षों के जनसंपर्क, सेवा और समर्पण से अर्जित होता है।

सिस्टम की कमजोरी से नेताओं के घरों पर जुटती भीड़: बृजभूषण सिंह

पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने शासन-प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताओं के घरों पर भीड़ जुटने की असली वजह सरकारी सिस्टम की कमजोरी है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासनिक व्यवस्था ठीक से काम नहीं करती, तब आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे नेताओं के पास पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा, “यदि सरकारी दफ्तर समय पर जनता की समस्याओं का समाधान कर दें, तो किसी को नेताओं के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दाखिल-खारिज, वसीयत या जमीन की माप जैसे सामान्य प्रशासनिक कार्य समय पर हो जाएं तो जनता का बोझ काफी हद तक कम हो सकता है।”

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बृजभूषण सिंह ने कहा कि जहां सिस्टम कमजोर होता है, वहीं नेताओं का प्रभाव बढ़ा हुआ दिखाई देता है। लोग इसे लोकप्रियता समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह प्रशासन की नाकामी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतंत्र की ताकत उसका सुचारु प्रशासन होता है, न कि नेताओं के दरबारों में लगने वाली भीड़।

चार दशक से कायम है बृजभूषण सिंह का प्रभाव

राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि वे अब तक छह बार संसद पहुंच चुके हैं। उनकी पत्नी भी एक बार सांसद रह चुकी हैं, जबकि उनका एक बेटा वर्तमान में सांसद है और दूसरा बेटा दो बार विधायक रह चुका है।

उन्होंने गर्व से कहा कि लगभग 40 वर्षों से उनके परिवार का प्रभाव गोंडा और आसपास के इलाकों में कायम है। उन्होंने कहा कि यह प्रभाव किसी सत्ता या पद का परिणाम नहीं बल्कि जनता के विश्वास और प्रेम का परिणाम है। “हमने हमेशा जनता की बात सुनी है, उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं, यही वजह है कि लोग आज भी हमसे जुड़ाव महसूस करते हैं।”

बृजभूषण सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार नए समीकरण बन रहे हैं और पुराने नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अपने बयान से यह संदेश दिया कि जनता का विश्वास किसी भी राजनीतिक समीकरण से बड़ा होता है।

बिहार चुनाव पर बड़ा दावा: NDA की बनेगी सरकार

बातचीत के दौरान बृजभूषण सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वहां एक बार फिर NDA की ही सरकार बनेगी। उन्होंने आत्मविश्वास से कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे खुद जुर्माना भरने को तैयार हैं।

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उन्होंने कहा कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और विकास योजनाओं पर भरोसा कर रही है। “बिहार की जनता यह समझ चुकी है कि एनडीए ही राज्य को स्थिरता और विकास की दिशा दे सकती है,” उन्होंने कहा।

यह बयान बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। बृजभूषण सिंह का कहना था कि विपक्ष के पास न तो ठोस मुद्दे हैं और न ही जनता को भरोसा देने वाली कोई दृष्टि। इसलिए आने वाले चुनाव में NDA की जीत तय है।

जनता के बीच बने रहने को ही राजनीति की असली ताकत बताया

बृजभूषण सिंह ने कहा कि राजनीति का मतलब सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि जनता के बीच बने रहना, उनके सुख-दुख में शामिल होना ही असली राजनीति है। उन्होंने कहा, “नेता वही जो जनता के बीच रहकर उनकी आवाज बने। सत्ता और पद तो अस्थायी होते हैं, लेकिन जनता का विश्वास स्थायी होता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि आज की राजनीति में दिखावा और प्रचार ने वास्तविक सेवा की भावना को कमजोर किया है। उन्होंने युवा नेताओं को सलाह दी कि वे प्रचार से ज्यादा काम पर ध्यान दें और जनता के लिए भरोसेमंद चेहरा बनें।

पूर्व सांसद ने कहा कि अगर प्रशासन ईमानदारी से काम करे, तो नेताओं को समस्याओं का केंद्र बनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब जनता को न्याय और सेवाएं समय पर मिलें।”

गोंडा से बृजभूषण सिंह का राजनीतिक संदेश

गोंडा से यह बयान आने का राजनीतिक महत्व भी है। यहां बृजभूषण सिंह का प्रभाव दशकों से कायम है और वे इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। उनके इस बयान को न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में संदेश माना जा रहा है बल्कि यह राजनीतिक वर्ग के लिए आत्ममंथन का संकेत भी है।

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उनकी इस टिप्पणी से साफ है कि वे जनता और प्रशासन के बीच की खाई को भरने के पक्ष में हैं और चाहते हैं कि सिस्टम इतनी मजबूत हो कि जनता को फरियाद लेकर नेताओं के घर न जाना पड़े।

बृजभूषण सिंह के इस बयान ने उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह है कि आने वाले समय में उनके इस राजनीतिक संदेश को कितना समर्थन मिलता है।

सवाल-जवाब (FAQ)

बृजभूषण सिंह ने नेताओं के घरों पर भीड़ जुटने को क्या बताया?

उन्होंने कहा कि यह लोकप्रियता नहीं बल्कि सिस्टम की नाकामी का नतीजा है, क्योंकि सरकारी दफ्तर समय पर काम नहीं करते।

बृजभूषण सिंह का राजनीतिक अनुभव कितना है?

वे छह बार सांसद रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी सांसद रह चुकी हैं और उनका बेटा दो बार विधायक एवं एक बार सांसद रह चुका है।

बिहार चुनाव को लेकर बृजभूषण सिंह ने क्या कहा?

उन्होंने दावा किया कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी और यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे जुर्माना भरने को तैयार हैं।

बृजभूषण सिंह ने प्रशासनिक सिस्टम पर क्या टिप्पणी की?

उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज, वसीयत या जमीन मापने जैसे सामान्य कार्य समय पर पूरे हों तो जनता को नेताओं के पास नहीं जाना पड़ेगा।

बृजभूषण सिंह के मुताबिक राजनीति की असली ताकत क्या है?

जनता के बीच बने रहना, उनकी समस्याओं को सुनना और सेवा करना ही राजनीति की असली ताकत है।

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