दस छोरियों बाद महिला ने जन्म दिया एक बेटे को ; परिवार को मिली अपार खुशियाँ

हरियाणा के जींद जिले के उचाना में 10 बेटियों के बाद बेटे को जन्म देने वाली महिला अपने बच्चों के साथ।

🖊️ जोगिंदर सिंह की रिपोर्ट
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दस छोरियों बाद महिला ने जन्म दिया एक बेटे को— यह खबर हरियाणा के जींद जिले से सामने आई है, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
उचाना क्षेत्र के एक परिवार में उस वक्त खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा, जब 11वीं बार मां बनी एक महिला ने बेटे को जन्म दिया।
इससे पहले महिला 10 बेटियों की मां थी और वर्षों से चली आ रही बेटे की चाह अब जाकर पूरी हुई।

यह घटना केवल एक पारिवारिक खुशी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समाज की मानसिकता,
मातृत्व से जुड़े जोखिम, भावनात्मक दबाव और सामाजिक सोच के कई पहलुओं को भी सामने लाती है।

11वीं बार मां बनी महिला, पहले से हैं 10 बेटियां

जानकारी के मुताबिक, उचाना क्षेत्र की इस महिला ने 11वीं बार बच्चे को जन्म दिया है।
इससे पहले उनके घर में 10 बेटियां हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है।
करीब 19 साल पहले विवाह के बाद से ही महिला लगातार मातृत्व की जिम्मेदारी निभाती आ रही है।

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परिवार का कहना है कि उन्होंने हमेशा बेटियों का पालन-पोषण पूरे स्नेह और जिम्मेदारी के साथ किया,
लेकिन सामाजिक वातावरण और पारिवारिक अपेक्षाओं के बीच बेटे की चाह बनी रही।

नॉर्मल डिलीवरी, खून की कमी के कारण था खतरा

उचाना के एक निजी अस्पताल में यह डिलीवरी नॉर्मल तरीके से कराई गई।
हालांकि डॉक्टरों के अनुसार महिला में खून की कमी पाई गई थी,
जिसके चलते यह डिलीवरी चिकित्सकीय रूप से संवेदनशील मानी जा रही थी।

डॉक्टरों की सतर्क निगरानी और समय पर इलाज के चलते मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि 11वीं बार मां बनना अपने आप में जोखिम भरा होता है,
लेकिन फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

खुशी में भावुक हुए पिता, आंखों से छलके आंसू

महिला के पति ने बताया कि जब वे पत्नी को डिलीवरी के लिए अस्पताल ले जा रहे थे,
तो उनका दिल बहुत तेजी से धड़क रहा था।
जैसे ही बेटे के जन्म की खबर मिली, वे खुद को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

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अस्पताल में मौजूद एक महिला पत्रकार से बातचीत के दौरान पिता इतने भावुक हो गए
कि वे अपनी 10 बेटियों में से दो के नाम तक भूल गए।
इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ।

“भइया लेकर आना” — बेटियों की मासूम ख्वाहिश

पिता ने बताया कि उनकी बेटियां अक्सर उनसे कहती थीं कि इस बार भइया लेकर आना।
पड़ोसियों ने भी बेटे के जन्म पर डीजे बजाने और मिठाई बांटने का वादा किया था।
बेटे के जन्म के बाद पूरे मोहल्ले में खुशी का माहौल है।

मां का बयान: डर भी था, भरोसा भी

11वीं बार मां बनी महिला ने बताया कि डिलीवरी से पहले उन्हें काफी घबराहट हो रही थी।
इतनी बार मां बनना शारीरिक और मानसिक रूप से कठिन होता है।
उन्होंने कहा कि परिवार ने उन पर कोई दबाव नहीं डाला और सब कुछ ईश्वर की मर्जी पर छोड़ दिया गया था।

महिला ने यह भी कहा कि वे अपनी सभी बेटियों से बराबर प्यार करती हैं
और सभी का पालन-पोषण पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है।

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खुशी के साथ समाज के लिए सवाल

दस छोरियों बाद बेटे के जन्म की यह घटना जहां एक ओर परिवार की अपार खुशी को दर्शाती है,
वहीं दूसरी ओर समाज के सामने यह सवाल भी रखती है कि क्या आज भी बेटे की चाह
परिवारों को बार-बार जोखिम उठाने पर मजबूर कर रही है।

यह खबर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि बेटियों को समान दर्जा देने की बात
केवल कागज़ों और नारों तक ही सीमित तो नहीं रह गई है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह मामला कहां का है?

यह घटना हरियाणा के जींद जिले के उचाना क्षेत्र की है।

महिला पहले कितने बच्चों की मां थी?

महिला पहले 10 बेटियों की मां थी और अब 11वीं बार बेटे को जन्म दिया है।

क्या डिलीवरी में जोखिम था?

महिला में खून की कमी थी, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में नॉर्मल डिलीवरी हुई।



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