बाबा बड़े भौकाली ; गनरों की सुरक्षा में मेला घूमने वाले बाबाओं की ये है हकीकत

बाबा बड़े भौकाली, प्रयागराज माघ मेले में गनर सुरक्षा के साथ साधु-संत, भारी पुलिस बल और CCTV निगरानी

चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
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बाबा बड़े भौकाली; प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेला इस बार आस्था, अध्यात्म और सुरक्षा—तीनों कारणों से चर्चा में है। साधु-संतों की परंपरागत उपस्थिति के बीच इस बार एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। बाबा बड़े भौकाली; जान का खतरा जताते हुए करीब 150 साधु-संतों ने व्यक्तिगत सुरक्षा की मांग की, जिसके बाद मेला पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) ने गोपनीय सत्यापन शुरू किया। सत्यापन के बाद अब तक 90 साधु-संतों को गनर सहित सुरक्षा मुहैया कराई जा चुकी है।

संगम तट पर सुरक्षा के साये में साधु-संत

प्रयागराज माघ मेले में हर वर्ष देश-विदेश से हजारों साधु-संत पहुंचते हैं। कोई अखाड़ों में प्रवास करता है, तो कोई निजी शिविरों में। लेकिन इस बार बाबा बड़े भौकाली; कई ऐसे साधु-संत सामने आए हैं, जिन्होंने खुद को असुरक्षित बताते हुए मेला पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। इन आवेदनों में व्यक्तिगत रंजिश, पूर्व विवाद, सोशल मीडिया पर धमकियां और आपसी टकराव जैसे कारण बताए गए हैं।

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गोपनीय सत्यापन में जुटी LIU

मेला पुलिस के मुताबिक, हर आवेदन को गंभीरता से लिया जा रहा है। स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह यह जांच करे कि किन साधु-संतों को वास्तव में जान का खतरा है। बाबा बड़े भौकाली; LIU की रिपोर्ट पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अतिरिक्त खतरे से बचा जा सके। अब तक आई रिपोर्ट के आधार पर 90 साधु-संतों को व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान की गई है।

65 से अधिक शिविर पहले से सुरक्षा घेरे में

माघ मेला क्षेत्र में कुल 65 से अधिक प्रमुख शिविर हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए पहले से ही होमगार्ड और पुलिस बल तैनात है। इसके बावजूद बाबा बड़े भौकाली; कुछ संतों ने अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की। प्रशासन का मानना है कि सभी संत एक जैसे नहीं हैं—कुछ अत्यंत सामान्य जीवन जीते हैं, तो कुछ प्रभावशाली और विवादों में रहे हैं।

भारी पुलिस बल से पटा मेला क्षेत्र

श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुरक्षा को देखते हुए माघ मेले में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बाबा बड़े भौकाली; आंकड़ों पर नजर डालें तो सुरक्षा इंतजाम खुद अपनी कहानी कहते हैं—

  • 7 अपर पुलिस अधीक्षक
  • 14 क्षेत्राधिकारी (CO)
  • 29 इंस्पेक्टर
  • 221 दरोगा व 15 महिला दरोगा
  • 1593 सिपाही व 136 महिला सिपाही
  • 1088 होमगार्ड और 304 पीआरडी कर्मी
  • 5 बाढ़ राहत PAC कंपनियां
  • 7 कानून-व्यवस्था PAC कंपनियां
  • 2 NDRF और 1 SDRF टीमें
  • 6 BDDs, 2 ATS चेक टीमें
  • 78 LIU कर्मी
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400 से अधिक कैमरों से 24×7 निगरानी

बाबा बड़े भौकाली; मेला क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे शहर और मेला परिसर में कुल 1552 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 400 कैमरे सिर्फ मेला क्षेत्र में सक्रिय हैं। एक सेंट्रल कंट्रोल रूम से इन सभी कैमरों की निगरानी की जा रही है।

महिला और साइबर हेल्प डेस्क भी सक्रिय

मेले में 16 महिला हेल्प डेस्क और 17 साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 761 फायरकर्मी, 20 वॉच टावर और यातायात नियंत्रण के लिए अलग से पुलिस बल तैनात किया गया है। बाबा बड़े भौकाली; हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

गनरों की सुरक्षा में घूमते बाबा, उठते सवाल

मेला क्षेत्र में गनरों के साथ घूमते कुछ साधु-संत अब चर्चा का विषय बन गए हैं। श्रद्धालुओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या आस्था के इस मेले में सुरक्षा का यह प्रदर्शन जरूरी है? बाबा बड़े भौकाली; प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा पूरी तरह खतरे के आकलन पर आधारित है, न कि दिखावे पर।

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एसपी माघ मेला का बयान

एसपी माघ मेला नीरज कुमार पांडेय के अनुसार, “जिन साधु-संतों ने सुरक्षा मांगी है, उनकी LIU से जांच कराई जा रही है। जिन मामलों में वास्तविक खतरा पाया गया है, उन्हें नियमानुसार सुरक्षा दी गई है। शेष आवेदनों पर रिपोर्ट आने के बाद निर्णय लिया जाएगा।” बाबा बड़े भौकाली; प्रशासन की प्राथमिकता सभी की सुरक्षा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

साधु-संतों ने सुरक्षा क्यों मांगी?

कई साधु-संतों ने व्यक्तिगत रंजिश, धमकी और पुराने विवादों के चलते जान का खतरा बताया है।

अब तक कितने साधुओं को सुरक्षा मिली है?

LIU की रिपोर्ट के आधार पर अब तक करीब 90 साधु-संतों को सुरक्षा प्रदान की गई है।

क्या सभी आवेदनों को मंजूरी मिलेगी?

नहीं, केवल उन्हीं मामलों में सुरक्षा दी जाएगी, जहां वास्तविक खतरे की पुष्टि होगी।

मेले में कुल कितने CCTV कैमरे लगे हैं?

पूरे शहर और मेला क्षेत्र में कुल 1552 CCTV कैमरे लगाए गए हैं।



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