सर्वेश कुमार यादव
प्रदेश में शून्य दृश्यता, धूप के दर्शन दुर्लभ, जनजीवन पर सीधा असर
प्रदेश में ठंड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बढ़ते कोहरे और गिरते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को भी हालात कुछ अलग नहीं रहे। सुबह के समय कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं रेल और सड़क यातायात पर भी व्यापक असर पड़ा। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आने वाले दो दिनों में ठंड और अधिक तीखी हो सकती है और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी: अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मौसम का मिजाज बदलने के कोई संकेत नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं और नमी की अधिकता के कारण कोहरे की मोटी परत बनी हुई है। जब तक यह परत नहीं हटेगी, तब तक धूप निकलने की संभावना बेहद कम रहेगी। यही कारण है कि दिन के समय भी सर्दी का अहसास बना रहेगा और गलन बढ़ेगी।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति खासतौर पर मैदानी इलाकों में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है, जहां सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है। कई स्थानों पर तो स्थिति इतनी खराब है कि सुबह के समय हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा।
शनिवार को इन जिलों में रही शून्य दृश्यता
मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के मुताबिक शनिवार की सुबह आगरा, कुशीनगर, कानपुर और फुर्सतगंज में दृश्यता पूरी तरह शून्य दर्ज की गई। इसके अलावा अलीगढ़ और प्रयागराज में दृश्यता महज 50 मीटर रही, जबकि फतेहगढ़ में 80 मीटर, झांसी और आजमगढ़ में 100 मीटर तथा राजधानी लखनऊ में 150 मीटर तक दृश्यता सिमट गई।
इतनी कम दृश्यता के कारण सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों के चलते लोगों को मजबूरी में घरों से बाहर निकलना पड़ रहा है।
अत्यधिक घने कोहरे के हाई अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग के अनुसार बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदासनगर, आगरा, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के इलाकों में अत्यधिक घना कोहरा छाने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों में सुबह और देर रात दृश्यता शून्य के करीब रह सकती है।
इन जिलों में शीत दिवस की चेतावनी
फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोरखपुर, संत कबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, औरैया, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर सहित कई जिलों में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है।
शीत दिवस का अर्थ है कि दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाए, जिससे दिन में भी सर्दी का असर बना रहे। इससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
जनजीवन पर गहरा असर, बाजार और स्कूल प्रभावित
ठंड और कोहरे के चलते प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह के समय बाजार देर से खुल रहे हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव के सहारे ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है।
आगे क्या कहता है मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में ठंड और कोहरा और घना हो सकता है। न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट संभव है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना जताई गई है, लेकिन फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है।
❓अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रदेश में ठंड और कोहरा कब तक रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक ठंड और घना कोहरा बना रहेगा।
कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, लखनऊ सहित कई जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
क्या तापमान और गिरेगा?
हाँ, न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना है।
क्या शीत दिवस का असर खतरनाक होता है?
शीत दिवस में दिन का तापमान सामान्य से कम रहता है, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।










