एक पिस्टल, दो लाशें… मथुरा के नामी बीड़ी कारोबारी का उजड़ा परिवार

📰 ठाकुर के के सिंह की रिपोर्ट | ©समाचार दर्पण 24 | मथुरा

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मथुरा क्राइम न्यूज़: उत्तर प्रदेश के मथुरा से क्राइम की दुनिया की एक दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। दिनेश बीड़ी वाले (555 बीड़ी) के नाम से मशहूर परिवार में शराब पीने के विवाद ने एक ऐसा खौफनाक रूप लिया कि पिता और पुत्र दोनों की गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गुस्से में आकर बेटे ने पहले अपने पिता पर गोली चलाई और फिर खुद को भी गोली मार ली।

यह मथुरा गोलीकांड की खबर जैसे ही सामने आई, वृंदावन कोतवाली क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पूरे इलाके में मातम छा गया और मथुरा पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

शराब पीने को लेकर पिता-पुत्र में विवाद और फिर चली गोलियां

जानकारी के मुताबिक, सुरेश चंद्र अग्रवाल और उनके बेटे नरेश अग्रवाल के बीच लंबे समय से आपसी तनाव चल रहा था। शुक्रवार रात दोनों के बीच शराब पीने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति गोलीबारी तक पहुंच गई।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुस्साए नरेश ने पिता पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी। गोली लगते ही सुरेश चंद्र मौके पर गिर पड़े। इसके कुछ ही पलों बाद नरेश ने उसी हथियार से अपनी कनपटी पर गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम

मथुरा वृंदावन क्षेत्र में यह खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। किसी को विश्वास नहीं हुआ कि शहर का एक प्रतिष्ठित बीड़ी कारोबारी परिवार इस तरह से खत्म हो जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिता-पुत्र में शराब को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन इस बार मामला जानलेवा साबित हुआ।

पड़ोसी और राहगीर मथुरा गोलीकांड की इस घटना को देखकर स्तब्ध रह गए। परिवार में मातम पसरा है और इलाके में सन्नाटा छा गया है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी

घटना की सूचना पर वृंदावन कोतवाली पुलिस और सीओ सदर संदीप कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

सीओ संदीप कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पिता-पुत्र के बीच शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने कहा कि घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद कर ली गई है और फॉरेंसिक टीम से जांच कराई जा रही है।

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पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका इसमें थी या पूरा मामला पारिवारिक तनाव का परिणाम है।

मथुरा गोलीकांड ने उठाए सवाल — बढ़ते तनाव और घरेलू विवाद का भयावह रूप

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि समाज में घरेलू विवाद और तनाव कितने खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। शराब जैसी लत और पारिवारिक मतभेद अगर समय रहते सुलझाए न जाएं, तो यह मथुरा गोलीकांड जैसी घटनाओं का रूप ले लेते हैं।

मथुरा क्राइम न्यूज़ के इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार को तबाह किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र को भी झकझोर कर रख दिया है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया — “विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसा हो गया”

पड़ोसियों का कहना है कि सुरेश अग्रवाल एक सम्मानित व्यापारी थे और उनका परिवार हमेशा सभ्य माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय से पिता-पुत्र के बीच तनाव बढ़ गया था। गोली चलने की आवाज सुनकर जब लोग घर की ओर भागे, तो दोनों को खून से लथपथ देखा।

स्थानीय निवासियों ने मथुरा पुलिस से अपील की है कि इस मामले की पूरी तरह जांच कर सही तथ्य सामने लाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मथुरा गोलीकांड की सच्चाई सामने आएगी। फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ आसपास के लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं।

फिलहाल, मथुरा में पिता-पुत्र की गोलीकांड की यह घटना हर किसी के लिए चेतावनी है कि पारिवारिक विवादों को हिंसक रास्ता देने के बजाय संवाद और समझ का रास्ता अपनाना ही सही विकल्प है।


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मथुरा गोलीकांड कब और कहाँ हुआ?

यह वारदात मथुरा के वृंदावन कोतवाली क्षेत्र के गोरा नगर कॉलोनी में शुक्रवार रात हुई।

इस घटना में कौन-कौन शामिल थे?

घटना में पिता सुरेश चंद्र अग्रवाल और पुत्र नरेश अग्रवाल शामिल थे। दोनों की गोली लगने से मौत हो गई।

विवाद का कारण क्या था?

दोनों के बीच शराब पीने को लेकर तीखा विवाद हुआ था जो बाद में गोलीबारी में बदल गया।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि घटना में प्रयुक्त रिवॉल्वर लाइसेंसी थी और कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था।

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