लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में नए साल की शुरुआत भले ही हल्की धूप और अपेक्षाकृत सुहावने मौसम के साथ हुई हो, लेकिन मौसम विज्ञान के संकेत आने वाले दिनों में राहत से ज्यादा सतर्कता की ओर इशारा कर रहे हैं। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बने रहने, कोहरे की निरंतरता और वैश्विक जलवायु कारकों के संयुक्त प्रभाव के कारण जनवरी महीने में प्रदेश में शीतलहर के दिनों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के ताजा आकलन बताते हैं कि जनवरी की ठंड केवल सुबह-शाम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कई इलाकों में यह दिन के तापमान को भी प्रभावित कर सकती है।
नए साल की शुरुआत में धूप, लेकिन खतरा बरकरार
गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही चटक धूप निकल आई थी, जिससे दोपहर तक ठंडक में कुछ कमी महसूस की गई। बीती रात कोहरे का असर भी अपेक्षाकृत कम रहा, जिससे लोगों को यह आभास हुआ कि शायद ठंड का जोर कमजोर पड़ रहा है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति स्थायी नहीं है। 2 जनवरी को भी प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है, लेकिन इसके साथ ही पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इन जिलों में घने कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को बांदा, चित्रकूट, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत जिलों में घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा में भी दृश्यता कम होने की आशंका जताई गई है। फिरोजाबाद, इटावा, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी समेत आसपास के इलाकों में भी घना कोहरा लोगों की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है।
लखनऊ और आसपास के जिलों में तापमान का हाल
राजधानी लखनऊ में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, बाराबंकी में प्रदेश का सबसे कम 3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो शीतलहर की तीव्रता को दर्शाता है। गोरखपुर में 4.4 डिग्री और हरदोई में 4.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के कई हिस्से पहले से ही कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं और जनवरी के आगे बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है।
दिसंबर में क्यों बढ़ गए कोहरे और शीत दिन?
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार दिसंबर 2025 के दौरान प्रशांत महासागर में सक्रिय ला-नीना परिस्थितियों, प्रबल ध्रुवीय भंवर और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभों की नगण्य सक्रियता के कारण मौसम शुष्क बना रहा। वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ने से कोहरा लंबे समय तक छाया रहा, जिसका परिणाम यह हुआ कि दिसंबर में घने कोहरे के दिनों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 22 तक पहुंच गई। यह स्थिति सामान्य वर्षों की तुलना में काफी असामान्य मानी जाती है।
शीत दिनों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
कोहरे के लंबे समय तक टिके रहने का सबसे बड़ा असर शीत दिनों यानी ‘कोल्ड डे’ की संख्या पर पड़ा है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश में शीत दिनों की संख्या बढ़कर 12 हो गई, जिससे औसत मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इस अवधि में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ की कमजोर सक्रियता के कारण औसत मासिक न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास 8 से 12 डिग्री सेल्सियस बना रहा।
जनवरी में क्या और बढ़ेगी ठंड?
मौसम विभाग के आकलन के मुताबिक भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में जारी ला-नीना परिस्थितियां धीरे-धीरे कमजोर होंगी और जनवरी–फरवरी–मार्च के उत्तरार्द्ध में यह तटस्थ नीनो परिस्थितियों में बदल सकती हैं। इसके साथ ही हिन्द महासागरीय द्विध्रुव के तटस्थ रहने का संयुक्त प्रभाव देखने को मिलेगा। इन परिस्थितियों में जनवरी के दौरान उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में औसत मासिक न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।
विशेष रूप से पूर्वी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में शीतलहर के दिनों की संख्या जलवायवीय औसत से 1 से 3 दिन अधिक रह सकती है। हालांकि, इसी अवधि में औसत मासिक अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहने की संभावना भी जताई गई है, जिससे दिन में हल्की राहत और रात-सुबह ज्यादा ठंड का पैटर्न बना रह सकता है।
आम जनजीवन और किसानों के लिए क्या संकेत?
बढ़ती ठंड और शीतलहर का असर आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि पर भी पड़ सकता है। सुबह और देर रात कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। वहीं, किसानों के लिए यह समय सतर्कता का है, क्योंकि अत्यधिक ठंड और पाले की संभावना कुछ फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए आवश्यक सावधानियां अपनाई जाएं।
जनवरी की ठंड को लेकर आपके सवाल
क्या जनवरी में शीतलहर और तेज होगी?
मौसम विभाग के अनुसार जनवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है और पूर्वी व दक्षिणी यूपी में शीतलहर के दिन औसत से 1–3 दिन अधिक हो सकते हैं।
कौन-कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे?
पूर्वी यूपी, तराई क्षेत्र और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में घना कोहरा और ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
क्या दिन में भी ठंड बनी रहेगी?
दिन में धूप निकलने पर कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन कोहरे और शीत दिनों के कारण कई बार दिन का तापमान भी सामान्य से कम रह सकता है।
आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, कोहरे में यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।










