आयुर्वेद जन जागरण के साथ दौड़ी जागरूकता की मैराथन राज्यमंत्री बोलीं—विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है आयुर्वेद


📍 इरफान अली लारी की रिपोर्ट

🌿 शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण का संगम

देवरिया जनपद के सलेमपुर क्षेत्र अंतर्गत पुरैना स्थित नवयुवक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में
पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा प्रचार संस्था वाराणसी के तत्वावधान में एक विशेष जन जागरण कार्यक्रम
का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेद के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ
छात्रों में स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से मैराथन दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ
करते हुए मैराथन में भाग ले रहे छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के
तीनों आयामों को एक मंच पर प्रस्तुत किया।

🏃‍♂️ मैराथन के जरिए स्वास्थ्य का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई, जब सैकड़ों छात्रों ने मैराथन दौड़ में भाग लिया।
इस दौरान छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल और शारीरिक गतिविधियां
केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाती हैं।
उन्होंने छात्रों को नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

🌱 आयुर्वेद: प्राचीन ज्ञान, आधुनिक समाधान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ने आयुर्वेद की महत्ता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विश्व की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति है, जो हजारों वर्षों से
मानव जीवन को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

See also  जब मंच बना संस्कारों का उत्सव:गुरुकुलम प्ले वे स्कूल का वार्षिकोत्सव, जहाँ शिक्षा ने रचा उजाले का संसार

उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक उपचार पद्धति जड़ी-बूटियों पर आधारित होती है,
जिससे न केवल सस्ता बल्कि प्रभावी इलाज संभव होता है।
इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दवाइयों के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) अत्यंत कम होते हैं।

राज्यमंत्री ने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया इस महामारी से जूझ रही थी,
तब भारत की आयुर्वेदिक पद्धति ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोगों ने काढ़ा, गिलोय, अश्वगंधा जैसी औषधियों का सेवन कर खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास किया।

🏥 आयुष मंत्रालय की भूमिका और विस्तार

राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेद को निरंतर बढ़ावा दे रही है।
देशभर में आयुर्वेदिक अस्पतालों और उपचार केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है,
ताकि लोगों को सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने बताया कि अस्पतालों में अलग-अलग आयुष विंग स्थापित किए गए हैं, जहां आयुर्वेदिक पद्धति से
इलाज की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही आयुर्वेदिक शिक्षा को भी व्यवस्थित और सशक्त बनाने के लिए
सरकार निरंतर प्रयासरत है।

📢 विशिष्ट अतिथि ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जयनाथ कुशवाहा ने कहा कि
देश में केंद्र सरकार के गठन के बाद आयुर्वेद को नई पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद अब मुख्यधारा की चिकित्सा पद्धति बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर लौटना समय की मांग है।

🎓 सम्मान और सहभागिता का वातावरण

कार्यक्रम के दौरान संस्था की अध्यक्ष डॉ. निर्मल किशोर ने राज्य मंत्री को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
यह सम्मान न केवल एक औपचारिकता था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक भी था।

See also  राज्यमंत्री का औचक निरीक्षण:निर्माणाधीन सड़क पर गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश

इस अवसर पर विद्यालय परिवार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें
जटाशंकर दूबे, प्रो. एन. के. दूबे, प्रधानाचार्य शिवेश कुमार दुबे, जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल,
मंडल अध्यक्ष पुनीत यादव, अवनीश मिश्र, अशोक पांडेय, धनंजय चतुर्वेदी, मीडिया प्रभारी राजीव मिश्रा,
अरुण सिंह, बलबीर सिंह दादा, आनंद उपाध्याय, अभय तिवारी, ललन सिंह, हरिश्चंद्र पांडेय,
विनय तिवारी, राजा राम दूबे, अनिल कुमार द्विवेदी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

📊 निष्कर्ष: परंपरा और आधुनिकता का संगम

यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक संदेश था—कि आधुनिकता की दौड़ में
अपनी परंपराओं को भूलना नहीं चाहिए। आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं,
बल्कि जीवन जीने का एक संपूर्ण विज्ञान है।

मैराथन के माध्यम से जहां स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई गई, वहीं आयुर्वेद के माध्यम से
प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। यह पहल निश्चित रूप से समाज को
एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य करेगी।

❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया था?

यह कार्यक्रम देवरिया के सलेमपुर क्षेत्र के पुरैना स्थित नवयुवक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया था।

मुख्य अतिथि कौन थीं?

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम थीं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?

आयुर्वेद के प्रति जागरूकता फैलाना और छात्रों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाना।

मैराथन क्यों आयोजित की गई?

छात्रों को शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए मैराथन दौड़ आयोजित की गई।

भाटपार रानी जामा मस्जिद में अलविदा जुमा के दौरान नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग, इमाम की तकरीर सुनते और दुआ करते हुए
माहे रमजान के अंतिम शुक्रवार पर भाटपार रानी जामा मस्जिद में अदा की गई अलविदा जुमा की नमाज, जहां हजारों लोगों ने अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी
[metaslider id="311"]

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

जयरामनगर मंडल में भाजपा का स्थापना दिवस उत्सव: गांव-बस्ती चलो अभियान के साथ संगठन ने बढ़ाया जनसंपर्क

🎤हरीश चन्द्र गुप्ता की रिपोर्टसीपत क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर जयरामनगर मंडल के अंतर्गत गांव-बस्ती चलो अभियान...

दरियाबाद में सियासी संग्राम: सतीश शर्मा बनाम अरविंद गोप, 2027 की लड़ाई अभी से तेज

🎤अनुराग गुप्ता की रिपोर्टउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 भले ही अभी दूर हो, लेकिन बाराबंकी जिले की दरियाबाद विधानसभा सीट पर सियासी तापमान अभी...

“समाचार दर्पण 24” का अध्याय समाप्त, अब ‘जनगणदूत’ लिखेगा नई कहानी

✍️ विशेष संपादकीय अनिल अनूप समय कभी ठहरता नहीं। वह निरंतर बहता रहता है—कभी शांत नदी की तरह, तो कभी उफनती धारा बनकर। पत्रकारिता भी...

भीम आर्मी का विस्तार चित्रकूट में नए जिला अध्यक्ष की नियुक्ति, खरसेंडा कांड को लेकर बढ़ी सक्रियता

✍️ संजय सिंह राणा की रिपोर्टचित्रकूट जनपद में सामाजिक न्याय की आवाज़ को और मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए...