कार्टून शैली में एक उदास भैंस हाथ में चिट्ठी लिए खड़ी है, पृष्ठभूमि में गायें हँसती हुई दिखाई दे रही हैं, जो आस्था और राजनीति में भैंस की उपेक्षा का प्रतीक है।
ब्यंग्य

‘गाय’ की राजनीति में ‘भैंस’ लापता : 55 प्रतिशत दूध देने वाली भैंस, आस्था की राजनीति में ग़ैरज़रूरी क्यों?

लोगों ने पढा अब तक 51 ‘गाय’ की राजनीति में ‘भैंस’ की अनदेखी पर तीखा राजनीतिक–सामाजिक विमर्श। 55 प्रतिशत दूध

उत्तर प्रदेश में गौशाला के बाहर सड़कों और खेतों में भटकता गोवंश, सरकारी संरक्षण व्यवस्था की जमीनी हकीकत दर्शाती तस्वीर
#प्रमुख समाचार

गौशालाओं के नाम पर हज़ारों करोड़
लेकिन सड़कों पर भटकता गोवंश

उत्तर प्रदेश की व्यवस्था का नंगा सच

लोगों ने पढा अब तक 124 उत्तर प्रदेश की गौशालाओं पर हजारों करोड़ के सरकारी खर्च, सड़कों पर भटकते गोवंश,

बांदा जिले की गौशाला में भूख और अव्यवस्था से जूझते गोवंश, प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीकात्मक दृश्य
बांदा

गौशालाएँ मौजूद हैं, आंकड़े नहीं: प्रशासनिक व्यवस्था पर एक ज़मीनी दस्तावेज़

लोगों ने पढा अब तक 95 गौशालाएँ मौजूद हैं, आंकड़े नहीं—उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की गौशाला व्यवस्था पर आधारित

गडचिरोली

‘मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान’ के तहत ग्राम पंचायत नारायणपुर में पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन—ग्रामीण शिक्षा की दिशा में एक ठोस कदम

लोगों ने पढा अब तक 78 मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान के तहत ग्राम पंचायत नारायणपुर में पब्लिक लाइब्रेरी का

बुंदेलखंड के पाठा क्षेत्र में आदिवासी और दलित समुदाय के बच्चों, महिलाओं और ग्रामीण परिवेश में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक तकनीक से आए सामाजिक बदलाव को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर
चलो गाँव की ओर

बुंदेलखंड के पाठा क्षेत्र के आदिवासी-दलित समुदाय की आरंभिक जीवन में आधुनिक बदलाव

लोगों ने पढा अब तक 15 📝 संजय सिंह राणा की खास रिपोर्ट बुंदेलखंड का पाठा क्षेत्र—जो भौगोलिक दृष्टि से

चित्रकूट जिला अस्पताल से रेफर किया गया गंभीर घायल मरीज, एम्बुलेंस में इलाज के अभाव में जूझता परिवार, 2025 की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्रकूट

रेफरल की रफ़्तार में टूटती ज़िंदगियाँ: 2025 में चित्रकूट की स्वास्थ्य व्यवस्था का नंगा सच

लोगों ने पढा अब तक 35 संजय सिंह राणा की रिपोर्ट लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की एक झकझोरती मिसाल से शुरुआत

मनरेगा जी राम जी योजना के तहत अधूरा तालाब, भुगतान की मांग करते ग्रामीण मजदूर और सामाजिक अंकेक्षण की बैठक का दृश्य
देवरिया

‘जी राम जी’ की ज़मीन पर असली कहानी: 64 करोड़ का बजट, अधूरे काम, महीनों लटका भुगतान और जवाबदेही के गंभीर सवाल

लोगों ने पढा अब तक 27 संजय कुमार वर्मा की रिपोर्ट देवरिया। ग्रामीण रोज़गार की सबसे बड़ी सरकारी गारंटी कही

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