बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसा दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर, पृष्ठभूमि में भारत-बांग्लादेश संदर्भ।
विचार

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले : भारत में इस पर बहस क्यों असहज कर दी गई है?

मोहन द्विवेदी की खास रिपोर्ट घरेलू राजनीति, नैतिक चुप्पी और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी पर सवाल बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर […]

दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों को भगाने के लिए लंगूर की आवाज़ की नकल करता प्रशिक्षित कर्मी।
राष्ट्रीय

अगर आपको आती है लंगूर की आवाज़ की नकल तो दिल्ली बुला रही है — मिल सकती है सरकारी नौकरी

परवेज़ अंसारी की रिपोर्ट बंदरों के बढ़ते आतंक से निपटने के लिए PWD का अनोखा टेंडर, हुनर बनेगा रोज़गार नई

मेरठ में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती, इरम और खुर्शीद से जुड़ा घरेलू विवाद और वायरल वीडियो
मेरठ

10 रुपये का बिस्कुट और सोशल मीडिया का तूफान : इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती, इरम और खुर्शीद के विवाद ने क्यों लिया रहस्यमय मोड़?

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट मेरठ से सामने आया सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती, उनकी टीम में काम करने वाली

सीपत अंचल में छेरछेरा लोकपर्व के दौरान बच्चों और महिलाओं द्वारा घर-घर अन्न संग्रह करते हुए पारंपरिक परंपरा निभाते दृश्य
बिलासपुर

सीपत अंचल में लोकसंस्कृति का उत्सव बना छेरछेरा पर्व

हरीश चन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति केवल परंपराओं का संग्रह नहीं, बल्कि सामूहिक जीवन दर्शन की जीवंत अभिव्यक्ति

उत्तर प्रदेश धर्मांतरण कानून से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर, जिसमें धर्म, विवाह और न्याय व्यवस्था को दर्शाया गया है
#प्रमुख समाचार

धर्म, विवाह और दंड : उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण कानून के पीछे की असली तस्वीर

सर्वेश द्विवेदी की खास रिपोर्ट यह दस्तावेज़ी रिपोर्ट कानून की पृष्ठभूमि, उसके प्रावधानों, संशोधनों, अब तक की कार्रवाई, सामाजिक-कानूनी प्रभाव

लाल पृष्ठभूमि पर प्रकाशित पुस्तक ‘समाचार दर्पण: पाठा की आवाज़’ का कवर, जिसमें ग्रामीण जीवन, शिक्षा, पुलिस कार्रवाई और पत्रकारिता से जुड़े दृश्य दर्शाए गए हैं।
समीक्षा

समाचार नहीं, साक्ष्य है ‘पाठा की आवाज़’ — हाशिए से उठती एक ज़मीनी दस्तावेज़ी किताब

पुस्तक समीक्षा समाचार दर्पण : पाठा की आवाज़ लेख / शोध : संजय सिंह राणा संपादन : अनिल अनूप प्रकाशक

बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में कोल आदिवासी समुदाय की ज़िंदगी, जहां शराब की लत, गरीबी और ज़मीन हड़पने की समस्या ने सामाजिक संकट पैदा किया है
चलो गाँव की ओर

शराब, ज़मीन और विस्मरण के बीच फँसी ज़िंदगी — बुंदेलखंड के कोल आदिवासियों का यथार्थ

संजय सिंह राणा की खास रिपोर्ट बुंदेलखंड की धरती इतिहास, आस्था और संघर्ष—तीनों की साक्षी रही है। इसी भूभाग में

उत्तर प्रदेश के देवरिया शहर का हवाई दृश्य, शहरी इमारतों के साथ सांकेतिक समाचार बैनर
देवरिया

उर्स पर प्रशासन का ब्रेक : अनुमति न मिलने से मजार पर छाया सन्नाटा, पुलिस छावनी में बदला इलाका

अर्जुन वर्मा की रिपोर्ट देवरिया शहर के गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे स्थित मजार पर प्रस्तावित सालाना उर्स को प्रशासन

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