संस्मरण

सराफा जैसे स्ट्रीट फूड बाजार की पृष्ठभूमि में मचलती-इठलाती इंदौरी लड़की और पीछे बेंगलुरु शैली के परिधान में खड़ी युवती, जो दो शहरों की संस्कृति और अंदाज़ को दर्शाती है।
संस्मरण

अरे इंदौरी छोरी की नौटंकी! भिया, ये नखरा है, कला है या पूरा का पूरा सांस्कृतिक कार्यक्रम?

लोगों ने पढा अब तक 0 ✍️रश्मिका शर्मा इंदौरी अगर भारत सरकार कभी “राष्ट्रीय नौटंकी धरोहर” घोषित करने का फैसला […]

संस्मरण

गज़ब की भाषा बुंदेली — अपनापन भी, साहस भी

एक सफ़र जो रास्तों से ज़्यादा दिलों के भीतर उतर गया

लोगों ने पढा अब तक 52 अनिल अनूप आज से पांच छह साल पहले की बात है, किसी कार्यक्रम में

संस्मरण

वो बातें तुम्हारी बहुत याद आती…
धर्मेन्द्र से साहनेवाल, पंजाब में हुई वह अनुपम, आत्मा को छू लेने वाली मुलाक़ात
अनिल अनूप

लोगों ने पढा अब तक 22 कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें समय के बीतने से पुराना होना चाहिए, परंतु

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