ब्यंग्य

ग्राम पंचायत की महिला प्रधान कागज़ पर हस्ताक्षर करती हुईं, पृष्ठभूमि में ग्रामीण माहौल और संकेतात्मक व्यंग्य दृश्य
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प्रधान जी मुस्कुरा रही हैं… पर कलम किसकी दौड़ रही है? हँसाते हुए गंभीर विषय को समझाता व्यंग्य

लोगों ने पढा अब तक 96 ✍️ दुर्गा प्रसाद शुक्ला की खास प्रस्तुति चौपाल का सवाल: ग्राम पंचायत में महिला […]

कार्टून शैली में एक उदास भैंस हाथ में चिट्ठी लिए खड़ी है, पृष्ठभूमि में गायें हँसती हुई दिखाई दे रही हैं, जो आस्था और राजनीति में भैंस की उपेक्षा का प्रतीक है।
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‘गाय’ की राजनीति में ‘भैंस’ लापता : 55 प्रतिशत दूध देने वाली भैंस, आस्था की राजनीति में ग़ैरज़रूरी क्यों?

लोगों ने पढा अब तक 51 ‘गाय’ की राजनीति में ‘भैंस’ की अनदेखी पर तीखा राजनीतिक–सामाजिक विमर्श। 55 प्रतिशत दूध

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राजनीति की रसोई में जनता की कढ़ाही — मिर्ची, बड़ी तीखी, वादे मीठे, और सच्चाई धीमी आँच पर

लोगों ने पढा अब तक 31 तीखा राजनीतिक व्यंग्य कॉलम | बड़ी तीखी है मिर्ची कॉलम: लेख- कुंवर पाल ।

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