ब्यंग्य

कार्टून शैली में एक उदास भैंस हाथ में चिट्ठी लिए खड़ी है, पृष्ठभूमि में गायें हँसती हुई दिखाई दे रही हैं, जो आस्था और राजनीति में भैंस की उपेक्षा का प्रतीक है।
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‘गाय’ की राजनीति में ‘भैंस’ लापता : 55 प्रतिशत दूध देने वाली भैंस, आस्था की राजनीति में ग़ैरज़रूरी क्यों?

‘गाय’ की राजनीति में ‘भैंस’ की अनदेखी पर तीखा राजनीतिक–सामाजिक विमर्श। 55 प्रतिशत दूध देने वाली भैंस क्यों आस्था की

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राजनीति की रसोई में जनता की कढ़ाही — मिर्ची, बड़ी तीखी, वादे मीठे, और सच्चाई धीमी आँच पर

तीखा राजनीतिक व्यंग्य कॉलम | बड़ी तीखी है मिर्ची कॉलम: लेख- कुंवर पाल । बड़ी तीखी है मिर्ची — देश

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