यायावर रचयिता
सरकारी ज़मीन पर कब्जे का आरोप: विकास की आड़ या दबंगई का विस्तार?
✍️कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्टसार संक्षेपसरकारी जमीन—कागज़ों में जनता की, लेकिन ज़मीन पर किसकी? बन्थरा का यह मामला सिर्फ विवाद नहीं, व्यवस्था पर सवाल...
शराब, झगड़ा और एक खौफनाक अंत: जब घरेलू हिंसा ने परिवार को बना दिया अपराध की कहानी
✍️अनुराग गुप्ता की रिपोर्टसार समाचार: जब घर ही डर का ठिकाना बन जाए और रिश्ते रोज़ टूटने लगें, तब एक दिन गुस्सा कानून की...
“दरवाजा हमेशा खुला, भरोसा भी कायम”: थाना प्रभारी विनोद सिंह की कार्यशैली बनी चर्चा का केंद्र
🖊️ इरफान अली लारी की रिपोर्टसार समाचार: एक थानेदार, जिसका दरवाजा कभी बंद नहीं होता—और जिसकी पहचान सिर्फ कानून नहीं, बल्कि संवेदनशीलता से...


