
मथुरा। ब्रज की विश्व प्रसिद्ध लठ्ठमार और लड्डू मार होली को लेकर सोशल मीडिया पर कथित दुष्प्रचार के मामले में मथुरा पुलिस ने 9 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थाना बरसाना पुलिस ने आरोप लगाया है कि इन हैंडल्स द्वारा पुराने वीडियो को एडिट कर आपत्तिजनक तरीके से साझा किया गया, जिससे 5000 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक परंपरा की छवि धूमिल करने का प्रयास हुआ और क्षेत्र में अफवाहों का माहौल बना।
आईटी सेल की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार मामला तब संज्ञान में आया जब कुछ वायरल क्लिप्स के कारण श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बनने लगी। मथुरा पुलिस की आईटी सेल ने तकनीकी विश्लेषण के बाद दावा किया कि वायरल वीडियो वर्तमान वर्ष के नहीं थे, बल्कि पुराने फुटेज को संपादित कर नए संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। पुलिस का कहना है कि इन पोस्टों से सामाजिक वैमनस्यता की आशंका बढ़ी तथा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अनावश्यक भय का वातावरण बनाने की कोशिश हुई।
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने मीडिया को बताया कि “ब्रज की प्राचीन परंपरागत होली की छवि को धूमिल करने और समाज में अफवाह फैलाने के प्रयास के आरोप में थाना बरसाना में रिपोर्ट दर्ज की गई है। बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।” पुलिस ने संबंधित हैंडल्स की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
किन-किन हैंडल्स पर कार्रवाई?
पुलिस के अनुसार जिन प्रमुख सोशल मीडिया हैंडल्स/यूजर्स के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, उनमें iMayankofficial (@imayankindian), Piyush Rai (@Benarasiyaa), Vishal JyotiDev Agarwal (@JyotiDevSpeaks), Extra2ab (@UdayRoy443477) के साथ ममता राजगढ़, कविश अज़ीज़, Prayagraj.vibes, r_nagar_vlogs और Kotafoodexplorerr शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि इन अकाउंट्स से साझा सामग्री के कारण ब्रज आने को लेकर शंका और भ्रम फैलाया गया।
ब्रज की परंपरा और प्रशासन की चिंता
बरसाना–नंदगांव की लठ्ठमार और लड्डू मार होली देश-विदेश में प्रसिद्ध है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इन आयोजनों में शामिल होते हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसी सामग्री से न केवल सांस्कृतिक छवि प्रभावित होती है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने अपील की है कि बिना सत्यापन के किसी भी वीडियो या संदेश को साझा न करें।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भ्रामक या संपादित सामग्री साझा करना दंडनीय हो सकता है, विशेषकर तब जब उससे सार्वजनिक शांति या सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका हो। आईटी सेल आगे भी निगरानी बनाए रखेगी और आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित अकाउंट्स की जांच करेगी।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर संबंधित धाराओं में जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल फॉरेंसिक और पोस्ट/रील्स के स्रोत का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई—जैसे गिरफ्तारी या नोटिस—की जाएगी। आरोपित पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया के प्रसार के साथ सूचनाओं की गति बढ़ी है, लेकिन इसके साथ तथ्य-जांच की जिम्मेदारी भी बढ़ती है। प्रशासन का कहना है कि ब्रज की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी प्रकार की भ्रामक सामग्री पर सख्ती से निपटा जाएगा।
❓FAQ
उत्तर: बरसाना–नंदगांव की लठ्ठमार और लड्डू मार होली से जुड़े कथित भ्रामक/एडिटेड वीडियो शेयर करने के आरोप में।
उत्तर: पुलिस के अनुसार 9 सोशल मीडिया हैंडल्स/यूजर्स के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उत्तर: बिना सत्यापन के भ्रामक वीडियो साझा न करने और ब्रज की परंपराओं की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।









