ब्रज की पहचान को मिला पुरातन नाम:
कामां अब ‘कामवन’, बृजवासियों में उल्लास की लहर

कामवन के ऐतिहासिक सरोवर का दृश्य और I Love Kamvan साइनबोर्ड के सामने जश्न मनाते लोग, डबल स्टैंडर्ड रुल्ड बॉक्स लैंडस्केप डिज़ाइन

✍️हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

समाचार सार : राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीग जिले के कामां का नाम बदलकर ‘कामवन’ करने की घोषणा की। ब्रज की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के इस निर्णय से स्थानीय लोगों में उत्साह है।

राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण घोषणा ने ब्रज क्षेत्र के ऐतिहासिक कस्बे कामां को नई पहचान दे दी है। अब कामां आधिकारिक रूप से ‘कामवन’ नाम से जाना जाएगा। इस निर्णय के साथ ही ब्रजवासियों में उत्साह और गौरव की भावना स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर इसकी पौराणिक पहचान को पुनः स्थापित करने की मांग उठती रही थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

विधानसभा में हुई औपचारिक घोषणा

एप्रोप्रिएशन बिल पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाओं के साथ इस नाम परिवर्तन की भी घोषणा की। उन्होंने सरकारी विभागों में 1.25 लाख पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी करने की बात कही, जो पहले 1 लाख पदों तक सीमित था। इस प्रकार यह घोषणा केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक और रोजगार के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण रही।

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ब्रज के 12 वनों में से एक की पुनर्स्थापना

कामां का प्राचीन नाम ‘कामवन’ या ‘काम्यकवन’ रहा है। ब्रजमंडल के 12 प्रमुख वनों में इसका विशेष स्थान बताया जाता है। द्वापर युग में यह क्षेत्र श्रीकृष्ण की लीलास्थली के रूप में विख्यात था। धार्मिक ग्रंथों और लोककथाओं में इसका उल्लेख ‘काम्यकवन’ के रूप में मिलता है। समय के साथ यह नाम परिवर्तित होकर कामां हो गया, किंतु अब इसे उसके मूल पौराणिक नाम से पुनः जोड़ा जा रहा है।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

कामवन का अर्थ ‘अत्यंत सुंदर’ या ‘सुशोभित वन’ माना जाता है। यह क्षेत्र चौरासी कुंडों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ स्थित भगवान गोपीनाथ का मंदिर विशेष श्रद्धा का केंद्र है। तीर्थयात्री वर्षभर यहां दर्शन के लिए आते हैं। नाम परिवर्तन से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

स्थानीय मांग को मिली स्वीकृति

स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों द्वारा लंबे समय से पौराणिक नाम बहाल करने की मांग की जा रही थी। उनका मानना था कि कामां की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान ‘कामवन’ नाम से ही जुड़ी है। इस निर्णय को क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

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विकास घोषणाओं का भी प्रभाव

इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा भरतपुर क्षेत्र के लिए कई विकासात्मक घोषणाएं भी की गईं। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट प्रस्तुत करते समय नदबई में मिनी सचिवालय निर्माण, टिंकरिंग लैब को टेक्नो हब के रूप में विकसित करने, ब्रज कन्वेंशन सेंटर के निर्माण, नए एयरपोर्ट की व्यवहार्यता अध्ययन, बयाना में एग्रीकल्चर कॉलेज और भरतपुर में स्पोर्ट्स हब निर्माण जैसी योजनाओं की घोषणा की थी। केवलादेव में प्रवासी पक्षियों के उपचार हेतु विशेष केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई है।

इन घोषणाओं से स्पष्ट है कि सरकार धार्मिक पहचान के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी प्राथमिकता दे रही है। कामवन नाम से नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों में वृद्धि की संभावना है।

ब्रजवासियों में उत्सव जैसा माहौल

नाम परिवर्तन की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर उत्साह का वातावरण है। नागरिकों का कहना है कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ऐतिहासिक गौरव की पुनर्प्राप्ति है। धार्मिक संगठनों ने इसे ब्रज संस्कृति की विजय बताया है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कामां का नया नाम क्या होगा?

कामां अब आधिकारिक रूप से ‘कामवन’ नाम से जाना जाएगा।

कामवन का धार्मिक महत्व क्या है?

यह ब्रज के 12 वनों में से एक है और श्रीकृष्ण की लीलास्थली के रूप में प्रसिद्ध है।

नाम परिवर्तन की घोषणा कहाँ हुई?

राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा औपचारिक घोषणा की गई।


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