बीमार को चारपाई पर ढोते ग्रामीण, बारिश में कीचड़ से जूझते बच्चे
40 साल से सड़क विहीन गाँव

हरदोई के गदनहिया गांव के ग्रामीण ब्लॉक कार्यालय में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए

⚠️ 40 साल की उपेक्षा ⚠️
पक्की सड़क के अभाव में गदनहिया गांव में रिश्ते टूट रहे, मरीज चारपाई पर ढोए जा रहे और बच्चे कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर।
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✍️ अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

हरदोई जिले के पिहानी विकासखंड अंतर्गत करीमनगर न्याय पंचायत का गदनहिया गांव बीते चार दशकों से पक्की सड़क के अभाव में जीवन की मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। गांव तक पहुंचने वाला मार्ग आज भी कच्चा है, जिसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे और कीचड़ भरे रहते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब यह रास्ता दलदल में बदल जाता है। इस बदहाल सड़क का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं, बल्कि गांव के सामाजिक सम्मान, शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच चुका है।

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🔶 बीमार को चारपाई पर ढोने की मजबूरी

ग्रामीणों के अनुसार, रात में किसी के अचानक बीमार पड़ने पर एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीज को चारपाई या पीठ पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। कई बार अस्पताल पहुंचने में देरी होने से स्थिति गंभीर हो जाती है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह रास्ता किसी चुनौती से कम नहीं।

🔶 बारिश में कीचड़ से गुजरते बच्चे

बरसात के दिनों में गांव के स्कूली बच्चों को घुटनों तक भरे पानी और कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। फिसलन और गड्ढों के कारण कई बार बच्चे गिरकर घायल भी हो जाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि सड़क की स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

🔶 रिश्तों पर भी पड़ा असर

गांव की बदहाली का असर सामाजिक जीवन पर भी दिखने लगा है। ग्रामीण हरजिंदर सिंह और बलविंदर सिंह के मुताबिक, कई बार तय हुई शादियां केवल इसलिए टूट जाती हैं क्योंकि बाहरी लोग गांव की सड़क और बदहाल हालात देखकर अपनी बेटियों का रिश्ता यहां करने से हिचकते हैं। यह समस्या अब गांव के मान-सम्मान और सैकड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ गई है।

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🔶 ग्रामीणों का प्रदर्शन और ज्ञापन

मंगलवार को गदनहिया गांव के ग्रामीणों ने विकासखंड कार्यालय पहुंचकर खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सड़क निर्माण की मांग करते हुए बताया कि 40 वर्षों से लगातार आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

🔶 प्रशासन का आश्वासन

ब्लॉक प्रमुख कुशी वाजपेई और बीडीओ अरुण कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन के इस आश्वासन से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है, लेकिन वे अब ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

गदनहिया की कहानी केवल एक गांव की नहीं, बल्कि उन तमाम बस्तियों की है जहां विकास की रोशनी अभी तक पूरी तरह नहीं पहुंची। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव ने यहां के लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। अब देखना यह है कि प्रशासनिक आश्वासन हकीकत में कब बदलता है।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गदनहिया गांव कहां स्थित है?

यह गांव हरदोई जिले के पिहानी विकासखंड अंतर्गत करीमनगर न्याय पंचायत में स्थित है।

सड़क न होने से सबसे अधिक प्रभावित कौन हैं?

बीमार मरीज, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं।

प्रशासन ने क्या आश्वासन दिया है?

ब्लॉक प्रमुख और बीडीओ ने सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।



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