मुख्य बिंदु: शादी के कुछ ही दिनों बाद बढ़ा वैवाहिक तनाव, कथित आत्महत्या प्रयास से मचा हड़कंप। पति की शिकायत पर पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद से एक वैवाहिक विवाद का मामला सामने आया है, जिसने दोनों परिवारों को चिंता में डाल दिया। शादी के कुछ ही दिनों बाद पति-पत्नी के बीच उत्पन्न तनाव इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत के जरिए समाधान तलाशने का प्रयास कर रही है।
शादी के बाद बदला व्यवहार
जानकारी के अनुसार, साढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक का विवाह 23 नवंबर 2025 को महाराजपुर थाना क्षेत्र की युवती से हुआ था। विदाई के बाद दुल्हन का ससुराल में पारंपरिक रीति-रिवाज से स्वागत किया गया। परिवार में उत्सव जैसा माहौल था। पति का कहना है कि विवाह की पहली रात से ही पत्नी ने उससे दूरी बनाए रखने की बात कही। युवक ने इसे प्रारंभिक संकोच समझकर अनदेखा किया।
आरोप और बढ़ता तनाव
पति का आरोप है कि कुछ दिनों बाद पत्नी ने किसी अन्य व्यक्ति के पास जाने की इच्छा जताई और कथित रूप से गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। हालांकि इस संबंध में पत्नी पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिवार के अनुसार, स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी रही।
कथित आत्महत्या प्रयास से हड़कंप
बीते बुधवार को विवाद के दौरान पत्नी ने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। पति का कहना है कि उसने कुंडे से फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर उसे बचा लिया। समय रहते हस्तक्षेप से बड़ी अनहोनी टल गई।
थाने पहुंचा मामला
घटना से दहशत में आए युवक ने साढ़ थाने में पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। उसने अपनी आपबीती बताई और कुछ कथित साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को बुलाने का निर्णय लिया है।
पुलिस का पक्ष
साढ़ थाना प्रभारी अवनीश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई जा रही है ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से औपचारिक मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
परामर्श की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह के शुरुआती दिनों में उत्पन्न तनाव को संवाद और परामर्श के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। मानसिक दबाव या भावनात्मक अस्थिरता की स्थिति में परिवार और पेशेवर सलाह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
निष्कर्ष
कानपुर के इस मामले ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा किया है कि वैवाहिक जीवन में पारदर्शिता और संवाद कितना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस जांच और पारिवारिक बातचीत के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दोनों पक्षों की सहमति और समझ से ही स्थायी समाधान संभव है।
FAQ
यह मामला किस क्षेत्र से जुड़ा है?
यह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के साढ़ थाना क्षेत्र से संबंधित बताई गई है।
क्या आत्महत्या की घटना में कोई हताहत हुआ?
नहीं, परिवार के समय रहते हस्तक्षेप से नवविवाहिता को बचा लिया गया।
क्या मुकदमा दर्ज हुआ है?
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई जा रही है। औपचारिक मुकदमे की पुष्टि नहीं हुई है।

