
✍️ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
भगवा वेश में ‘लच्छू’ बनकर भीख मांगने वाला युवक उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में ग्रामीणों की सतर्कता के कारण पुलिस की गिरफ्त में आ गया। ककरौली थाना क्षेत्र में यह युवक धार्मिक पहचान का सहारा लेकर घर-घर भीख मांगता था, लेकिन उसके व्यवहार और पूछताछ के दौरान नाम में हुए विरोधाभास ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को संभावित संगठित साजिश और नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
हुक प्वाइंट: क्या यह केवल भीख मांगने का मामला था या भगवा वेश में ‘लच्छू’ बनकर घूम रहा युवक किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा था?
ग्रामीणों को क्यों हुआ शक?
स्थानीय लोगों के अनुसार यह युवक कई दिनों से क्षेत्र में घूम रहा था। वह खुद को ‘लच्छू’ बताकर धार्मिक भावनाओं का सहारा लेता और घरों में प्रवेश के अवसर तलाशता था। शुरुआत में किसी ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन धीरे-धीरे उसके सवाल और घरों की बनावट को गौर से देखने की आदत ने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया। बताया जाता है कि वह परिवार के सदस्यों की संख्या और दिनचर्या से जुड़े प्रश्न भी पूछता था।
नाम फिसला, पहचान उजागर
एक दिन बातचीत के दौरान युवक के मुंह से उसका असली नाम निकल गया। जब ग्रामीणों ने इस विरोधाभास पर सवाल उठाए तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले गई, जहां प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्वीकार किया कि वह भगवा वस्त्र धारण कर धार्मिक विश्वास का लाभ उठाता था। आरोप है कि इस दौरान वह इलाके की भौगोलिक स्थिति, रास्तों और घरों की संरचना की जानकारी एकत्र करता था। भगवा वेश में ‘लच्छू’ बनकर भीख मांगने वाला युवक अकेला था या किसी संगठित गिरोह का हिस्सा, इसकी जांच जारी है।
नेटवर्क की आशंका
पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, संपर्क सूत्रों और संभावित आपराधिक कनेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी गिरोह की पुष्टि होती है तो मामले में कठोर धाराएं जोड़ी जाएंगी।
इलाके में सतर्कता बढ़ी
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अजनबियों की गतिविधियों पर नजर रखें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दें। धार्मिक वेशभूषा का दुरुपयोग कर विश्वास अर्जित करना गंभीर अपराध माना जाएगा।
सामाजिक संदेश
यह मामला समाज के लिए भी एक चेतावनी है। भगवा वेश में ‘लच्छू’ बनकर भीख मांगने वाला युवक यदि सचमुच किसी नेटवर्क का हिस्सा पाया जाता है, तो यह दर्शाता है कि अपराधी किस प्रकार सामाजिक विश्वास का दुरुपयोग कर सकते हैं। सतर्कता और सामूहिक जागरूकता ही ऐसे मामलों में सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है।






