पुलिसकर्मियों की चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन और नैतिकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मोबाइल शोरूम में घटित यह घटना उस समय उजागर हुई, जब सीसीटीवी कैमरे में वर्दीधारी दो पुलिसकर्मी महंगे स्मार्टफोन की अदला-बदली करते हुए कैद हो गए। यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और आम लोगों के बीच पुलिस की साख को लेकर बहस तेज हो गई।
कैसे सामने आई पूरी वारदात
यह घटना उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार लाइन बाजार थाना क्षेत्र में स्थित एक मोबाइल शॉप पर दो पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर पहुंचे। उन्होंने दुकानदार से बातचीत करते हुए शोरूम में उपलब्ध सबसे महंगा मोबाइल फोन दिखाने के लिए कहा।
यही वह क्षण था जब पुलिसकर्मियों की चोरी की पूरी प्रक्रिया चुपचाप सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि एक पुलिसकर्मी अपनी जेब से पुराना फोन निकालता है और शोरूम के नए फोन से उसकी अदला-बदली कर लेता है। इस दौरान दूसरा पुलिसकर्मी आसपास खड़ा रहकर स्थिति पर नजर रखता है।
मुस्कुराते हुए बाहर निकले दोनों
फोन बदलने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बिना किसी हड़बड़ी या संदेह के मुस्कुराते हुए शोरूम से बाहर निकल जाते हैं। उनका हाव-भाव किसी सामान्य ग्राहक जैसा ही नजर आता है। घटना के वक्त दुकानदार को किसी तरह की आशंका तक नहीं हुई।
कुछ देर बाद जब दुकानदार ने स्टॉक का मिलान किया, तो महंगा मोबाइल फोन गायब मिला। पहले उसने तकनीकी भूल की संभावना तलाशी, लेकिन जब फोन नहीं मिला तो उसने सीसीटीवी फुटेज देखने का फैसला किया।
सीसीटीवी में कैद हुई चोरी
जैसे ही फुटेज सामने आई, पुलिसकर्मियों की चोरी की पूरी सच्चाई दुकानदार के सामने आ गई। वर्दी में आए वही लोग, जिन पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी होती है, चोरी करते हुए साफ नजर आ रहे थे। इसके बाद दुकानदार ने उच्च पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी।
सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोगों ने वीडियो को साझा करते हुए पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने लगें, तो आम नागरिक किस पर भरोसा करे।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। इस संबंध में आयुष श्रीवास्तव, एसपी सिटी ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
एसपी सिटी ने यह भी स्पष्ट किया कि चोरी किया गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है और उसे शोरूम के मालिक को वापस सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वर्दी और व्यवस्था पर उठते सवाल
यह मामला केवल पुलिसकर्मियों की चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस व्यवस्था की नैतिकता पर भी सवाल खड़े करता है। वर्दी को समाज में भरोसे, अनुशासन और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में जब उसी वर्दी में चोरी की तस्वीरें सामने आती हैं, तो आम नागरिक का भरोसा डगमगाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी और सख्त कार्रवाई पुलिस की साख को बचाने के लिए जरूरी होती है। यह संदेश जाना चाहिए कि विभाग अपने भीतर की गलतियों को भी बर्दाश्त नहीं करता।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल विभागीय जांच जारी है और उसके निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह देखना अहम होगा कि पुलिसकर्मियों की चोरी जैसे मामलों को भविष्य में रोकने के लिए विभाग क्या ठोस कदम उठाता है।






