कामां में 8 वर्षीय मासूम को टक्कर मारने के विरोध में प्रदर्शन : अदालत चौराहे पर जाम, आरोपी बाइक सवार की गिरफ्तारी की मांग

कामां में 8 वर्षीय मासूम को टक्कर मारने के विरोध में अदालत चौराहे पर सड़क जाम करते लोग

✍️हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
IMG-20260131-WA0029
previous arrow
next arrow

कामां में 8 वर्षीय मासूम को टक्कर मारने के विरोध में प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब रविवार देर शाम अदालत चौराहे पर आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। अज्ञात बाइक सवार द्वारा एक मासूम बच्चे को टक्कर मारने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे की हालत और आरोपी के फरार होने से लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिली।

एक लापरवाह बाइक सवार, एक मासूम ज़िंदगी और सिस्टम से उठते सवाल—कामां की यह घटना सिर्फ हादसा नहीं, चेतावनी है।

कैसे हुआ हादसा, जिसने बढ़ाया जनाक्रोश

रविवार की शाम कामां कस्बे में रोज़मर्रा की तरह चहल-पहल थी। इसी दौरान एक अज्ञात बाइक सवार ने तेज़ और लापरवाह गति से वाहन चलाते हुए सड़क पार कर रहे 8 वर्षीय बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चा सड़क पर गिर पड़ा और उसके सिर में गंभीर चोटें आईं।

स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां बच्चे की हालत देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोग भी आक्रोशित हो उठे।

इसे भी पढें  कामां को फिर से कामवन बनाने की मुहिम, 27वीं सप्तकोसी परिक्रमा आज से

अदालत चौराहे पर भड़का गुस्सा, लगा जाम

कामां में 8 वर्षीय मासूम को टक्कर मारने के विरोध में प्रदर्शन का रूप उस समय बदला, जब गुस्साए परिजन और स्थानीय नागरिक अदालत चौराहे पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने सड़क पर बैठकर यातायात अवरुद्ध कर दिया, जिससे पहाड़ी रोड सहित आसपास के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन लापरवाह वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण लोग कानून से बेखौफ हो चुके हैं। उनका आरोप था कि आरोपी बाइक सवार मौके से फरार हो गया और अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग

प्रदर्शन के दौरान लोगों की एक ही मांग थी—आरोपी बाइक सवार को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। परिजनों ने कहा कि जब तक दोषी को पकड़ा नहीं जाता, तब तक उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं दिखती।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि कस्बे में तेज़ रफ्तार वाहनों पर निगरानी बढ़ाई जाए, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़े और स्कूल-आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को ऐसी दुर्घटना का शिकार न होना पड़े।

इसे भी पढें  अपना घर सेवा समिति कामां की मानव सेवा: कोकिलावन अपना घर आश्रम में 16वीं सब्जी सेवा रवाना

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

जाम की सूचना मिलते ही कामां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपी की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, लोगों ने साफ कहा कि यदि समय रहते आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा व्यवस्था

कामां में 8 वर्षीय मासूम को टक्कर मारने के विरोध में प्रदर्शन केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में तेज़ रफ्तार, बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट के वाहन आम समस्या बनते जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन सख्ती दिखाए, तो ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। मासूम बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और शासन-प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इसे भी पढें  महाराजा सूरजमल जन संस्थान कामांमें अध्यक्ष पद का चुनाव, प्रेम सिंह एडवोकेट बने नए अध्यक्ष

परिजनों की पीड़ा और समाज की जिम्मेदारी

घायल बच्चे के परिजन अभी भी सदमे में हैं। उनका कहना है कि एक पल की लापरवाही ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि दोषी को सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार ऐसी पीड़ा न झेले।

यह घटना समाज को भी सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सड़क पर चलते समय पर्याप्त सावधानी बरतते हैं? क्या हम दूसरों की ज़िंदगी को उतनी ही अहमियत देते हैं, जितनी अपनी?

कामां में 8 वर्षीय मासूम को टक्कर मारने के विरोध में प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि अब लोग चुप रहने को तैयार नहीं हैं। वे अपने बच्चों की सुरक्षा और न्याय के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

“हम खबर को चीखने नहीं देते,
उसे असर के साथ पाठक तक पहुँचाते हैं।”


कामां, डीग और भरतपुर जिले की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top