मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीतापुर दौरा : सनातन, साधना और सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का संदेश

आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीतापुर ब्यूरो रिपोर्ट
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीतापुर दौरा रविवार 9 फरवरी को ऐतिहासिक और वैचारिक दृष्टि से खास रहा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीतापुर पहुंचे, जहां उन्होंने तपोधाम आश्रम में योगीराज गिरधारी नाथ महाराज के स्मारक स्थल का अनावरण किया और महंत गिरधारी नाथ की गुफा का विधिवत उद्घाटन किया। इसके पश्चात आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति, भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्स्थापना और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए।

सनातन केवल आस्था नहीं, यह भारत की आत्मा है — और सीतापुर उसकी जीवित स्मृति।

तपोधाम आश्रम में स्मारक अनावरण और गुफा उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे की शुरुआत तपोधाम आश्रम से की, जहां उन्होंने योगीराज गिरधारी नाथ महाराज के स्मारक स्थल का अनावरण किया। इसके साथ ही महंत गिरधारी नाथ की गुफा का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह गुफा उसी परंपरा का प्रतीक है, जहां संत योगीराज गिरधारी नाथ ने साधना की थी। यह गुफा पाकिस्तान स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ क्षेत्र से जुड़ी साधना परंपरा की स्मृति को सीतापुर की धरती पर पुनर्जीवित करती है।

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हिंगलाज शक्तिपीठ और सनातन की अखंड परंपरा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार पूर्वी भारत में शक्तिपीठों का महत्व है, उसी प्रकार पश्चिम में हिंगलाज का विशेष स्थान है। वर्तमान में हिंगलाज मंदिर पाकिस्तान में स्थित है, लेकिन वहां के संत योगीराज गिरधारी नाथ की साधना परंपरा को सीतापुर में स्थापित कर सनातन संस्कृति की निरंतरता को जीवित रखा गया है। उन्होंने कहा कि सनातन सीमाओं से बंधा नहीं होता, वह चेतना और साधना की धारा है।

सीतापुर: सनातन का पौराणिक केंद्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर को भारत के सनातन का पौराणिक स्थल बताते हुए कहा कि नैमिषारण्य की भूमि 3500 वर्ष पूर्व 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि रही है। यहीं वेद, पुराण और अनेक ग्रंथों की रचना हुई। नैमिष केवल भूगोल नहीं, बल्कि भारत की वैचारिक और आध्यात्मिक चेतना का मूल केंद्र है। उन्होंने कहा कि पौराणिक स्थलों की पुनर्स्थापना का दायित्व वर्तमान सरकार ने उठाया है।

सनातन का समता भाव: गोमाता से कुत्ते तक

मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा की विशेषता बताते हुए कहा कि सनातन में पहला ग्रास गोमाता को और अंतिम ग्रास कुत्ते को दिया जाता है। यह समता का भाव केवल भारत की संस्कृति में देखने को मिलता है। चींटी तक को आटा डालने की परंपरा और नागपंचमी पर विषैले सांप को दूध पिलाने की भावना सनातन की करुणा और सह-अस्तित्व की सोच को दर्शाती है।

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सनातन को तोड़ने के प्रयास और ऐतिहासिक संदर्भ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन परंपरा को तोड़ने के लिए इतिहास में अनेक प्रयास किए गए। कुछ लोगों ने शरण तो ली, लेकिन शरणार्थी धर्म का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उंगली पकड़कर गला दबाने का काम किया गया। मुगलों और अंग्रेजों के दौर में भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक लूट हुई। अंग्रेजों ने आश्रम पद्धति को समाप्त कर भारत की आत्मनिर्भर व्यवस्था को कमजोर किया।

आर्थिक पतन से वैश्विक पुनरुत्थान तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में स्वतंत्रता के समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी केवल 2 प्रतिशत रह गई थी। लेकिन पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, जहां अमेरिका और चीन के बाद भारत का स्थान होगा।

राम मंदिर, काशी कॉरिडोर और सांस्कृतिक पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री ने 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दिन हर भारतीय की आंखें नम थीं और हर घर में दीप जल रहे थे। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद दर्शन व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राम और काशी के साथ भारत का आत्मीय रिश्ता है।

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सतर्कता का संदेश और सामाजिक चेतना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन कमजोर होगा तो देश कमजोर होगा। जाति, क्षेत्र और भाषा सनातन के सामने कोई मायने नहीं रखते। उन्होंने समाज को बांटने वाली शक्तियों से सतर्क रहने की अपील की और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए सामाजिक संवेदनशीलता की आवश्यकता पर बल दिया।

900 पुलिसकर्मियों के साथ अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलीपैड से तपोधाम आश्रम तक करीब 1800 मीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित किया गया था। इस मार्ग पर रूफटॉप फोर्स तैनात रही। सुरक्षा व्यवस्था में चार अपर पुलिस अधीक्षक, 17 क्षेत्राधिकारी और लगभग 900 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। खुफिया एजेंसियां भी लगातार निगरानी में रहीं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सुबह से ही व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।


सीतापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश स्पष्ट था — सनातन, साधना और संस्कृति ही भारत की स्थायी शक्ति है।

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