गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई : बाप-बेटे की अवैध कमाई पर पुलिस का शिकंजा, 52 लाख से ज्यादा फ्रीज

गैंगस्टर एक्ट के तहत अवैध कमाई की जांच के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा दस्तावेज़ी कार्रवाई की फाइल फोटो

✍️दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट
IMG-20260131-WA0029
previous arrow
next arrow

गोंडा। गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन और पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। शातिर अपराधी मोहम्मद खलील और उसके बेटे चांद बाबू की अवैध कमाई पर शिकंजा कसते हुए मजिस्ट्रेट के आदेश पर उनके बैंक खातों में जमा लाखों रुपये की धनराशि को कुर्क कर दिया गया है। इस कार्रवाई को अवैध धन, जालसाजी और संगठित अपराध के नेटवर्क पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।


समाचार सार: गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई में शातिर अपराधी मोहम्मद खलील और उसके बेटे चांद बाबू के बैंक खातों में जमा 52.42 लाख रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज की गई है। प्रशासन अब उनकी अन्य चल-अचल संपत्तियों की भी गहन जांच कर रहा है।

जिलाधिकारी के आदेश पर कुर्क की गई अवैध कमाई

जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में देहात कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की। आदेश के अनुसार मोहम्मद खलील और उसके बेटे चांद बाबू के बैंक ऑफ इंडिया तथा एचडीएफसी बैंक के खातों में जमा कुल 52 लाख 42 हजार 632 रुपये 49 पैसे की धनराशि को फ्रीज किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह पूरी राशि अवैध गतिविधियों के माध्यम से अर्जित की गई थी, जिस पर अब किसी भी तरह की निकासी या लेनदेन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

इसे भी पढें  हत्या का खुलासा : गोण्डा के ई-रिक्शा चालक संगम लाल की मौत का राज उजागर

बैंक प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश, खातों पर पूर्ण रोक

प्रशासन की ओर से संबंधित बैंक प्रबंधकों को लिखित रूप से निर्देश जारी किए गए हैं कि कुर्क किए गए खातों से किसी भी प्रकार का लेनदेन तत्काल प्रभाव से रोका जाए। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया ताकि धनराशि सुरक्षित रहे और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की संभावना न बने। उप जिलाधिकारी सदर को कुर्क संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया गया है, जो इस पूरी कार्रवाई की निगरानी करेंगे।

गैंगस्टर एक्ट में पहले भी जा चुके हैं जेल

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोहम्मद खलील और उसका बेटा चांद बाबू लंबे समय से एक संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े बताए जाते हैं। इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध भूमि कब्जा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं। इससे पहले 7 सितंबर 2024 को पुलिस ने दोनों को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन पुलिस की निगरानी और जांच लगातार जारी रही।

इसे भी पढें  होमवर्क न करने पर कक्षा 2 के छात्र से कथित पिटाई,शिक्षक पर 105 डंडे मारने का आरोप

अन्य चल-अचल संपत्तियों की भी हो रही जांच

देहात कोतवाली पुलिस और तहसील प्रशासन अब आरोपियों की अन्य चल-अचल संपत्तियों की भी गहन जांच कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान अवैध कमाई से अर्जित कोई और संपत्ति सामने आती है तो उसे भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जाएगा। इसमें जमीन, मकान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और अन्य निवेश भी शामिल हैं।

तीन महीने में देना होगा आय का वैध प्रमाण

न्यायालय की ओर से आरोपियों को तीन महीने की अवधि दी गई है, जिसके भीतर उन्हें अपनी संपत्तियों के वैध स्रोत से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। यदि तय समयसीमा के भीतर संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए तो प्रशासन की ओर से आगे और भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह कानून के दायरे में और पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सख्त अनुपालन

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि खलील टायर वाला और उसके बेटे चांद बाबू के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में जमा कुल 52 लाख से अधिक की राशि सीज कराई गई है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।

इसे भी पढें  करनैलगंज सड़क हादसा: सरयू पुल के पास दर्दनाक दुर्घटना में महिला की मौत, नवाबगंज में मजदूर की भी गई जान

संगठित अपराध के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट संदेश

गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई को प्रशासन की सख्त नीति का प्रतीक माना जा रहा है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि संगठित अपराध, अवैध धन अर्जन और कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। इससे न केवल अपराधियों में भय पैदा हुआ है, बल्कि आम नागरिकों का कानून व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।


विश्लेषण: गैंगस्टर एक्ट के तहत यह कार्रवाई केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि अवैध कमाई और संगठित अपराध की जड़ों पर सीधा प्रहार है। आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाइयों से अपराधी नेटवर्क के कमजोर पड़ने की उम्मीद की जा रही है।


“हम खबर को चीखने नहीं देंगे,
असर छोड़ने देंगे।”


जिले में एस आई आर और फार्म 7 में क्या है विवाद?



पढ़ने के लिए क्लिक करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top