नेत्र शिविर में 100 मरीजों का नेत्र परीक्षण
38 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित

शाहाबाद में आयोजित निःशुल्क नेत्र शिविर में जन सेवा समर्पण ट्रस्ट और जय भोले सेवा समिति के तत्वावधान में मरीजों का नेत्र परीक्षण करते डॉक्टर और चयनित मरीज

✍️अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
IMG-20260131-WA0029
previous arrow
next arrow

नेत्र शिविर में 100 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया, जिसमें 38 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। यह निःशुल्क नेत्र शिविर शाहाबाद क्षेत्र में जय भोले सेवा समिति और जन सेवा समर्पण ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में माँ संकटा देवी प्रांगण में आयोजित हुआ। शिविर का उद्देश्य उन जरूरतमंद लोगों तक नेत्र चिकित्सा सुविधा पहुँचाना था, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से उपचार से वंचित रह जाते हैं। इस शिविर में शंकरा आई हॉस्पिटल की अनुभवी नेत्र चिकित्सकों की टीम ने व्यापक जांच कर मरीजों को राहत प्रदान की।

समाचार सार : एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र शिविर में 100 मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 38 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित हुए। चयनित मरीजों को नि:शुल्क ऑपरेशन हेतु कानपुर स्थित अस्पताल भेजा गया।

माँ संकटा देवी प्रांगण में आयोजित हुआ सेवा शिविर

शाहाबाद क्षेत्र के माँ संकटा देवी प्रांगण में आयोजित इस नेत्र शिविर में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों से आए बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया। आयोजकों द्वारा पंजीकरण, प्रारंभिक जांच और डॉक्टरों से परामर्श की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी भी मरीज को असुविधा न हो।

इसे भी पढें  पति की चीखों पर बोली – “सुई लग रही है”और उसी रात रच दी गई खून की सबसे खौफनाक साजिश

शंकरा आई हॉस्पिटल की टीम ने किया नेत्र परीक्षण

नेत्र शिविर में शंकरा आई हॉस्पिटल की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। डॉक्टर शिवांग, आकांक्षा वर्मा, विकास कुमार, गोविंद त्रिवेदी, इकबाल सहित अन्य चिकित्सकों ने अत्यंत धैर्य और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की आंखों की जांच की। जांच के दौरान मोतियाबिंद, दृष्टि दोष, आंखों में जलन, धुंधलापन और अन्य नेत्र रोगों की पहचान की गई।

38 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित

नेत्र परीक्षण के उपरांत कुल 38 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए उपयुक्त पाया गया। इन सभी चयनित मरीजों को आगे की प्रक्रिया के लिए शंकरा आई हॉस्पिटल, कानपुर भेजा गया। आयोजकों द्वारा मरीजों के परिवहन, भोजन और आवश्यक सहयोग की व्यवस्था भी की गई, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

प्रबंधक लालाराम दीक्षित ने किया शिविर का शुभारंभ

नेत्र शिविर का विधिवत शुभारंभ प्रबंधक लालाराम दीक्षित द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जन सेवा समर्पण ट्रस्ट और जय भोले सेवा समिति मानवता के मूल्यों को केंद्र में रखकर लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से यह संस्थाएं मानव कल्याण, महिला सम्मान और वृद्धजनों की सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

इसे भी पढें  घटी जीएसटी बढ़ा व्यापार – हरदोई में गूंजा नारा, मोदी सरकार के Next Generation GST सुधार पर व्यापारियों ने जताया भरोसा

सेवा कार्यों में इतिहास रच रही है समिति

मयंक राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि समिति के अध्यक्ष पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी वृंदानंद ने सेवा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग अपने परिवार तक सीमित हो गए हैं, ऐसे दौर में स्वामी वृंदानंद हर दिन दुखी और जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का कार्य कर रहे हैं। यही कारण है कि समाज के लाखों लोग उन्हें दिल से दुआएं देते हैं।

“सर्वे भवन्तु सुखिनः” के मंत्र पर कार्य

समिति के प्रवक्ता रामसिंह राठौर ने कहा कि जय भोले सेवा समिति “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के मंत्र को आत्मसात करते हुए जनकल्याणकारी कार्य कर रही है। नेत्र शिविर जैसे आयोजन समाज के उन वर्गों के लिए वरदान साबित होते हैं, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं।

समाजसेवियों की रही सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर लालाराम दीक्षित, मयंक राजपूत, तैयब खान, युवा समाजसेवी शिवपूजन राठौर सहित कई गणमान्य लोग और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने शिविर के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया।

इसे भी पढें  हरदोई में पुलिस–बदमाश मुठभेड़अस्पताल के बाहर टप्पेबाजी करने वाला शातिर घायल

ग्रामीण क्षेत्र में नेत्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण पहल

यह नेत्र शिविर केवल एक चिकित्सा आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। मोतियाबिंद जैसी बीमारी समय पर इलाज न मिलने पर अंधत्व का कारण बन सकती है, ऐसे में इस प्रकार के शिविर समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top