सगाई टूटने के सदमे में युवक इंजीनियर ने उठाया खौफनाक कदम

सगाई के दौरान ली गई युवक और उसकी मंगेतर की तस्वीर, सगाई टूटने से पहले का दृश्य

✍️संतोष कुमार सोनी की रिपोर्ट
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सगाई टूटने से आहत इंजीनियर की आत्महत्या का यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस मानसिक दबाव, टूटते भरोसे और भावनात्मक अकेलेपन की तस्वीर भी है, जो आज के युवाओं को भीतर-ही-भीतर तोड़ देता है। कुछ दिनों पहले जिस रिश्ते को जीवन की नई शुरुआत माना जा रहा था, वही रिश्ता अचानक टूट जाए, तो उसका असर कितना गहरा हो सकता है—यह घटना उसी की भयावह मिसाल बनकर सामने आई है।

किराये के कमरे में अकेलेपन ने ले ली जान

मामला उत्तराखंड के नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्र का है, जहां एक निजी टेलीकॉम कंपनी में कार्यरत 28 वर्षीय इंजीनियर ने अपने ही किराये के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अपने चचेरे भाई के साथ रह रहा था और रोज़मर्रा की ज़िंदगी सामान्य ढंग से चल रही थी। किसी को अंदेशा नहीं था कि भीतर चल रही टूटन इतनी गंभीर हो चुकी है कि वह जीवन का अंत चुन लेगा।

भाई के जाते ही उठाया आत्मघाती कदम

गुरुवार की सुबह रोज़ की तरह उसका भाई काम पर निकल गया था। घर में अकेले रह जाने के बाद युवक ने कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद किया और पंखे के कुंडे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। शाम को जब भाई काम से लौटा और दरवाज़ा नहीं खुला, तो अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद दरवाज़ा तोड़कर शव बाहर निकाला गया।

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मोबाइल में मिला भावनात्मक दर्द का संकेत

पुलिस जांच के दौरान युवक की जेब से मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल की जांच में एक ऐसा तथ्य सामने आया जिसने पूरे मामले को और भावनात्मक बना दिया। आत्महत्या से पहले युवक ने अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर मंगेतर की फोटो लगाकर लिखा था—“धोखेबाज़, तू बदल गई।” यह एक पंक्ति उसके भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष और टूटे विश्वास की गवाही दे रही थी।

सगाई टूटने के बाद बदलता व्यवहार

परिजनों और भाई के अनुसार, युवक की सगाई अपने गृह जिले की ही एक युवती से हुई थी। कुछ महीनों पहले सगाई संपन्न हुई थी और शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था। लेकिन धीरे-धीरे हालात बदलने लगे। युवती ने फोन पर बात करना कम कर दिया और फिर पूरी तरह मना करने लगी। बाद में सगाई तोड़ दी गई। युवक बार-बार कहता था कि उसके साथ धोखा हुआ है और युवती किसी और से बात कर रही है।

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काम, जिम्मेदारी और भीतर का तनाव

युवक एक जिम्मेदार इंजीनियर था, जो निजी टेलीकॉम कंपनी में कार्यरत था। नौकरी के सिलसिले में वह अपने गांव से दूर रह रहा था। बाहर से देखने पर वह सामान्य और शांत स्वभाव का प्रतीत होता था, लेकिन सगाई टूटने के बाद वह अंदर ही अंदर टूटने लगा था। परिजन बताते हैं कि वह किसी से खुलकर अपनी पीड़ा साझा नहीं कर पा रहा था।

मरने से पहले आखिरी फोन कॉल

घटना वाले दिन दोपहर बाद युवक ने अपने भाई को फोन किया और खाने के बारे में पूछा। बातचीत पूरी तरह सामान्य थी। न आवाज़ में घबराहट थी, न शब्दों में कोई संकेत। यही वजह है कि भाई को किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ। लेकिन कुछ ही घंटों बाद जब वह घर लौटा, तो सामने जो दृश्य था, उसने सब कुछ बदल दिया।

पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच

सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का ताला तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और मोबाइल, कॉल डिटेल्स तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

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गांव में पसरा मातम

युवक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी तहसील क्षेत्र के एक गांव का निवासी था। जैसे ही आत्महत्या की सूचना गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक पढ़ा-लिखा, नौकरीपेशा युवक इस कदर टूट कैसे गया।

समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी

सगाई टूटने से आहत इंजीनियर की आत्महत्या का यह मामला समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। रिश्तों में आने वाले उतार-चढ़ाव, भावनात्मक अस्वीकार और संवाद की कमी युवाओं को किस हद तक मानसिक रूप से कमजोर कर सकती है—यह घटना उसी का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में परिवार और दोस्तों की भूमिका बेहद अहम होती है।

जांच जारी, सवाल कायम

फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी तरह का मानसिक उत्पीड़न या दबाव तो नहीं था। हालांकि, अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। लेकिन व्हाट्सऐप स्टेटस और परिजनों के बयान इस ओर इशारा करते हैं कि टूटे रिश्ते का दर्द इस फैसले की बड़ी वजह बना।

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