मालवीय चैलेंज कप के दूसरे मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को जबरदस्त रोमांच देखने को मिला, जहां सिवान की टीम ने मऊ को कड़े संघर्ष के बाद पांच विकेट से पराजित कर टूर्नामेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। यह मुकाबला न सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहा, बल्कि मैदान पर मौजूद दर्शकों, अतिथियों और आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका ने भी इस मैच को खास बना दिया। सीमित ओवरों के इस मुकाबले में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और रणनीति—तीनों का संतुलित संगम देखने को मिला।
मुख्य अतिथि की मौजूदगी ने बढ़ाया मुकाबले का गौरव
मालवीय चैलेंज कप के इस अहम मुकाबले के मुख्य अतिथि लार्जी ब्लॉक प्रमुख अमित सिंह ‘बबलू’ रहे। उनकी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और आयोजन को अतिरिक्त गरिमा प्रदान की। मैच से पहले उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खेल भावना बनाए रखने का संदेश दिया। आयोजन समिति के अनुसार, इस तरह के स्थानीय स्तर के टूर्नामेंट ग्रामीण व कस्बाई प्रतिभाओं को आगे लाने का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।
टॉस जीतकर मऊ ने चुनी बल्लेबाजी
मुकाबले में टॉस मऊ के पक्ष में गया और टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। निर्धारित 20 ओवरों में मऊ की टीम ने 9 विकेट के नुकसान पर 136 रन बनाए। हालांकि पिच बल्लेबाजों के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं दिखी, इसके बावजूद मऊ के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता के बीच संतुलन बनाते हुए स्कोर को सम्मानजनक स्तर तक पहुंचाया।
प्रियांशु यादव और शिवम यादव की अहम पारियां
मऊ की ओर से प्रियांशु यादव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 47 रनों की उपयोगी पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में स्ट्राइक रोटेशन के साथ समय-समय पर बाउंड्री लगाकर रन गति बनाए रखी। वहीं शिवम यादव ने 36 रनों का योगदान दिया और मध्यक्रम को संभालते हुए टीम को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया। इनके अलावा अन्य बल्लेबाज अपेक्षित योगदान नहीं दे सके, जिसका फायदा सिवान के गेंदबाजों ने उठाया।
सिवान के गेंदबाजों का अनुशासित प्रदर्शन
सिवान की ओर से गेंदबाजी में सतीश सबसे सफल रहे। उन्होंने कसी हुई लाइन-लेंथ के साथ तीन अहम विकेट झटके और मऊ के रन प्रवाह पर ब्रेक लगाया। सिवान के गेंदबाजों ने अतिरिक्त रन देने से परहेज किया, जिससे मऊ की टीम अंतिम ओवरों में बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
136 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सिवान
136 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सिवान की टीम ने शुरुआत से ही सकारात्मक रुख अपनाया। हालांकि बीच-बीच में विकेट गिरने से दबाव जरूर बना, लेकिन बल्लेबाजों ने संयम नहीं खोया। टीम ने 17.5 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सोनू गुप्ता की निर्णायक पारी
सिवान की जीत में सोनू गुप्ता की 40 रनों की पारी निर्णायक साबित हुई। उन्होंने समझदारी भरे शॉट चयन के साथ रन बटोरे और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। दूसरी ओर मऊ की ओर से गेंदबाजी करते हुए शिवम यादव ने तीन विकेट लेकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत दिलाने के लिए यह पर्याप्त नहीं रहा।
मैन ऑफ द मैच बने प्रियांशु यादव
हालांकि मऊ को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी ओर से शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रियांशु यादव को उनके हरफनमौला खेल के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। उनकी बल्लेबाजी ने यह साबित किया कि व्यक्तिगत प्रदर्शन कई बार टीम परिणाम से अलग पहचान बना लेता है।
आयोजन समिति और अंपायरों की भूमिका
आयोजन समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने बताया कि टूर्नामेंट का उद्देश्य क्षेत्रीय खिलाड़ियों को मंच देना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। मैच में अंपायर की भूमिका दिलीप साहनी और जिन श्रीवास्तव ने निभाई, जिन्होंने निष्पक्ष निर्णयों के साथ खेल को सुचारू रूप से संचालित किया।
अगले मुकाबले को लेकर उत्साह
मालवीय चैलेंज कप का रोमांच यहीं थमने वाला नहीं है। आयोजन समिति के अनुसार अगला मुकाबला देवरिया और समस्तीपुर के बीच खेला जाएगा, जिसे लेकर क्रिकेट प्रेमियों में पहले से ही उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय दर्शकों को उम्मीद है कि आने वाले मैच भी इसी तरह प्रतिस्पर्धात्मक और रोमांचक होंगे।








