इरफान अली लारी की रिपोर्ट
कहीं बारिश, कहीं ओले तो कहीं गर्मी का एहसास— यही तस्वीर इन दिनों उत्तर भारत के मौसम की बन गई है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिज़ाज अचानक बदला हुआ है। कहीं रुक-रुक कर बारिश हो रही है, कहीं तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि ने जनजीवन और खेती दोनों की चिंता बढ़ा दी है, तो कुछ इलाकों में दिन के समय हल्की गर्मी का अहसास भी बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक आने वाले 24 से 48 घंटे तक यह अस्थिरता बनी रह सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: क्यों बदला मौसम का मिज़ाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसमी सिस्टम है, जो भूमध्यसागर से उठकर हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंचता है। इसके सक्रिय होते ही उत्तर भारत के बड़े हिस्से में बादल छा जाते हैं, हवा की दिशा और गति बदल जाती है और नमी बढ़ने के कारण बारिश, ओले या बर्फबारी जैसी स्थितियां बनती हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों से लेकर उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक इसका व्यापक असर दर्ज किया जा रहा है।
राजधानी लखनऊ में बदला-बदला सा मौसम
राजधानी लखनऊ में मंगलवार रात से ही मौसम का मिज़ाज बदला हुआ नजर आया। बुधवार तड़के से बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो दिनभर रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ में सुबह बारिश की फुहारों के साथ शुरुआत होगी और दिन में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ठंडी हवाओं और नमी के कारण लोगों को हल्की ठंड का एहसास फिर से होने लगा है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ा
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। कहीं-कहीं बिजली चमकने और तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस क्षेत्र में बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं नमी बढ़ने से सुबह और शाम ठिठुरन का अहसास भी बढ़ गया है।
बुंदेलखंड में बारिश और कोहरे की दोहरी मार
बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रमुख शहर झांसी में सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर बाद करीब चार बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो रात साढ़े आठ बजे तक रुक-रुक कर जारी रही। बारिश के साथ बिजली कड़कने से मौसम और भी भयावह नजर आया। इस अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सरसों, चना और मटर जैसी फसलों पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिन में घना कोहरा छा सकता है, जिससे दृश्यता कम रहेगी।
सुल्तानपुर और बाराबंकी में ठंडी हवाओं का असर
सुल्तानपुर में मौसम ने अचानक करवट ली है। बादलों की घनघोर आवाजाही के बीच कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई। ठंडी हवाओं ने लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। सुबह का माहौल भीगी-भीगी ठंड के साथ शुरू हुआ। वहीं बाराबंकी में भी हल्की बारिश और ठंडी हवाओं का असर साफ नजर आया। दिन के तापमान में गिरावट के साथ-साथ रातें भी ज्यादा ठंडी महसूस की जा रही हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की चेतावनी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा तहसील क्षेत्र में कई स्थानों पर ओलावृष्टि की खबरें सामने आई हैं। अचानक गिरे ओलों से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। शामली में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 19.7 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में बर्फबारी से सर्दी चरम पर
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने पूरी तरह से सर्द रूप धारण कर लिया है। औली में भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे सड़कें बर्फ की मोटी परत से ढक गई हैं। बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों के लिए यह नजारा किसी जन्नत से कम नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह चुनौती भी बन गया है। वहीं हरिद्वार में बारिश के साथ ठंड का असर बढ़ गया है। देर रात से मौसम में आए बदलाव के कारण लोगों को ठिठुरन का अहसास होने लगा है।
मौसम विभाग की सलाह: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि बदलते मौसम के इस दौर में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं, बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी के आधार पर ही खेती से जुड़े फैसले लें। कुल मिलाकर, कहीं बारिश, कहीं ओले तो कहीं गर्मी का एहसास—यह बदला हुआ मौसम फिलहाल राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है।






