77 वे गणतंत्र दिवस पर लोक प्रिया ग्राम प्रधान रमेश सिंह कुशवाहा ने देवरिया जिले की भाटपार रानी तहसील अंतर्गत ग्राम सभा नोनार कपरदार में ऐसा आयोजन किया, जिसने गणतंत्र दिवस को केवल एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदना और जनसेवा के उत्सव में बदल दिया। ग्राम सचिवालय परिसर में आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी उपस्थिति रही, जहाँ राष्ट्रध्वज फहराने के साथ-साथ संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया।
यह आयोजन केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहा—कंबल वितरण, अंगवस्त्र सम्मान और सामूहिक सहभागिता ने इसे एक जीवंत सामाजिक उदाहरण बना दिया।
ग्राम सचिवालय में हुआ गरिमामय झंडारोहण
ग्राम सभा नोनार कपरदार के सचिवालय परिसर में 77 वे गणतंत्र दिवस पर लोक प्रिया ग्राम प्रधान रमेश सिंह कुशवाहा द्वारा पूरे विधि-विधान और गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने एक स्वर में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत दिखाई दिया। ध्वजारोहण के बाद अमर शहीदों को स्मरण करते हुए उनके बलिदान को नमन किया गया और यह संकल्प लिया गया कि संविधान के मूल आदर्शों की रक्षा सदैव की जाएगी।
अधिकारियों, शिक्षकों और ग्रामीणों की रही सहभागिता
इस अवसर पर तेज प्रताप ग्राम विकास अधिकारी, उमेश यादव तकनीकी सहायक, संतोष पटेल रोजगार सेवक, जितेंद्र पाल क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही कंपोजिट विद्यालय नोनार कपरदार के प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर प्रसाद की मौजूदगी ने शैक्षिक सहभागिता को भी मजबूती दी। ग्रामीणों में जाकिर हुसैन, कामेश्वर सिंह, सत्यनारायण कुशवाहा, राजेश सिंह, सगीर अंसारी, बैजनाथ प्रसाद, प्रदीप, मुन्ना अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
कंबल वितरण ने दिखाया मानवीय सरोकार
77 वे गणतंत्र दिवस पर लोक प्रिया ग्राम प्रधान रमेश सिंह कुशवाहा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सबसे खास झलक कंबल वितरण रही। सर्द मौसम को देखते हुए बुजुर्ग महिलाओं को बड़ी संख्या में कंबल वितरित किए गए। यह पहल केवल सहायता नहीं, बल्कि उस सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक थी, जिसमें सत्ता और सेवा का अंतर मिटता दिखाई देता है। बुजुर्ग महिलाओं के चेहरे पर संतोष और आत्मीयता साफ झलक रही थी।
पुरुष ग्रामीणों को अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मान
कंबल वितरण के साथ-साथ ग्राम प्रधान द्वारा पुरुष ग्रामीणों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान ग्रामीण समाज में आपसी विश्वास और सामूहिक सम्मान की भावना को और मजबूत करता है। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि ग्राम पंचायत केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का केंद्र भी है।
मिठाइयों से बढ़ी आयोजन की आत्मीयता
गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर ग्राम प्रधान द्वारा उपस्थित सभी लोगों को मिठाइयाँ भी वितरित की गईं। इससे पूरे आयोजन में आत्मीयता और अपनापन और अधिक गहराता चला गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ग्रामीणों का आशीर्वाद बना सबसे बड़ी पूंजी
कंबल और अंगवस्त्र पाकर ग्रामीणों ने लोक प्रिया ग्राम प्रधान रमेश सिंह कुशवाहा को दिल से मुबारकबाद दी और आशीर्वाद प्रदान किया। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से गांव में केवल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और भरोसे का माहौल बनता है। यह आयोजन इस बात का उदाहरण बना कि जनप्रतिनिधि यदि संवेदनशील हो, तो शासन और जनता के बीच की दूरी स्वतः समाप्त हो जाती है।
गणतंत्र दिवस बना सामाजिक एकता का प्रतीक
समग्र रूप से देखा जाए तो ग्राम सभा नोनार कपरदार में आयोजित यह कार्यक्रम 77 वे गणतंत्र दिवस पर लोक प्रिया ग्राम प्रधान रमेश सिंह कुशवाहा की सामाजिक प्रतिबद्धता, प्रशासनिक सक्रियता और मानवीय दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण बना। झंडारोहण, राष्ट्रगान, शहीदों का स्मरण, कंबल वितरण, अंगवस्त्र सम्मान और मिठाई वितरण—इन सभी पहलुओं ने मिलकर इस दिन को गांव के इतिहास में यादगार बना दिया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा कि लोकतंत्र केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य और सेवा का साझा नाम है।










