भाटपार रानी राष्ट्रीय मतदाता दिवस — लोकतंत्र की आत्मा को मजबूत करने का संकल्प

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मतदान करते नागरिकों और लोकतांत्रिक जागरूकता को दर्शाती सांकेतिक लैंडस्केप तस्वीर

इरफान अली लारी की रिपोर्ट
IMG-20260116-WA0015
previous arrow
next arrow

भाटपार रानी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को तहसील प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम ने लोकतांत्रिक चेतना को नई ऊर्जा दी। इस आयोजन का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं था, बल्कि नागरिकों—विशेषकर युवाओं—में मतदान के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और निर्भीक भागीदारी की भावना को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की मजबूती जनभागीदारी से ही संभव है।

मतदान: अधिकार के साथ कर्तव्य

मुख्य अतिथि तहसीलदार प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मतदान लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक दायित्व है कि वह निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करे। किसी भी प्रकार के भय, भ्रम या दबाव से मुक्त होकर मतदान करना ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि जब नागरिक जागरूक होकर मतदान करते हैं, तभी जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित होती है और शासन-प्रशासन जनहित की दिशा में प्रभावी निर्णय ले पाता है।

इसे भी पढें  जी एम एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा

युवा शक्ति और लोकतंत्र की नींव

विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा मतदाता लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं। यदि युवा वर्ग मतदान के महत्व को समझकर सक्रिय भागीदारी करे, तो नीतियों और नेतृत्व में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों, मॉक पोल और संवाद सत्रों के माध्यम से यह समझ विकसित की जानी चाहिए कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का माध्यम है।

कर्तव्य-बोध से ही सशक्त लोकतंत्र

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नायब तहसीलदार सुनील कुमार तिवारी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें, तो लोकतंत्र स्वतः मजबूत होता है। मतदान के माध्यम से ही नागरिक शासन की दिशा तय करते हैं और विकास की प्राथमिकताओं को आकार देते हैं।

इसे भी पढें  मासूमों का खून, युवाओं की हिंसा और संगठित अपराध — देवरिया ने 2025 में क्या-क्या झेला?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस: पृष्ठभूमि और उद्देश्य

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन हर वर्ष नागरिकों को मतदाता पंजीकरण, मतदान प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया जाता है। इस दिवस का मूल भाव यह है कि प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करे और चुनाव के दिन मतदान अवश्य करे। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विभिन्न जागरूकता अभियानों ने पिछले वर्षों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्थानीय सहभागिता और प्रशासनिक पहल

तहसील प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कर्मचारियों, शिक्षकों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। वक्ताओं ने मतदाता सूची के अद्यतन, नए मतदाताओं के पंजीकरण और दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की। प्रशासन ने यह भरोसा दिलाया कि निष्पक्ष और सुगम मतदान के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएंगी।

लोकतंत्र में संवाद और विश्वास

कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि निरंतर संवाद, पारदर्शिता और विश्वास का तंत्र है। मतदान के बाद भी नागरिकों की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती; उन्हें जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने, जनहित के मुद्दे उठाने और सकारात्मक सुझाव देने का अधिकार और कर्तव्य दोनों है।

इसे भी पढें  सीमा पर बसे इलाकों की बीमार व्यवस्था : इलाज के नाम पर रेफरल, जांच के नाम पर इंतज़ार

भाटपार रानी में लोकतांत्रिक चेतना का संदेश

भाटपार रानी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के इस आयोजन ने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि लोकतंत्र की मजबूती किसी एक संस्था या व्यक्ति पर निर्भर नहीं, बल्कि सामूहिक जागरूकता और सहभागिता से बनती है। जब प्रशासन, शिक्षा जगत और नागरिक एक मंच पर आकर मतदान के महत्व पर चर्चा करते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव पड़ती है।

निष्कर्ष

कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति निष्ठा और निर्भीक मतदान का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक निरंतर अभियान का हिस्सा है—ऐसा अभियान जो हर नागरिक को यह याद दिलाता है कि उसका एक वोट देश की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। भाटपार रानी राष्ट्रीय मतदाता दिवस ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि जब जागरूकता, जिम्मेदारी और सहभागिता एक साथ आती हैं, तो लोकतंत्र और अधिक सशक्त होता है।

देवरिया में आयोजित किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा उद्घाटन, लाभ वितरण और जनसभा को संबोधित करते हुए दृश्य
उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर देवरिया में आयोजित किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top